थाइलैंड, कंबोडिया और लाओस से जुड़े साइबर नेटवर्क से बिहार में ठगी, घोस्ट अकाउंट के आगे पुलिस भी बेबस
साइबर डीएसपी, हिमांशु कुमार ने कहा कि फिशिंग एप, लिंक और फिशिंग वेबसाइट से ठगी के ज्यादातर मामलों के तार विदेशी साइबर शातिरों से जुड़े होने के कारण इसका सुराग ढूंढ पाना कठिन होता है। छद्म तरीके से खोले गए बैंक खातों में ठगी की राशि ली जाती है।

थाइलैंड, कंबोडिया व लाओस के साइबर नेटवर्क से जुड़े शातिर फिशिंग एप और लिंक के जरिए ठगी का नेटवर्क चला रहे हैं। विभिन्न नामी कंपनियों के नाम से मिलती-जुलती फिशिंग वेबसाइट, लिंक और शेयर ट्रेडिंग एप से ठगी की जा रही है। उत्तर बिहार में बीते तीन माह में करीब दो करोड़ रुपये की ठगी के मामले दर्ज हुए हैं। ठगी के ज्यादातर पैसे राजस्थान, गुजरात व अन्य प्रदेश के बैंकों में खोले गए घोस्ट खातों में मंगाए गए हैं। इन खातों का ब्योरा भी पुलिस नहीं ले पा रही है। तिरहुत व चंपारण रेंज के साइबर थानों और नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर लगातार ऐसी शिकायतें की जा रही है। विदेशी लिंक से जुड़े साइबर शातिरों का नेटवर्क पुलिस खंगाल नहीं पा रही है, जिससे ठगी के इन मामलों का खुलासा नहीं हो पा रहा है।
शिक्षक से फिशिंग लिंक के माध्यम से ठगे 17.35 लाख
खरौना स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय के शिक्षक दिपांशु कुमार को साइबर शातिरों ने फिशिंग लिंक भेज 17.35 लाख रुपये ठग लिये। शातिर ने सारा काम अमेरिका में रियल स्टेट के काम से जुड़े रेंट डॉट कॉम से मिलती-जुलती क्लोन फिशिंग वेबसाइट के लिंक के जरिए किया। शातिरों ने निवेश का टास्क सौंपा और वह रुपये लगाते चले गए। दिपांशु से सारा पैसा राजस्थान के श्रीगंगानगर, चितौरगढ़, गुजरात के भुज के बैंक खातों में लिए गए। पुलिस की प्रारंभिक जांच में शातिरों के सुराग कंबोडिया से जुड़े होने के साक्ष्य आए।
फर्जी कंपनी के शेयर एप से डॉक्टर को लगाया चूना
कन्हौली खादी भंडार रोड निवासी डॉ. अजय कुमार से फर्जी कंपनी का शेयर एप डाउन लोड कराकर 3.36 लाख रुपये ठग लिये। व्हाट्सएप मैसेज के जरिए शातिरों ने संपर्क किया। फिर उन्हें शेयर में निवेश पर बेहतर आमदनी का झांसा दिया। शातिरों ने ठगी के पैसे तिरुवानमियूर (तमिलनाडु), वनस्थलीपुरम और नोएडा के घोस्ट बैंक खातों में मंगवाए। पुलिस की प्रारंभिक जांच में ठगी के तार लाओस के शातिरों से जुड़े होने के साक्ष्य आए। हालांकि, मामले का पुलिस खुलासा नहीं कर पाई है।
व्यवसाई से यूपीआई के फिशिंग एप से की ठगी
भगवानपुर श्रीरामपुरी मोहल्ला के व्यवसायी संतोष कुमार को शातिरों ने यूपीआई के मोबीक्विक से जैसा फिशिंग एप से फांसाया। डाउनलोड करने के बाद संतोष का मोबाइल हैक हो गया। इसके बाद उनके खाते से 5.63 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। ठगी की राशि अलग-अलग राज्यों के बैंक खातों में स्थानांतरित की गई है। इस ठगी का नेटवर्क भी विदेश से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में इसके साक्ष्य मिले हैं। पुलिस बैंक खातों के जरिए जांच को आगे बढ़ा रही है।
साइबर डीएसपी, हिमांशु कुमार ने कहा कि फिशिंग एप, लिंक और फिशिंग वेबसाइट से ठगी के ज्यादातर मामलों के तार विदेशी साइबर शातिरों से जुड़े होने के कारण इसका सुराग ढूंढ पाना कठिन होता है। छद्म तरीके से खोले गए बैंक खातों में ठगी की राशि ली जाती है। बैंक खातों के जरिए कई कांडों के सुराग ढूंढे जा रहे हैं।




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