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घर में कितने कपल और कमरे कितने हैं, जनगणना में पूछे जाएंगे 33 सवाल; 17 अप्रैल से आगाज

Census Of India: घरों पर जाने वाले अधिकारी परिवार के संबंध में जानकारी प्राप्त करेंगे। जिसमें परिवार संख्या, घर में रहने वाले लोगों की संख्या, परिवार के मुखिया का नाम, मकान का स्वामित्व (स्वयं का या कराये का), रहने के कमरों की संख्या शामिल है। 

Tue, 7 April 2026 10:09 AMNishant Nandan हिन्दुस्तान टीम
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घर में कितने कपल और कमरे कितने हैं, जनगणना में पूछे जाएंगे 33 सवाल; 17 अप्रैल से आगाज

Census Of India: जनगणना 2027 का पहला चरण जिले में 17 अप्रैल से शुरू होगा। जो एक मई तक चलेगा। वहीं दूसरा चरण 2 से 31 मई चलेगा। प्रथम चरण में सूचीकरण व मकानों की गणना की जाएगी। इसमें स्वगणना डिजिटल माध्यम से होगा। गृहस्वामी अपने मोबाइल में एप डाउनलोड कर लेंगे। इसके बाद खुद से पूरी जानकारी भरेंगे। वहीं दूसरी चरण में प्रखंड के सभी बीडीओ व नगर परिषद और नगर पंचायत के ईओ से मदद ली जाएगी। इस बार की जनगणना में कुल 33 प्रकार के प्रश्न पूछें जायेंगे। इस आशय की जानकारी बिहार के बक्सर जिला सांख्यिकी पदाधिकारी मोती लाल दिनकर ने दी।

उन्होंने बताया कि जिले में जनसंख्या गणना के दौरान कोई गड़बड़ी नहीं हो इस बात को देखते कुल 72 अधिकारियों को ट्रेनिंग दिया जा चुका है। इन्हें मास्टर ट्रेनर रूप में नियुक्त किया गया है। यह 72 मास्टर ट्रेनर आगामी 13 से 28 अप्रैल तक जिले के सभी प्रगणक पर्यवेक्षक व फील्ड प्रगणक को ट्रेनिंग देंगे। एक इसके लिए विभिन्न विभागों के कर्मी व शिक्षकों को नियुक्त किया जा रहा है। ताकि इस कार्य का सही तरीके से व ससमय पूरा कर लिया जाए। जिला सांख्यिकी पदाधिकारी ने बताया कि इस बात जनगणना पूरी तरह से डिजिटल माध्यम से किया जा रहा है। जिससे किसी भी तरह की गड़बड़ी होने की कम संभावना है।

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परिवार की ली जाएगी जानकारी

घरों पर जाने वाले अधिकारी परिवार के संबंध में जानकारी प्राप्त करेंगे। जिसमें परिवार संख्या, घर में रहने वाले लोगों की संख्या, परिवार के मुखिया का नाम, मकान का स्वामित्व (स्वयं का या कराये का), रहने के कमरों की संख्या, विवाहित जोड़ों की संख्या आदि प्रश्न शामिल होंगे। पूरी जानकारी परिवार के मुखिया उपलब्ध करायेंगे।

सुविधाएं और बेसिक जरूरतें

जनगणना में जाने वाले प्रगणक परिवार को मिलने वाली सुविधाओं व बेसिक जरूरत के बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। इसमें पीने के पानी का मुख्य स्रोत, पानी घर के अंदर उपलब्ध है या नहीं, रोशनी का स्रोत, शौचालय की सुविधा, शौचालय का प्रकार, गंदे पानी की निकासी, नहाने की सुविधा, रसोई की सुविधा, खाना बनाने का ईंधन, एलपीजी कनेक्शन आदि के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे।

इसका मिल सकता है लाभ

शहरों में सड़कों, स्कूलों, अस्पतालों या पार्कों की प्लानिंग करने में भी यह मैप उपयोगी साबित होगा।

प्राथमिकता से बनाने की योजना तैयार की जा सकेंगी

अगर किसी जगह के घरों के डिजिटल लेआउट में बच्चों की अधिकता होगी तो पार्क और स्कूल प्राथमिकता से बनाने की योजना तैयार की जा सकेंगी। यदि किसी बस्ती में कच्चे मकानों या खराब घरों की अधिकता दिखेगी तो वहां किसी मेडिकल इमरजेंसी के समय तत्काल मोबाइल राहत वैन भेजी जा सकेंगी। आधार की पहचान के साथ जियो टैगिंग मतदाता सूची को सटीक और मजबूत बनाने में सहायक होगी। जब वोटर किसी भौगोलिक स्थान से डिजिटली जुड़ा होगा तो दोहरे पंजीकरण के समय उसके मूल निवास का पता भी सामने आएगा। इस जनगणना से कई तरह की कमियों को आसानी से दूर किया जा सकता है।

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