6 दिन ही बचे, बिहार में 32 लाख वोटरों का सत्यापन बाकी; एक अगस्त के बाद भी जुड़ेंगे नाम
1 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। उसके बाद भी उसमें कोई भी नाम अगर गलती से जुड़ गया हो, या छूट गया हो या उसमें कोई त्रुटि हो तो उसे 30 अगस्त तक सुधारा जा सकता है।

बिहार में चुनाव आयोग के निर्देश पर जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के मात्र छह दिन शेष रह गए हैं जबकि 32 लाख 23 हजार 23 मतदाताओं का सत्यापन अब भी बाकी है। इनसे गणना फॉर्म लिया जाना शेष है। ये कुल 7,89,68,844 मतदाताओं का 4.08 प्रतिशत हैं।
शनिवार को चुनाव आयोग से मिली जानकारी के अनुसार अबतक 95.92 प्रतिशत मतदाता यानी 7,57,46,821 मतदाता एसआईआर में शामिल हुए हैं। इनमें दस प्रतिशत ऐसे मतदाता भी हैं, जो अपने पते पर अनुपस्थित पाए गए हैं। इनमें संभवत: मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित, एक से अधिक स्थानों पर नामांकित एवं जिनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है।
आयोग के अनुसार, बचे हुए 32 लाख मतदाताओं को जोड़ने के लिए हरसंभव कोशिश की जा रही है। बीएलओ पहले से ही तीन से भी अधिक बार संपर्क की कोशिश कर चुके हैं। इन छूटे हुए मतदाताओं से संपर्क करने के लिए बीएलओ का एक और दौरा सहित पूरे चुनावी तंत्र का संगठित प्रयास भी शुरू किया जा चुका है। अस्थायी रूप से देश के विभिन्न भागों में गए बिहार के मतदाताओं को शामिल करने के लिए भी चुनाव आयोग सभी माध्यमों से उन्हें सूचित कर रहा है। बचे हुए शहरी मतदाताओं को जोड़ने के लिए भी, सभी 261 स्थानीय निकायों के सभी 5,683 वार्डो में विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं।
एक अगस्त के बाद भी जुड़ सकेंगे छूटे और नए नाम
1 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। उसके बाद भी उसमें कोई भी नाम अगर गलती से जुड़ गया हो, या छूट गया हो या उसमें कोई त्रुटि हो तो उसे 30 अगस्त तक सुधारा जा सकता है। इसके लिए कोई भी मतदाता, राजनीतिक दल या उनके द्वारा नियुक्त बीएलए दावे-आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
पटना जिले में छह लाख मतदाताओं का होना है सत्यापन
पटना जिले में मतदाता पुनरीक्षण का कार्य अब मात्र छह लाख मतदाताओं का करना है। शेष 44 लाख से अधिक मतदाताओं का सत्यापन कर लिया गया है। शनिवार को जिले के चार हजार से अधिक मतदान केंद्रों पर मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम के लिए शिविर का आयोजन किया गया। शनिवार को एक लाख से अधिक मतदाताओं का सत्यापन किया गया। अब सत्यापन के मात्र छह दिन शेष रह गए हैं। सबसे अधिक दीघा विधानसभा क्षेत्र में एक लाख मतदाताओं का सत्यापन होना है जबकि बाढ़ विधानसभा क्षेत्र ऐसा है, जहां सबसे अधिक सत्यापन का काम हुआ है।
सबसे ज्यादा गणना फॉर्म डिजीटली अपलोड करने में लखीसराय (91.03), जहानाबाद (91.13), अरवल (91.33), कैमूर (91.46), शेखपुरा (91.89) एवं खगड़िया (92.60) जिले अव्वल है जहां 91 प्रतिशत से अधिक गणना फॉर्म अपलोड किये जा चुके हैं। वहीं, गोपालगंज में सबसे कम 82. 12 प्रतिशत गणना फॉर्म को ही अपलोड किया गया है।




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