I will consume poison but will not go with BJP, Ram Vilas Paswan- Son Chirag narrated the whole story जहर खा लूंगा, लेकिन भाजपा के साथ नहीं…; चिराग ने बताया कैसे रामविलास पासवान NDA में लौटे, Bihar Hindi News - Hindustan
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जहर खा लूंगा, लेकिन भाजपा के साथ नहीं…; चिराग ने बताया कैसे रामविलास पासवान NDA में लौटे

चिराग पासवान ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि कैसे उन्होंने अपने पिता रामविलास पासवान को भाजपा में शामिल होने के लिए मनाया था। जब पापा को पहली बार भाजपा के साथ गठबंधन करने के लिए कहा तो उनका बहुत स्ट्रॉन्ग रिएक्शन आया था।

Tue, 8 July 2025 11:57 AMRatan Gupta लाइव हिन्दुस्तान, पटना
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जहर खा लूंगा, लेकिन भाजपा के साथ नहीं…; चिराग ने बताया कैसे रामविलास पासवान NDA में लौटे

नौ बार लोकसभा सांसद और छह बार राज्यसभा सांसद रहे रामविलास पासवान ने अपने राजनीतिक सफर में देश के 6 प्रधानमंत्रियों के साथ काम किया है। रामविलास पासवान के भाजपा में फिर से शामिल होने की कहानी बड़ी दिलचस्प है। इसका जिक्र उनके बेटे चिराग पासवान ने एक इंटरव्यू के दौरान किया।

मैं जहर खा लूंगा, लेकिन भाजपा के साथ नहीं जाऊंगा

चिराग पासवान ने जिस्ट से बातचीत के दौरान बताया कि कैसे उन्होंने अपने पिता रामविलास पासवान को भाजपा में शामिल होने के लिए मनाया था। जब पापा को पहली बार भाजपा के साथ गठबंधन करने के लिए कहा तो उनका बहुत स्ट्रॉन्ग रिएक्शन आया था। 'मैं जहर खा लूंगा, लेकिन भाजपा के साथ नहीं जाऊंगा।' चिराग ने बताया कि इसके बाद उन्होंने पापा से कुछ नहीं कहा, क्योंकि मेरी हिम्मत ही नहीं हुई।

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भाजपा से जुड़ने से पहले राहुल से मिलने की कोशिशें

मगर इसके बाद परिस्थितियां खुद ही ऐसी बनने लगीं कि पापा भाजपा के साथ आए। इसके बाद चिराग ने एक और बात का जिक्र किया कि उस समय पापा राहुल गांधी से करीब तीन महीने तक मिलने की कोशिश करते रहे, लेकिन उन लोगों की मुलाकात नहीं हो पाई। चिराग ने बताया कि उस समय सोनिया गांधी ने पापा से राहुल गांधी से मिलने को कहा था, लेकिन ये मुलाकात हो ही नहीं पाई।

चिराग ने बताया कि हालांकि इस बीच पापा की मुलाकात सोनिया गांधी से हुईं थीं, लेकिन राहुल गांधी से नहीं मिल पाए। सोनिया गांधी लगातार मुलाकात कराने की बात कहती रहीं, लेकिन वो मुलाकात कभी नहीं हो पाई।

रामविलास पासवान का एनडीए छोड़कर वापस लौटना

आपको बताते चलें कि साल 2002 में गुजरात दंगे हुए थे। उस दौरान रामविलास पासवान एनडीए का हिस्सा थे और दंगों के चलते उन्होंने एनडीए को छोड़ दिया था। लेकिन, उस समय नीतीश कुमार ने एनडीए का दामन नहीं छोड़ा था। मगर फिर समय का पहिया घूमा और रामविलास पासवान ने एनडीए में वापसी की।

साल 2014 में जब नरेंद्र मोदी का नाम प्रधानमंत्री चेहरे के तौर पर बाहर आया तो नीतीश कुमार ने एनडीए को अलविदा कह दिया। जबकि रामविलास पासवान वापस एनडीए में आ गए।

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रामविलास ने इन छह प्रधानमंत्रियों के साथ किया काम

आपको बताते चलें कि रामविलास पासवान ने अपने 32 सालों के राजनीतिक करियर में कुल 11 चुनाव लड़े थे, जिसमें से 9 में जीत दर्ज की थी। इस दौरान रामविलास पासवान ने छह प्रधानमंत्रियों के साथ काम किया। इसमें वीपी सिंह, एचडी देवगौड़ा, इंद्रकुमार गुजराल, अटल बिहारी वाजपेयी, मनमोहन सिंह और नरेंद्र मोदी शामिल हैं।

आज चिराग पासवान अपने पिता की राजनीतिक जमीन को आगे ले जा रहे हैं। वो फिलहाल 'लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास' के नेता और अध्यक्ष हैं। चिराग फिलहाल बिहार के हाजीपुर लोकसभा सीट से सांसद और मोदी सरकार की कैबिनेट में मंत्री भी हैं। उनके पास खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की कमान है।

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