महागठबंधन का डिप्टी सीएम बनूंगा, लेकिन मोदी के लिए जान दे दूंगा अगर... मुकेश सहनी फिर डांवाडोल
मुकेश सहनी ने कहा है कि महाठबंधन की सरकार बनती है तो डिप्टी सीएम बनेंगे। कर्पूरी ठाकुर के बाद बिहार में कोई अति पिछड़ा में लीडरशीप उभरा है। लेकिन, पीएम मोदी ने चुनाव से पहले निषाद जाति को आरक्षण दे दिया उनके लिए जान भी दे देंगे।

विकासशील इंसान पार्टी, वीआईपी के सुप्रीमो और खुद को सन ऑफ मल्लाह कहने वाले पूर्व मंत्री मुकेश सहनी के एक बयान से बिहार का सियासी पारा हाई हो गया है। सीट बंटवारे से पहले उन्होंने फिर दावा किया है कि महागठबंधन सत्ता में आी तो डिप्टी सीएम बनेंगे। इसके साथ-साथ उन्होंने यह भी कह दिया है कि नरेंद्र मोदी(बीजेपी ने) निषाद जाति को आरक्षण दे दिया तो उनके लिए जान भी दे देंगे। इस बयान को लेकर मुकेश सहनी पर इंडिया अलायंस में खलबली मच गई है। कांग्रेस ने आपत्ति जताते हुए तेजस्वी यादव से इस पर हस्तक्षेप करने की मांग की है। कांग्रेस नेता प्रेमचंद मिश्रा ने मुकेश सहनी की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा है कि यह कांग्रेस को स्वीकार नहीं है।
मुकेश सहनी ने एक न्यूज चैनल के साथ बात करते हुए कहा है कि बिहार में महाठबंधन की सरकार बनती है तो वे डिप्टी सीएम बनेंगे। कर्पूरी ठाकुर के बाद बिहार में कोई अति पिछड़ा में लीडरशीप उभरा है। उन्होंने विधानसभा चुनाव में 60 सीटों पर दावा किया है। कहा है कि पिछले 12 सालों से अपने समाज(निषाद) के लोगों के आरक्षण के लिए खून पसीना बहाकर लड़ाई लड़ी है। मैं मंत्री था और विधायक भी। चाहता तो मोदी जी जिंदाबाद करके सटा रहता।
चुनाव से पहले आरक्षण लागू कर दें तो प्राण दे देंगे
जब उनसे पूछा गया कि अगर मोदी जी निषाद समाज को आरक्षण दे देते हैं तो महागठबंधन छोड़कर उनके साथ चले जाएंगे तो मुकेश सहनी ने जोर देते हुए कहा कि मोदी जी के लिए प्राण तक दे देंगे। अगर चुनाव से पहले मोदी आरक्षण लागू कर दें तो हमसे प्राण मांगेंगे तो दे देंगे। हमारी लड़ाई निषाद समाज के रिजर्वेशन के लिए है। महागठबंधन में सीट बंटवारे के सवाल पर कहा कि इंटरनली 90 प्रतिशत तक सब कुछ फाइनल हो चुका है। दस प्रतिशत बाकी है उसे हैंडल करना है। कहा कि हमारा वोट 12 प्रतिशत है और अपने जनाधार को देखते हुए कार्यकारिणी में 60 सीटों पर फैसला हुआ। चार- पांच सीट इधर उधर हो जाए तो कोई बात नहीं।
भाजपा के चुनाव प्रचार से राजनीति में उतरे थे मुकेश सहनी
2015 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए प्रचार से राजनीति में उतरे मुकेश सहनी की पार्टी ने 2019 और 2024 का लोकसभा चुनाव महागठबंधन के साथ लड़ा और दोनों बार तीन-तीन सीट लड़कर जीरो पर आउट हो गई। 2020 के विधानसभा चुनाव में महागठंधन से सीट पर बात नहीं बनने पर सीट शेयरिंग की घोषणा के लिए बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस से मुकेश सहनी उठकर चले गए थे और कहा था कि उनकी पीठ में छूरा मारा गया है। मुकेश सहनी बाद में एनडीए में गए और 11 सीट मिली, जिसमें 4 जीते। एक सीट 2022 के उपचुनाव में हार गए। यूपी में भाजपा के खिलाफ चुनाव लड़ने के कारण बाकी तीन विधायक भाजपा में शामिल हो गए।
कांग्रेस को आपत्ति
मुकेश सहनी के इस बयान से कांग्रेस पार्टी ने गहरी नाराजगी और आपत्ति जताई है। पार्टी नेता प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा है कि गठबंधन के साथियों को कोई भी बात बैठक में रखना चाहिए ना कि मीडिया में। सीटों के बंटवारे पर अभी कोई बात नहीं हुई है। मुकेश सहनी का बयान प्री मैच्योर है। उन्होंने तेजस्वी यादव से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। वे महागठबंधन में शामिल हैं और बीजेपी-जेडीयू पर कुछ कहने के बजाए कांग्रेस पर आधारहीन आरोप लगाते हैं। यह स्वीकार नहीं है।




साइन इन