बिहार में गांव की सड़कें साढ़े पांच मीटर होंगी चौड़ी, सम्राट सरकार ने बनाया प्लान
हर जिले में चौड़ीकरण के लिए जिस सड़क का चयन किया गया है, उनकी औसत लंबाई पांच से सात किलोमीटर है। विभाग के एक वरिष्ठ पदाधिकारी के मुताबिक बरसात के तुरंत बाद इन सड़कों के चौड़ीकरण का कार्य शुरू किया जाएगा।

बिहार की ग्रामीण सड़कें अब साढ़े पांच मीटर चौड़ी होंगी। चरणवार तरीके से सभी ग्रामीण सड़कों का चौड़ीकरण किया जायेगा। पहले चरण के लिए 235 किलोमीटर सड़कें चिह्नित की गई हैं। इनका विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) भी तैयार कर लिया गया है। इनमें हर जिले की एक-एक सड़क को शामिल किया गया है। ग्रामीण कार्य विभाग के निर्देश पर सभी जिलाधिकारियों ने अपने-अपने जिले की दो-दो ग्रामीण सड़कों की पहचान कर चौड़ीकरण की अनुशंसा की है।
इनमें फिलहाल एक-एक सड़क की अभी डीपीआर तैयार की गई है। हर जिले में चौड़ीकरण के लिए जिस सड़क का चयन किया गया है, उनकी औसत लंबाई पांच से सात किलोमीटर है। विभाग के एक वरिष्ठ पदाधिकारी के मुताबिक बरसात के तुरंत बाद इन सड़कों के चौड़ीकरण का कार्य शुरू किया जाएगा। हर किलोमीटर सड़क पर करीब दो करोड़ रुपए खर्च होंगे।
वर्तमान में चौड़ाई 3.75 मीटर: वर्तमान में ग्रामीण सड़कों की चौड़ाई 3.75 मीटर है। यानी ग्रामीण सड़कों की चौड़ाई में पौने दो मीटर का इजाफा होगा। सड़क के दोनों ओर इसकी चौड़ाई बढ़ाई जाएगी। सात निश्चय-तीन के तहत इन सड़कों को चौड़ा किया जा रहा है। चयनित सड़कों का भौतिक सत्यापन भी करा लिया गया है। तकनीकी अनुमोदन के बाद सड़क निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति दे दी जाएगी।
पहले चरण में यातायात के दबाव वाली सड़क चिह्नित: विभागीय सूत्रों के मुताबिक, पहले चरण में जिले की उस सड़क को लिया गया है, जिसपर आवागमन का दबाव अधिक है और वह किसी बड़ी सड़क से जाकर जुड़ती है। सड़कें चौड़ी हो जाने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम और बेहतर होगा। पहले चरण के लिए उन सड़कों की पहचान भी हुई है, जिसके चौड़ीकरण के लिए सरकारी भूमि उपलब्ध है। इसी तरह आगे के चरणों में अन्य ग्रामीण सड़कों का भी चौड़ीकरण किया जाएगा। पदाधिकारी यह भी बताते हैं कि साढ़े पांच मीटर तो पिच का क्षेत्र होगा, इसके आलवा भी दोनों तरफ कच्चा रास्ता होगा।




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