how daughter in law name will add in special voter list revision people facing tension मतदाता सूची पुनरीक्षण में बहू का नाम कैसे जुड़ेगा, ससुराल से मायके तक टेंशन, Bihar Hindi News - Hindustan
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मतदाता सूची पुनरीक्षण में बहू का नाम कैसे जुड़ेगा, ससुराल से मायके तक टेंशन

बिहार में यहां कई बहुएं ऐसी हैं, जिनके माता-पिता दोनों या एक जीवित नहीं हैं। इसको लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है कि इनके मतदाता फॉर्म के साथ किसका दस्तावेज संलग्न किया जाएगा। मीनापुर के एक बीएलओ ने बताया कि उनके पास ऐसा मामला आया है।

Sun, 6 July 2025 08:57 AMNishant Nandan लाइव हिन्दुस्तान
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मतदाता सूची पुनरीक्षण में बहू का नाम कैसे जुड़ेगा, ससुराल से मायके तक टेंशन

बिहार चुनाव से पहले राज्य में विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण का काम चल रहा है। इसमें सबसे अधिक भागदौड़ बहू का नाम जोड़वाने को लेकर हो रही है। ससुराल की मतदाता सूची में बहू का नाम तभी जुड़ेगा जब उनके माता-पिता का दस्तावेज उनके फॉर्म के साथ संलग्न किया जाएगा। इसको लेकर बहू के ससुराल से लेकर मायके तक भागदौड़ मची हुई है। इसमें दूर के मायके वाले बहुओं की परेशानी अधिक है।

माता-पिता जीवित नहीं वाली बहुओं को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं

कई बहुएं ऐसी हैं, जिनके माता-पिता दोनों या एक जीवित नहीं हैं। इसको लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है कि इनके मतदाता फॉर्म के साथ किसका दस्तावेज संलग्न किया जाएगा। मीनापुर के एक बीएलओ ने बताया कि उनके पास ऐसा मामला आया है। उन्हें पता नहीं है कि ऐसे मामले में अन्य किसका दस्तावेज फॉर्म के साथ संलग्न किया जाएगा।

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फिलहाल बहू का फॉर्म भर लिया गया है। इसके साथ संलग्न किए जाने वाले दस्तावेज के संबंध में अधिकारियों से मार्गदर्शन मांगा गया है। मार्गदर्शन के अनुसार दस्तावेजों के संलग्न करने के बाद इस फॉर्म को वह अपलोड करेंगे। ऐसी ही स्थिति एक जुलाई 1987 के बाद जन्म लिए मतदाताओं को लेकर है। इन मतदाताओं के फॉर्म के साथ उनके व माता-पिता में से किसी एक का दस्तावेज संलग्न करना है।

वहीं दो दिसंबर 2004 के बाद जन्म लिए मतदाताओं को उनके व माता-पिता दोनों का दस्तावेज संलग्न करना है। यह स्पष्ट नहीं कि ऐसे मतदाताओं के माता-पिता के जीवित नहीं रहने की स्थिति में किसका दस्तावेज फॉर्म के साथ संलग्न करना है। ऐसे मतदाता अपना नाम सूची में पुनरीक्षण कराने को लेकर परेशान हैं। इस संबंध में जिला उपनिर्वाचन पदाधिकारी सत्यप्रिय कुमार से संपर्क नहीं होने के कारण स्थित स्पष्ट नहीं हो सकी।

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व्हाट्सएप पर परिजनों का दस्तावेज मंगा रहे परिजन

मड़वन के बीएलओ ने बताया कि उन्हें एक ऐसा परिवार मिला है, जिनके नौ परिजन दिल्ली में रह रहे हैं। परिवार में एक व्यक्ति ही घर पर रह रहा है। दिल्ली रहनेवाले का दस्तावेज व्हाट्सएप या ई-मेल पर मंगाने का आश्वासन दिया गया है। पारू, साहेबगंज व कांटी के 50 घरों में ताला लगा मिला।

बीएलओ ने बताया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान उन्हें 50 से अधिक घर ऐसे मिले हैं, जिनमें ताला लगा हुआ है। उन घरों में रहनेवाले कहां है, यह सही-सही बतानेवाला कोई नहीं है। इन घरों पर स्टीकर तो चिपकाया गया है, लेकिन उनका फॉर्म नहीं भरा जा सका है।

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फॉर्म भरने में आसान राह चुन रहे बीएलओ

मड़वन, कांटी व पारू के कुछ बीएलओ ने बताया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम की शुरुआत में वे आसान राह चुन रहे हैं। फिलहाल ऐसे मतदाताओं पर फोकस है, जिनके पास दस्तावेज हैं। इनका फॉर्म भरकर एप पर अपलोड कर रहे हैं। इससे उन्हें अपनी उपलब्धि दिखाने में आसानी हो रही है। इससे उनका काम भी हो रहा है और वे कार्रवाई से बच भी रहे हैं।

पेचीदा मामले में फॉर्म भरकर अपने पास रख रहे हैं। मतदाताओं पर निर्धारित दस्तावेज उपलब्ध कराने का दबाव दे रहे हैं। जब दस्तावेज उपलब्ध कराया जाएगा तभी इसे एप पर अपलोड किया जाएगा।

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