प्रशांत किशोर समेत 300 पर एफआईआर, पटना पुलिस का यह आरोप; विधानसभा मार्च में हुआ था बवाल
प्रशांत किशोर पर पटना से सचिवालय थाने में केस दर्ज किया गया है। इस केस में प्रशांत किशोर के साथ प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती, जन सुराज में शामिल चर्चित यूट्यूबर मनीष कश्यप समेत तीन सौ लोगों को आरोपी बनाया गया है।

जनसुराज के संयोजक प्रशांत किशोर उर्फ पीके पर पटना के सचिवालय थाने में एफआईआर दर्ज किया गया है। केस में पीके के तीन सौ समर्थकों को आरोपी बनाया गया है। बुधवार को जन सुराज ने विधानसभा मार्च का आयोजन किया था जिसमें राज्य भर से जन सुराज लीडर और वर्कर जुटे थे। पुलिस न टीम पीके पर लाठी चार्ज भी किया था।
पटना का माहौल गुरुवार को काफी गर्म रहा। एक ओर विधानमंडल के मानसून सत्र में एसआईआर पर सियासत का पारा हाई रहा तो दूसरी ओर प्रशांत किशोर के समर्थकों ने पटना की सड़कों पर भारी बवाल काटा। जन सुराज ने अपनी तीन मांगों को लेकर विधानसभा घेराव का ऐलान कर रखा था। जब पार्टी का जत्था प्रशांत के नेतृत्व में विधानसभा की ओर आगे बढ़ा तो पुलिस ने रोक दिया। दोनों ओर से जमकर तीखी बहस और झड़प हुई। पुलिस ने लाठी चार्ज करके भीड़ को तितर वितर कर दिया। इस दौरान कई कार्यकर्ताओं को चोट भी आई।
इसी मामले में प्रशांत किशोर पर पटना से सचिवालय थाने में केस दर्ज किया गया है। इस केस में प्रशांत किशोर के साथ प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती, जन सुराज में शामिल चर्चित यूट्यूबर मनीष कश्यप समेत तीन सौ लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस के साथ झड़प, माहौल बिगाड़ने और प्रतिबंधित क्षेत्र में जमावड़ा लगाकर निषेधाज्ञां के उल्लंघन के आरोप में यह केस दर्ज किया गया है।
गुरुवार को पटना में प्रशांत किशोर ने एक प्रकार से शक्ति प्रदर्शन किया। गरीब परिवारों को तीन डिस्मिल जमीन, 94 लाख परिवारों को दो दो लाख की सहायता राशि और जमीन सर्वे में भ्रष्टाचार खत्म करने के मुद्दों पर प्रशांत किशोर ने पहले से विधानभा मार्च की घोषणा कर रखी थी। मार्च के दौैरान पुलिस से प्रशांत की जोरदार नोकझोंक हुई। कार्यकर्ताओं पर लाठी चार्ज के बाद पीके ने उनपर लाठी चलाने की चुनौती दी।




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