UP style encounters Top BJP leader big promise in west Bengal what TMC replies bengal election सत्ता में आए तो योगी स्टाइल वाली 'ठोको नीति' करेंगे लागू; बंगाल में BJP नेता के वादे पर तकरार, TMC भड़की, West-bengal Hindi News - Hindustan
More

सत्ता में आए तो योगी स्टाइल वाली 'ठोको नीति' करेंगे लागू; बंगाल में BJP नेता के वादे पर तकरार, TMC भड़की

बेबाक और आक्रामक राजनीतिक शैली रखने वाले घोष ने आलोचनाओं से बेपरवाह रहते हुए तृणमूल पर अपना हमला और तेज कर दिया, और दावा किया कि उन्होंने खड़गपुर में लंबे समय तक 'गुंडों और माफिया' से लड़ाई लड़ी है और आगे भी लड़ते रहेंगे।

Thu, 26 March 2026 09:06 PMPramod Praveen पीटीआई, कोलकाता/खड़गपुर
share
सत्ता में आए तो योगी स्टाइल वाली 'ठोको नीति' करेंगे लागू; बंगाल में BJP नेता के वादे पर तकरार, TMC भड़की

चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल में मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने आज (गुरुवार, 26 मार्च) को दावा किया कि अगर उनकी पार्टी पश्चिम बंगाल में सत्ता में आती है, तो पुलिस प्रशासन में आमूल-चूल बदलाव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार अपराधियों के खिलाफ ''उत्तर प्रदेश की शैली में ही भुठभेड़'' करना शुरू कर देगी। खड़गपुर में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में पुलिस अभी सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के इशारे पर काम करती है और अपराधियों तथा 'माफिया' के खिलाफ कार्रवाई करने में नाकाम रहती है।

घोष ​​ने कहा, ''चार मई के बाद सब कुछ बदल जाएगा। जिस पुलिस को आप आज माफिया के साथ बैठकर चाय पीते हुए और भ्रष्ट नेताओं के 'चमचे' के तौर पर काम करते हुए देखते हैं, उसका चरित्र बदल जाएगा। वही पुलिस उत्तर प्रदेश की शैली में मुठभेड़ करेगी और अपराधियों को सलाखों के पीछे डालेगी।'' उनके इन बयानों ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया। तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर खुले तौर पर गैर-न्यायिक तरीके से हिंसा का समर्थन करने का आरोप लगाया। कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने कहा, “एनकाउंटर संस्कृति उत्तर प्रदेश में चलती है, बंगाल में नहीं। चुनाव आयोग को उनके भाषण का संज्ञान लेना चाहिए।”

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:बंगाल में चुनावी हिंसा, प्रचार के दौरान BJP कार्यकर्ताओं की पिटाई; कई घायल
ये भी पढ़ें:बंगाल की एक बूथ से कटे सभी मुस्लिम वोटरों के नाम, BLO का नाम तक गायब; बवाल

हर अपराधी जाएगा जेल

बेबाक और आक्रामक राजनीतिक शैली रखने वाले घोष ने आलोचनाओं से बेपरवाह रहते हुए तृणमूल पर अपना हमला और तेज कर दिया, और दावा किया कि उन्होंने खड़गपुर में लंबे समय तक 'गुंडों और माफिया' से लड़ाई लड़ी है और आगे भी लड़ते रहेंगे। उन्होंने कहा, ''मैंने खड़गपुर में गुंडों और माफिया के खिलाफ कई लड़ाइयां लड़ी हैं, और मैं फिर लड़ूंगा। लेकिन शायद इस बार इसकी जरूरत न पड़े। एक बार जब भाजपा सत्ता में आ जाएगी, तो अपराध में शामिल हर व्यक्ति पकड़ा जाएगा और जेल भेजा जाएगा।''

आपको डरने की क्या जरूरत है?

घोष ने 2016 से 2019 तक विधानसभा में खड़गपुर सदर का प्रतिनिधित्व किया था और उनको भाजपा ने इस सीट पर फिर से मैदान में उतारा है। यह सीट कभी पश्चिम बंगाल में पार्टी के शुरुआती राजनीतिक गढ़ों में से एक थी, जब पार्टी ने अपने पारंपरिक क्षेत्रों से बाहर विस्तार करना शुरू किया था। घोष ने कहा, ''हमारे खिलाफ मामले दर्ज किए गए, जिनमें आरोप लगाया गया कि हमने लोगों को हथियारों के बल पर धमकाया। लेकिन अगर कोई डरता है, तो घोष जाहिर तौर पर उसे डराएगा। आपको डरने की क्या जरूरत है? अगर आपमें हिम्मत है, तो आमने-सामने आइए। अगर वे पुलिस की मदद से लूटपाट कर सकते हैं, चोरी कर सकते हैं और मतदाताओं को डरा-धमका सकते हैं, तो हम उन्हें चुनौती क्यों नहीं दे सकते?''

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:BJP से TMC, तृणमूल से फिर भाजपा; बंगाल में जबरन जॉइन करवाई जा रही पार्टी
ये भी पढ़ें:बंगाल: भाजपा ने RG कर रेप केस की पीड़िता की मां को दिया टिकट, कहां से लड़ेंगी?

TMC पर भेदभाव करने के आरोप

उन्होंने कहा, ''मैंने हमेशा अपने विरोधियों को चौंकाते हुए राजनीति की है। खड़गपुर के लोगों ने इसी वजह से मुझे वोट दिया था, और वे फिर से मुझे ही वोट देंगे।'' इससे पहले दिन में, अपने समर्थकों के साथ चाय पर चर्चा के दौरान घोष ने राज्य प्रशासन पर चुनाव प्रचार के दौरान सत्ताधारी पार्टी के पक्ष में भेदभाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतें मिलने के बावजूद पुलिस मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के 'कटआउट' हटाने में आनाकानी कर रही थी, और भाजपा ने इस मुद्दे पर निर्वाचन आयोग से संपर्क किया है।

चौथी बार सत्ता के लिए TMC का जोर

2021 के चुनावों में 294 सदस्यों वाली विधानसभा में BJP 77 सीटें जीतने में कामयाब रही थी, जबकि 2016 में उसे सिर्फ़ तीन सीटें मिली थीं, जबकि TMC का दबदबा एक बार फिर कायम रहा। तृणमूल अब लगातार चौथी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है। 2011 में ममता बनर्जी के "बदलाव" अभियान ने दशकों से जमी हुई वाम मोर्चा सरकार को सत्ता से बेदखल कर दिया था और पहली बार राज्य की सत्ता पर TMC काबिज हुई थी। वाम दल और कांग्रेस अब राज्य में बहुत छोटे खिलाड़ी बनकर रह गए हैं, जबकि भाजपा का बड़ा उभार हुआ है।