कल है स्नान, दान की शरद पूर्णिमा, मेष से लेकर मीन राशि करें इन मंत्रों का जाप
Sharad Purnima 2025 Pooja: उदया तिथि के अनुसार, शरद पूर्णिमा का व्रत, स्नान व दान 7 अक्टूबर को होगा। वहीं, इस पूर्णिमा की चंद्र पूजा व खीर 6 अक्टूबर को रखी जाएगी। मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए करें मंत्र जाप-

कल है स्नान, दान की शरद पूर्णिमा: इस बार शरद पूर्णिमा की पूजा आज और कल दोनों दिन की जाएगी, जिसे कोजागर पूजा के नाम से भी जाना जाता है। शरद पूर्णिमा की तिथि 7 अक्टूबर को सुबह 09:16 बजे तक रहेगा। उदया तिथि के अनुसार, शरद पूर्णिमा का व्रत, स्नान व दान 7 अक्टूबर को किया जाएगा। वहीं, इस पूर्णिमा की चंद्र पूजा व खीर 6 अक्टूबर को रखी जाएगी। आज चंद्रोदय शाम को 05:27 बजे होगा। ऐसे में शरद पूर्णिमा पर राशि अनुसार मंत्र जाप करने से मां लक्ष्मी की कृपा दृष्टि बनी रहेगी।
मेष से लेकर मीन राशि करें इन मंत्रों का जाप
मेष राशि: मंत्र: ऊँ ऐं क्लीं सौं:
मेष राशि के स्वामी मंगल माने जाते हैं और इस राशि के लोगों का लाल रंग लकी माना जाता है। इस राशि के लोगों को मां लक्ष्मी को शरद पूर्णिमा पर खीर के साथ सेब का भोग लगाना चाहिए।
वृष राशि: मंत्र: ऊँ ऐं क्लीं श्रीं
वृष राशि के स्वामी शुक्र को माना जाता है और शुक्र को सफेद वस्तुएं प्रिय मानी जाती हैं और साथ ही मां लक्ष्मी को भी सफेद रंग की वस्तुएं प्रिय होती हैं इसलिए इन लोगों को खीर के साथ मखाने और नारियल का भी भोग मां लक्ष्मी को लगाना चाहिए।
मिथुन राशि: मंत्र: ऊँ क्लीं ऐं सौं:
मिथुन राशि के स्वामी बुध माने जाते हैं और इस राशि के लोगों के लिए लकी रंग हरा माना जाता है। इसलिए यह लोग शरद पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी को हरे सिंघाड़े के साथ हरे रंग के फलों का भोग लगा सकते हैं।
कर्क राशि: मंत्र: ऊँ ऐं क्लीं श्रीं
कर्क राशि को चंद्रदेव की राशि माना जाता है और इस राशि का लकी रंग सफेद है। शरद पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी के साथ चंद्रदेव की भी पूजा की जाती है। इसलिए इस दिन यह लोग सफेद मिष्ठान का भोग लगाकर मां को प्रसन्न कर सकते हैं।
सिंह राशि: मंत्र: ऊँ हृीं श्रीं सौं:
सिंह राशि के स्वामी सूर्यदेव हैं। सिंह राशि वालों के लिए लकी रंग पीला और नारंगी माना जाता है। इन्हें शरद पूर्णिमा पर खीर के साथ मां लक्ष्मी को पीले और नारंगी रंग के फलों का भोग लगाना चाहिए।
कन्या राशि: मंत्र: ऊँ श्रीं ऐं सौं
कन्या राशि का स्वामी बुध को माना जाता है। इस राशि के लोगों के लिए हरा रंग सबसे प्रभावशाली माना जाता है। इन्हें शरद पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी को खीर के साथ खीरा भी प्रसाद के रूप में अर्पित करना चाहिए।
तुला राशि: मंत्र: ऊँ हृीं क्लीं श्री
तुला राशि के स्वामी शुक्र माने जाते हैं और इनके लिए लकी रंग नारंगी और सफेद होता है। इन्हें शरद पूर्णिमा पर कौड़ियों से मां लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए और सफेद मिष्ठान का भोग लगाना चाहिए।
वृश्चिक राशि: मंत्र: ऊँ ऐं क्लीं सौं
वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल माने जाते हैं और मंगल को लाल रंग सबसे प्रिय है। लाल रंग मां लक्ष्मी को भी प्रिय माना जाता है। इन्हें खीर में केसर डालकर मां लक्ष्मी का भोग लगाना चाहिए और साथ में अनार का भी भोग लगा सकते हैं।
धनु राशि: मंत्र: ऊँ हृीं क्लीं सौं:
धुन राशि के लोगों का स्वामी बृहस्पति को माना जाता है और इस राशि का लकी रंग पीला होता है। केसर वाली खीर के साथ इन्हें पीले फलों का भोग मां लक्ष्मी को लगाना चाहिए।
मकर राशि: मंत्र: ऊँ ऐं क्लीं हृीं श्रीं सौं
मकर राशि के स्वामी शनि माने जाते हैं और इस राशि के लोगों का लकी रंग काला होता है। मगर काले रंग से किसी भी प्रकार की पूजा नहीं होती। इसलिए इन्हें मां लक्ष्मी की पूजा में कमल का पुष्प चढ़ाना चाहिए और खीर का भोग लगाना चाहिए।
कुंभ राशि: मंत्र: ऊँ हृीं ऐं क्लीं श्रीं
कुंभ राशि के स्वामी भी शनि होते हैं। इनका शुभ रंग लाल होता है। इन्हें शरद पूर्णिमा की पूजा में मां को लाल गुड़हल का पुष्प चढ़ाना चाहिए और खीर का भोग लगाना चाहिए।
मीन राशि: मंत्र: ऊँ हृीं क्लीं सौं
मीन राशि के स्वामी सूर्य माने जाते हैं। इन लोगों का शुभ रंग पीला होता है। इन्हें पूजा में पीले फूल और पीले फलों का प्रयोग करना चाहिए और केसर वाली खीर का भोग लगाना चाहिए।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।




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