आर जी कर रेप पीड़िता की मां का TMC सरकार को ‘तमाचा’, जनता ने भी सिखा दिया सबक
पानीहाटी सीट पर उनका मुकाबला टीएमसी विधायक निर्मल घोष के बेटे तीर्थांकर घोष और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के कलातन दासगुप्ता से था। रत्ना देवनाथ ने बड़ी जीत दर्ज की है। वहीं भाजपा को बंगाल में बंपर जीत मिली है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में आर जी कर रेप-हत्या मामले की पीड़िता की मां रत्ना देवनाथ ने बड़ी जीत दर्ज की है। रत्ना देवनाथ ने टीएमसी के उम्मीदवार को 28,000 से ज्यादा वोटों से हरा दिया है। बता दें कि रत्ना देवनाथ को भाजपा ने चुनावी टिकट थमाया था। इससे पहले CM ममता बनर्जी पर आर जी कर रेप और हत्या के मामले में सही एक्शन ना लेने और यहां तक कि दोषियों को बचाने तक के आरोप हैं। ऐसे में TMC को हराना पीड़िता की मां के लिए बड़ी जीत है। वहीं बंगाल की जनता में भी इस मामले को लेकर जबरदस्त उबाल था और हजारों लोग TMC सरकार के खिलाफ सड़को पर उतर कर पीड़िता के लिए इंसाफ मांग रहे थे। अब लोगों का यह गुस्सा वोट के रूप में निकला है और पीड़िता की मां को भारी समर्थन मिला है।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक सभी राउंड की वोटों की गिनती के बाद रत्ना देवनाथ को 28836 वोटों से जीत मिली है। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के तीर्थंकर घोष को हराया है। इस सीट पर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के कलातन दासगुप्ता भी चुनौती पेश कर रहे थे।
आर जी कर मेडिकल कॉलेज में क्या हुआ था?
कोलकाता के आर जी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में 9 अगस्त 2024 को एक 31 वर्षीय महिला ट्रेनी डॉक्टर (PGT) के साथ रेप और फिर उसकी निर्मम हत्या कर दी गई थी। पीड़िता तब अपनी लंबी शिफ्ट खत्म कर आराम के लिए गई थी। अगली सुबह पीड़ित का शव सेमिनार हॉल में मिला था। घटना के बाद देश भर में डॉक्टरों ने व्यापक विरोध प्रदर्शन किया, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं ठप हो गई थीं और डॉक्टरों की सुरक्षा पर भी सवाल उठे थे। 20 जनवरी 2025 को, सियालदह कोर्ट ने आरोपी वॉलेंटियर संजय रॉय को उम्रकैद की सजा सुनाई। हालांकि पीड़िता का परिवार जांच से असंतुष्ट था और इस अपराध में दूसरे लोगों के शामिल होने का संदेह जताता रहा।
घटना के करीब 20 महीने बाद यह पश्चिम बंगाल के चुनावी परिदृश्य में प्रमुख मुद्दा बन गया था। रत्नाकर देवनाथ ने टीएमसी पर उनकी बेटी को न्याय ना दिलवाने का आरोप लगाते हुए राज्य में बेटियों की सुरक्षा का मुद्दा उठाकर चुनाव लड़ा है। जानकारों के मुताबिक इससे वह महिला वर्ग का वोट अपने नाम करने में कामयाब हुई हैं।
TMC पर लगाए थे बड़े आरोप
इससे पहले उन्होंने भरोसा दिलाया था कि महिलाओं की सुरक्षा उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। देवनाथ ने मीडिया से बातचीत में कहा था, ''राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने में तृणमूल कांग्रेस विफल रही है। आरजी कर मामले में अब तक केवल एक ही गिरफ्तारी हुई है। जिस जगह को अस्पताल में बेहद सुरक्षित माना जाता था, वहां आरोपी कैसे पहुंच गया?'' उन्होंने कहा, ''मेरी बेटी के अलावा, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस शासन के दौरान सैकड़ों महिलाएं अत्याचार का सामना कर रही हैं। मेरी प्राथमिकता महिलाओं की सुरक्षा है।''
बंगाल में भाजपा की सुनामी
इस बीच बंगाल में भाजपा प्रचंड जीत को ओर बढ़ती नजर आ रही है। चुनाव आयोग के रुझानों में भाजपा ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। खबर लिखे जाने तक भाजपा ने 191 सीटों पर जीत दर्ज कर ली है। वहीं टीएमसी महज 68 सीटें जीत पाई है। ऐसे में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बड़ा झटका लगा है। हालांकि ममता बनर्जी ने एक बयान जारी कर गिनती में गड़बड़ी की आशंका जताई है और कहा है कि उनके लोगों को मतदान केंद्रों के अंदर जाने नहीं दिया जा रहा है।




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