बेटे के मर्डर केस में 3 साल बाद मिली जो तारीख, उसी समय गोपाल खेमका का श्राद्ध है
बिहार के व्यापारी गोपाल खेमका मर्डर केस में शूटर उमेश यादव, सुपारी देने वाला कारोबारी अशोक साह पुलिस की गिरफ्त में हैं। गोपाल की हत्या के 11वें दिन 15 जुलाई को वैशाली कोर्ट में बेटे गुंजन की हत्या केस की सुनवाई है।

जमीन विवाद में खूनी रंजिश पाल बैठे कारोबारी अशोक साह की साजिश का शिकार बन गए व्यापारी गोपाल खेमका की हत्या के 11वें दिन, जब पटना में उनका श्राद्ध चल रहा होगा, तब वैशाली कोर्ट में बड़े बेटे गुंजन खेमका की हत्या के केस में सुनवाई हो रही होगी। वैशाली कोर्ट में गुंजन खेमका हत्याकांड में चार्जशीट दाखिल होने के बाद 15 जुलाई को दूसरी सुनवाई है। पुलिस के आरोप पत्र पर पहली सुनवाई 2022 में हुई थी और उसके तीन साल बाद यह दूसरी तारीख मिली थी। गुंजन खेमका मर्डर केस में गोपाल ने ही प्राथमिकी दर्ज कराई थी जिसमें चार लोगों के खिलाफ चार्जशीट फाइल हुई थी।
गोपाल खेमका हत्याकांड में गिरफ्तार शूटर उमेश यादव और साजिशकर्ता अशोक साह की कहानी बताने के लिए बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने कोर्ट में डेट की बात बताई। 2018 में जब गुंजन की हत्या हुई थी, तब विनय कुमार सीआईडी के एडीजी थे और जांच के लिए वैशाली भी गए थे। उन्होंने बताया कि गुंजन के केस में चार लोगों के खिलाफ चार्जशीट हुई थी। एक आरोपी मस्तु सिंह की जेल से निकलने के बाद हत्या हो गई थी। बाकी आरोपियों का ट्रायल होगा। डीजीपी ने कहा कि गोपाल खेमका के केस में गुंजन हत्याकांड के आरोपियों की संभावित भूमिका भी अनुसंधान के दायरे में है।
जमीन विवाद में हत्या, 4 लाख में डील, डेढ़ महीने की रेकी; गोपाल खेमका मर्डर केस में पुलिस का खुलासा
बता दें कि पुलिस ने गोपाल खेमका हत्याकांड का मंगलवार को खुलासा किया और दावा किया है कि अशोक साह ने जमीन के किसी विवाद में गोपाल खेमका की हत्या की साजिश रची और उमेश यादव को 4 लाख रुपये की सुपारी दी। उमेश यादव को अशोक साह ने खेमका के बारे में सारी जानकारी दी। उमेश ने 5 जुलाई की रात 11.38 बजे गांधी मैदान थाना के पास गोपाल के अपार्टमेंट के गेंट पर ही उनको गोली मार दी। पुलिस ने सीसीटीवी, मोबाइल सर्विलांस जैसे तकनीक की मदद से इस केस को सुलझाने का दावा किया है।




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