मां के पास सिर्फ आधार कार्ड है, वोट दे सकती हैं क्या.., मतदाता सूची पुनरीक्षण पर चुनाव आयोग से सवालों की बौछार
सीईओ, बिहार और भारत निर्वाचन आयोग के फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम हैंडल्स पर प्रतिदिन औसतन पांच हजार लोग सर्च कर रहे हैं। इनमें विभिन्न जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी के सोशल मीडिया हैडल्स भी शामिल हैं। इनमें प्रतिदिन औसत 150 से अधिक टिप्पणियां हो रही हैं।

बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर लोगों के मन में तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं। पात्र मतदाता चुनाव आयोग और बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के सोशल मीडिया हैंडल्स पर कई सवाल पूछ रहे हैं। अपने विचार के अनुसार सलाह और सूचनाएं भी दर्ज कर रहे हैं। चुनाव आयोग के संदेशों को पसंद करने वाले भी हैं। बिहार के बाहर रह रहे मतदाता भी सोशल मीडिया हैंडल्स पर ऑनलाइन जवाब मांग रहे हैं। हालांकि, ऑनलाइन सवाल अनुत्तरित रह रहे हैं क्योंकि जवाब के लिए आयोग ने टोल फ्री नम्बर के कॉल को ही माध्यम बना रखा है।
माता-पिता का नाम ही 2003 की सूची में गलत हो तो क्या करें : मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी बिहार के एक्स हैंडल को शनिवार को 6633 लोगों ने शाम सात बजे तक देखा। ये ठीक कर के दिखाओ @ राज पूछते हैं कि अगर 2003 की सूची में माता पिता या कोई एक का नाम गलत हो तो क्या किया जाए, इसे सही कैसे साबित करें। अतिरिक्त डॉक्यूमेंट या आगे साल के वोटर लिस्ट की कॉपी अपलोड करने का ऑप्शन दिया जाए। सोनू कुमार लिखते हैं कि कौन सा 11 दस्तावेज ? जो दूसरे राज्य में कमाने-खाने गए हैं, वे लोग अपना काम छोड़ यही बकवास चीजें करने आएंगे।
केशव सिंह लिखते हैं कि 11 दस्तावेज का जिक्र तो ठीक है, कई लोग ऐसे जिनके पास इनमें से कोई भी दस्तावेज नहीं है। ऐसे में उन्हें क्या करना चाहिए? कृष लिखते हैं कि हमारी मां के पास सिर्फ आधार और पैन कार्ड है, वो कैसे वोट दे सकेंगी ? जिशान अली पूछते हैं कि आवासीय प्रमाण पत्र वैलिड है या नहीं ? मेउ @ बिहारी गर्ल लिखती है कि नालंदा के इस्लामपुर में उनके घर बीएलओ आ क्यों नहीं रहा है ? वहीं होप इंडिया की ओर से पूरे 11 दस्तावेजों की सूची अपलोड कर दी गई है। बिहार प्राथमिक शिक्षक संघ ने 80-90% शिक्षकों के वोटर सत्यापन कार्य में लगाए जाने से विद्यालय में बचे शिक्षकों को हो रही परेशानी, विद्यालय संचालन पर ही सवाल उठाए हैं। रोहन एम भिंडे लिखते हैं कि फिल्म की क्लिप चलाने से क्या भ्रम दूर होगा...फैला तो आप ही रहे है। भारत निर्वाचन आयोग के एक्स हैडल पर भी सवाल किए जा रहे हैं।
औसतन पांच हजार लोग देख रहे सोशल मीडिया हैंडल्स
सीईओ, बिहार और भारत निर्वाचन आयोग के फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम हैंडल्स पर प्रतिदिन औसतन पांच हजार लोग सर्च कर रहे हैं। इनमें विभिन्न जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी के सोशल मीडिया हैडल्स भी शामिल हैं। इनमें प्रतिदिन औसत 150 से अधिक टिप्पणियां हो रही हैं। इनमें शिकायत, सलाह, सूचना मांगे जाने और लोगों के विचार शामिल हैं।
टोल फ्री नंबर 1800-345-1950 पर जानकारी ले सकते हैं आमलोग
बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल ने बताया कि मतदाता हेल्पलाइन लगातार सक्रिय है। वोटर हेल्पलाइन 1950 पर फोन कर जानकारी ली जा सकती है। यदि फोन करने वाले अन्य जिले के संपर्क केंद्र में कॉल करना चाहते हैं तो एसटीडी नंबर और 1950 डॉयल करें। वहीं, राज्य स्तरीय संपर्क केंद्र के टोल फ्री नंबर 1800-345-1950 पर भी डायल कर मतदाता पुनरीक्षण से जुड़ी जानकारी हासिल की जा सकती है।




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