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‘ममता’ पर भारी पड़ा मां का दर्द, कैसे घर की दहलीज से विधानसभा पहुंच गईं रत्ना देवनाथ

बंगाल की पानीहाट सीट पर आरजीकर अस्पताल की पीड़िता का मां रत्ना देवनाथ ने बड़ी जीत हासिल की है। उनका चुनाव प्रचार भी औरों से अलग था। बिना कुछ बोले ही लोग उनका दर्द समझ जाते थे और शायद वोट देते वक्त भी लोगों की आंखों के सामने उनका चेहरा नाचता रहा। 

Tue, 5 May 2026 07:20 AMAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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‘ममता’ पर भारी पड़ा मां का दर्द, कैसे घर की दहलीज से विधानसभा पहुंच गईं रत्ना देवनाथ

पश्चिम बंगाल में इस बार बीजेपी की सुनामी में ममता बनर्जी समेत टीएमसी के दिग्गज नेताओं का भी पता नहीं चला। भवानीपुर सीट से शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ खुद ममता बनर्जी भी हार गईं। वहीं उनके गढ़ दक्षिण 24 परगना में ही आरजी कर की पीड़िता की मां रत्ना देवनाथ ने 28 हजार से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज की है। एक तरफ लोग चुनाव प्रचार के दौरान अपनी पार्टी और सरकार की खूबियां गिनाने में जुटे थे तो दूसरी ओर एक डॉक्टर बेटी को खोने वाली मां अपना दर्द बांट रही थीं। उनकी आंखों में दिखने वाला दर्द लोगों के कलेजे में उतर गया और जब वे मतदान केंद्र पहुंचे तो महिलाओं के साथ होने वाले अन्याय के खिलाफ आवाज बनने से खुद को रोक ना सके।

कौन हैं रत्ना देवनाथ

रत्ना देवनाथ ने टीएमसी के तीर्थंकर घोष को करारी शिकस्त दी है। रत्ना देवनाथ राजनीति की एबीसीडी नहीं जानती थीं लेकिन उनपर मुसीबत का ऐसा पहाड़ टूटा कि उन्हें लोगों के दरवाजे पर जाकर आंखों ही आंखों में अपना दर्द बयां करने का हुनर सिखा दिया। 54 साल की देवनाथ के पति का नाम रंजन देवनाथ है। चुनावी हलफनामे की बात करें तो उनके पास 74 लाख रुपये की संपत्ति है। बीजेपी ने करीब 6 महीने पहले उनसे संपर्क किया। रत्ना व्यवस्था को चुनौती देना चाहती थीं और बताना चाहती थीं कि बेटियों की सुरक्षा केलिए खुद महिलाओं को आगे आने की जरूरत है। इसी बात को लेकर वह अपने घर की चाहरदीवारी से निकलकर चुनाव के मैदान में आ गईं।

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घर की दहलीज से चुनाव के मैदान तक

साल 2024 में आरजी कर अस्पताल में मेडिकल की पढ़ाई कर रही एक बेटी के साथ दरिंदगी हुई। कुछ लोगों ने गैंगरेप के बाद उसकी हत्या कर दी। इसको लेकर टीएमसी पर सवाल खड़े हुए। एक तो न्याय में देरी और दूसरा आरोपियों के लिंक। बीजेपी ने मुद्दे को लपक लिया और महिला सुरक्षा को अपने चुनावी एजेंडे में प्रमुखतासे शामिल कर लिया। बीजेपी ने रत्ना देवनाथ को पानीहाट सीट से टिकट दे दिया।

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रत्ना के लिए पीएम मोदी ने की रैली

रत्ना देवनाथ ने कहा, ममता बनर्जी से ही मेरी मुख्य दुश्मनी है क्योंकि मेरी बेटी स्वास्थ्य विभाग में काम करती थी और वह खुद मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री हैं। उन्होंने कहा था कि जिस राज्य में महिलाओं को न्याय नहीं मिलता है, मैं लोगों को आवाज देने की कोशिश में लगी हूं। रत्ना देवनाथ के नामांकन के वक्त पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पहुंची थीं। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पानीहाट में उनके लिए 24 अप्रैल को रैली की।

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बता दें कि पश्चिम बंगाल में इस बार पहली बार बीजेपी का सूर्योदव हुआ है वह भी पूरी चमक के साथ। बंगाल की 293 सीटों से 207 पर बीजेपी ने जीत दर्ज की है वहीं, टीएमसी 80 पर ही सिमट गई। कांग्रेस के खाते में भी दो सीटें आई हैं। लेफ्ट फ्रंट को दो सीटों पर सफलता मिली है। ममता बनर्जी अपनी खुद की भवानीपुर सीट भी नहीं बचा पाईं।