drying rivers of Bihar will revive Nitish minister vijay choudhary said about plan बिहार की सूख रहीं नदियों में फिर पानी बहेगा, नीतीश के मंत्री ने बताया- अमित शाह की बैठक में मिली यह मंजूरी, Bihar Hindi News - Hindustan
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बिहार की सूख रहीं नदियों में फिर पानी बहेगा, नीतीश के मंत्री ने बताया- अमित शाह की बैठक में मिली यह मंजूरी

पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में सहमति मिलने के बाद गाद प्रबंधन नीति बनने का रास्ता साफ हो गया है। इससे नदियों में बाढ़ और सुखाड़ दोनों की समस्या से निजात मिलेगी।

Sat, 12 July 2025 06:09 AMSudhir Kumar पटना, हिन्दुस्तान ब्यूरो
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बिहार की सूख रहीं नदियों में फिर पानी बहेगा, नीतीश के मंत्री ने बताया- अमित शाह की बैठक में मिली यह मंजूरी

जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा है कि गाद के कारण बिहार की नदियां मरणासन्न स्थिति में आ गई हैं। इन्हें जीवंत रखने के लिए इनके पेट से गाद हटाना आवश्यक है। साथ ही इससे बिहार में हर साल आने वाली बाढ़ से भी राहत मिलेगी। विभाग के सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में मंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में रांची में गुरुवार को हुई पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक गाद प्रबंधन नीति बनाने पर सहमति मिली है।

बिहार वर्ष 2012-13 से ही राष्ट्रीय गाद प्रबंधन नीति बनाने की मांग कर रहा है। पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में सहमति मिलने के बाद गाद प्रबंधन नीति बनने का रास्ता साफ हो गया है। गाद हटाए बिना बाढ़ की समस्या का समाधान नहीं हो सकता है। गंगा नदी में कोसी, कमला, बागमती, गंडक आदि नदियों से आने वाली गाद के कारण राज्य हर साल बाढ़ की विभिषिका झेलता है। उन्होंने यह भी कहा कि परिषद की बैठक में इंद्रपुरी जलाशय परियोजना पर सहमति बनी। इससे भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, पटना, गया और अरवल जिले में सिंचाई की स्थायी सुविधा मिलेगी। इसके तहत सोन नदी का 5.75 मिलियन एकड़ फीट पानी बिहार और दो मिलियन एकड़ फीट झारखंड को मिलेगा।

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महानंदा नदी पर तैयबपुर में बनेगा बराज

जल संसाधन मंत्री ने कहा कि बिहार और पश्चिम बंगाल के बीच 1978 में समझौते के अनुसार महानंद बेसिन में पश्चिम बंगाल द्वारा फुलबारी में बनाए गए बराज से बिहार की 67 हजार एकड़ भूमि की सिंचाई के लिए जल उपलब्ध कराने का प्रावधान है।

इसको लेकर वर्ष 1983 में अपर महानंदा सिंचाई योजना तैयार की गई, लेकिन पश्चिम बंगाल के सहयोग नहीं करने से इसका कार्यान्वयन नहीं हो पा रहा है। इस स्थिति में बिहार द्वारा महानंदी नदी पर तैयबपुर में बराज बनाने की डीपीआर तैयार की जा रही है। परिषद की बैठक में सहमति बनी कि तैयबपुर बराज के लिए पश्चिम बंगाल सरकार की सहमति की आवश्यकता नहीं है।

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