8 लाख डिमांड, 6 लाख में सौदा, घूस की पहली किस्त के 3 लाख लेते धरा गया सासाराम का भ्रष्ट सीओ
परिमार्जन के लिए सीओ ने आठ लाख मांगे थे। सौदा छह लाख में तय हुआ। पहली किस्त तीन लाख लेने के लिए शुक्रवार को राजस्व कर्मी राकेश कुमार को शिवसागर क्षेत्र के मोरसराय में सीओ आवास पर बुलाया गया था।

Bihar News: बिहार के सासाराम में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने 3 लाख घूस लेने के आरोप में सासाराम सदर के सीओ आकाश रौनियार को गिरफ्तार कर लिया। सीओ के निजी कर्मी सोनू कुमार तथा सिविल सर्जन कार्यालय के लिपिक सतीश कुमार को शुक्रवार को गिरफ्तार किया है। सीओ पर अपने ही राजस्व कर्मचारी से घूस मांगने का आरोप है। इस कार्रवाई से राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। निगरानी टीम गिरफ्तार सीओ से पूछताछ कर रही है।
बताया जाता है कि परिमार्जन के लिए सीओ ने आठ लाख मांगे थे। सौदा छह लाख में तय हुआ। पहली किस्त तीन लाख लेने के लिए शुक्रवार को राजस्व कर्मी राकेश कुमार को शिवसागर क्षेत्र के मोरसराय में सीओ आवास पर बुलाया गया था। निगरानी के डीएसपी पवन कुमार ने बताया कि सीओ ने राशि लेने के लिए निजी कर्मी सोनू कुमार को भेजा था। जैसे ही सोनू ने तीन लाख लिये, निगरानी ने उसे दबोच लिया। इसके बाद सीओ को गिरफ्तार कर लिया गया।
निगरानी की दूसरी टीम ने सिविल सर्जन कार्यालय के लिपिक सतीश कुमार को 20 हजार घूस लेते गिरफ्तार किया। आरोप है कि संझौली पीएचसी में कार्यरत अकाउंटेंट सुनीता कुमारी से पदस्थापन के नाम पर रिश्वत मांगी जा रही थी। बताया जा रहा है कि सीओ म्यूटेशन और परिमार्जन के मामलों में मोटी रकम की मांग करते थे। निगरानी विभाग की इस कार्रवाई से जिले के सरकारी कार्यालयों में हड़कंप मच गया है।
सूत्रों के अनुसार, सासाराम अंचल कार्यालय में म्यूटेशन और परिमार्जन से जुड़े मामलों में रिश्वत का कथित नेटवर्क लंबे समय से चल रहा था। आरोप है कि सीओ अपने ही राजस्व कर्मचारियों पर दबाव बनाकर प्रत्येक म्यूटेशन मामले में 50 हजार रुपये की मांग करते थे। राशि नहीं देने पर कार्रवाई करने की धमकी देते थे। बताया जाता है कि वाद संख्या 4499/25-26 के परिमार्जन मामले में सीओ आकाश रौनियार ने आठ लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी। बाद में बातचीत छह लाख रुपये पर तय हुई। पहली किस्त के रूप में तीन लाख देने की योजना बनाई गई थी।
गिरफ्तारी के बाद मची खलबली
सीओ और उनके निजी कर्मी की गिरफ्तारी की खबर आग की तरह पूरे जिले में फैल गई। अंचल कार्यालय में दिनभर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। आमलोगों के बीच भी चर्चा रही कि लंबे समय से म्यूटेशन और परिमार्जन के नाम पर वसूली की शिकायतें मिल रही थीं। निगरानी विभाग फिलहाल दोनों आरोपितों से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
निजी कर्मी सोनू के जरिए सदर सीओ लेते थे रिश्वत
निगरानी विभाग की जांच में यह भी सामने आया कि सदर सीओ अपने निजी कर्मी सोनू कुमार के माध्यम से आवास पर ही म्यूटेशन और अन्य राजस्व संबंधी कार्य कराते थे। शुक्रवार को राजस्व कर्मचारी राकेश कुमार तीन लाख रुपये लेकर शिवसागर थाना क्षेत्र के मोरसराय स्थित सीओ आवास पहुंचे थे।
टीम ने मामले की जांच की
पीड़ित राजस्व कर्मचारी राकेश कुमार ने 11 मई 2026 को निगरानी विभाग में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। निगरानी विभाग की टीम ने मामले का सत्यापन किया। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद ट्रैप की योजना बनाई गई। निगरानी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्य भी जुटाए गए थे।




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