भाई ने पकड़ा, भतीजे ने हथियार से काट दिया सिर; बिहार के भागलपुर में जमीन के लिए रिश्ते का कत्ल
जमीन विवाद को लेकर पंचायत हुई थी। पंचायत में 20 लोग बैठे थे। जिन्होंने फैसला दिया। उसके बाद हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया।

बिहार के भागलपुर में जमीन के विवाद में भाई ने सगे भाई की बेटे की मदद से हत्या कर दी। रंगरा थाना क्षेत्र के जहांगीरपुर बैसी में गुरुवार की अहले सुबह भूमि विवाद में सगे भाई और उसके बेटे ने ही अपने भाई के सिर पर दबिया से प्रहार कर निर्मम हत्या कर दी। मृतक की पहचान कमलेश्वरी यादव (62) पिता बीरो यादव के रूप में हुई। घटना के बाद आरोपी फरार हो गए।
ग्रामीणों द्वारा घटना की सूचना रंगरा पुलिस को दी गई। सूचना मिलने पर रंगरा थानाध्यक्ष आशुतोष कुमार पुलिस बलों के साथ पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडल अस्पताल भिजवाया। मृतक की बड़ी बेटी बबली कुमारी ने पुलिस को बताया कि मेरे चाचा अंबिका यादव ने जमीन विवाद में मेरे पिता की हत्या की है।
बेटी को भी मारने दौड़ा था
कमलेश्वरी यादव की छोटी बेटी जूली ने कहा कि सुबह चाचा अंबिका यादव, उनकी पत्नी नूतन देवी ने मेरे पिताजी को पकड़ लिया था और उसके बेटे गौरव और सौरभ ने दबिया से सिर पर वार कर मेरे पिता की हत्या कर दी और जब मैं हंगामा करने लगी तो मुझको भी मारने दौड़े और कहा- तुमको भी मार देंगे। हत्या करने के बाद दोनों ने गरज कर कहा, तुम्हारे परिवार में जितने लोगों की शादी हुई है, सभी को मार देंगे नहीं तो जमीन छोड़ दो। उसने बताया कि पूरी घटना में अरुण यादव और पप्पू यादव भी शामिल हैं।
बबली ने बताया कि चाचा को नवगछिया बाजार की ढाई कट्ठा जमीन हिस्सा दिया था। वे लोग बैसी की जमीन में भी हिस्सा मांग रहे थे। थानाध्यक्ष आशुतोष कुमार ने बताया कि मामला पुराना है। कई बार पंचायत भी हुई है। पंचायत में बात मानने के बाद मृतक के भाई अंबिका यादव ने घटना को अंजाम दिया है।
पंचायती के बाद कत्ल
थानेदार ने बताया कि ये लोग थाना पर भी आए थे। मेरे पूछने पर अंबिका यादव ने कहा था कि हमलोग लड़ाई-झगड़ा नहीं करेंगे, लेकिन इसके बावजूद इनलोगों ने घटना को अंजाम दिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। जल्द आरोपी गिरफ्तार होंगे।
विवाद को लेकर हुई थी पंचायत, बाद में मुकर गए
बबली ने बताया कि जमीन विवाद को लेकर पंचायत हुई थी। पंचायत में 20 लोग बैठे थे। जिन्होंने फैसला दिया और उसमें कहा कि नवगछिया की जमीन तुमको मिल गयी है, यहां हिस्सा नहीं मिलेगा। चाचा ने पंचायत में कहा कि हम हिस्सा नहीं लेंगे हम छोड़ दिए और उसने पंचायत में फैसले पर हस्ताक्षर भी किया और फिर मुकर गए।
एक माह पहले भी भाई को कचिया से काटा था
बबली ने बताया कि एक माह पहले भी उसके चाचा के बेटा ने मेरे भाई सुमित के गले पर कचिया से वार किया था। जिसमें वह घायल हो गया था। मृतक के पुत्र हरीश यादव ने बताया कि ये लोग दबंग हैं। बार-बार घर घुसकर हमलोगों को मारते थे और जान मारने की धमकी देते थे। इसीलिए हमलोग घर में नहीं सोते थे। झगड़ा होने पर चाचा के ससुराल चापर से लोग आ जाते थे और मारपीट करते थे। हमलोग डर से मुखिया के घर में जाकर सोते थे। रात में भी दोनों वहीं सोए हुए थे। पिताजी उठकर घर आ रहे थे तभी उन्हें अकेला देखकर इनलोगों ने दबिया से वार कर उनकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद शव पर पत्नी और बेटी दहाड़ मारकर रो रही थी और कह रही थी पप्पू यादव और अरुण यादव (आरोपियों के रिश्तेदार) मरवाय देलके हो बाबू। हमरो सब के मारी देते, हमरो बच्चों को मार देते हो बाबू।




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