बिहार विधानसभा चुनाव: अतरी में रास्ते ही नहीं, हर पार्टी के लिए चुनाव की डगर भी मुश्किल
बिहार विधानसभा चुनाव: दशरथ मांझी के पुत्र भगीरथ मांझी यहां से टिकट चाहते हैं। कांग्रेस के नेताओं से उन्होंने अपनी बात भी कही है। अगस्त महीने में राहुल गांधी गया जी आए तो मंच पर भागीरथ मांझी को भी बैठाया। गहलौर में उनका घर भी बनवा दिया।

दशरथ मांझी ने पत्नी को दुख में देखकर पहाड़ काटकर रास्ता बना दिया था। जिससे उनकी पत्नी इलाज के लिए दूसरी तरफ जा सकें। आज यह रास्ता सुगम दिखता है। रास्ते को देखकर दशरथ मांझी का उनकी पत्नी के लिए प्यार, समर्पण समझा जा सकता है। आज यह रास्ता जितना आसान दिखता है उतना पहले नहीं था। अतरी विधानसभा चुनाव को लेकर भी कुछ ऐसी ही बातें कहीं जाती हैं। जितना आसान दिखता है, उतना है नहीं।
शायद यही वजह रही की जदयू की जिस मनोरमा देवी ने बेलागंज में 34 साल पुराना राजद की किला फतह कर लिया वह यहां से चुनाव हार गईं। उन्हें राजद के उम्मीदवार अजय कुमार यादव ने उन्हें शिकस्त दी। यहां से राजद के खिलाफ उम्मीदवार रहीं मनोरमा देवी को उपचुनाव में बेलागंज से जीत मिली। मनोरमा देवी जदयू से बेलागंज को लेकर लगातार मेहनत भी कर रही हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि अतरी में किसी नए उम्मीदवार को टिकट मिलेगा। एनडीए से जदयू के अलावे दूसरे दलों के नेता भी अतरी सीट से अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं।
जदयू और हम पार्टी के उम्मीदवार लगातार मेहनत कर रहे हैं। दशरथ मांझी के पुत्र भगीरथ मांझी यहां से टिकट चाहते हैं। कांग्रेस के नेताओं से उन्होंने अपनी बात भी कही है। अगस्त महीने में राहुल गांधी गया जी आए तो मंच पर भागीरथ मांझी को भी बैठाया। गहलौर में उनका घर भी बनवा दिया।
अतरी के विधायक अजय यादव उर्फ रंजीत यादव ने कहा कि हमने अतरी विधानसभा के हर गांव को पक्की सड़क से जोड़ा। गांव-गांव में हो रही पेयजल की समस्या को देखते हुए विधायक फंड से हर गांव में चापाकल लगवाया। स्कूल का भवन और बाउंड्री वॉल बनवाया। हर गांव और हर खेत तक बिजली पहुंचा।
यहां लोजपा से पूर्व विधायक प्रत्याशी, अरविंद सिंह ने कहा कि अतरी विधानसभा में आज भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। 25 साल से एक ही परिवार विधायक है फिर भी लोग प्यासे हैं। विधायक फंड का आधा पैसा पानी पर बर्बाद किया गया है। खेत में 20-20 फीट पर चापाकल लगाकर पैसा बर्बाद किया गया है। बिहार और केंद्र सरकार के पैसा से सड़क बन रहा है और हर जगह पर यह अपना नेम प्लेट लगा रहे हैं।
वायदे जो पूरे नहीं हुए
● तपोवन का नहीं हुआ विकास, मोहड़ा में ब्लॉक नहीं बना
● डिग्री कॉलेज, मांगुरा और पैमार नदी पर पुल नहीं बना
● सदर अस्पताल का नहीं हुआ निर्माण
पांच साल में जो बदलाव दिखे
● कई स्थानों पर सड़क का हुआ निर्माण
● खेतों तक पानी और गांव तक बिजली पहुंचाई गई
● गांव-गांव में पेयजल की सुविधा के लिए चापाकल की व्यवस्था
● बथानी में पावर ग्रिड का निर्माण
● कई स्कूल के भवन और चाहरदिवारी का निर्माण
इस बार चुनाव के मुद्दे
● अतरी में डिग्री कॉलेज कॉलेज की स्थापना,स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के साथ सदर अस्पताल का निर्माण
साल- प्रत्याशी और पार्टी
1952- रामेश्वर प्रसाद यादव-निर्दलीय
1957- शिवरतन सिंह-कांग्रेस
1962- शिवरतन सिंह-कांग्रेस
1967- किशोरी प्रसाद-निर्दलीय
1969- बालू लाल सिंह-भारतीय जन संघ
1972- महेश्वरी प्रसाद सिंह-निर्दलीय
1977- मुन्द्रिका सिंह-जनता पार्टी
1980- सुरेन्द्र प्रसाद-कांग्रेस
1985- रंजीत सिंह-कांग्रेस
1990- रंजीत सिंह-कांग्रेस
1995- राजेन्द्र प्र. यादव-जनता दल
2000- राजेन्द्र प्रसाद यादव-राजद
2005- कुंती देवी यादव-राजद
2010 कृष्णनंदन यादव-जदयू
2015 कुंती देवी यादव-राजद
2020 अजय कुमार यादव-राजद




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