अमित शाह की वो स्पेशल 5 टीम, जिसने ममता बनर्जी के गढ़ में लगाई सेंध; कौन शामिल
पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 148 सीटों का है। हालांकि, फाल्टा में मतदान रद्द होने के कारण 293 निर्वाचन क्षेत्रों के मतों की गिनती हुई और इस वजह से फिलहाल बहुमत का आंकड़ा 147 है।

पश्चिम बंगाल में भाजपा ने जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया है। भारत की आजादी के बाद पहली बार राज्य में सत्ता में आई भाजपा की चुनावी रणनीति की चर्चाएं जोरों पर हैं। इसके केंद्र में हैं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, जो लंबे समय तक पश्चिम बंगाल में रहकर भाजपा की जीत का खाका तैयार करते रहे। इसमें पार्टी नेताओं को निर्देश देने, रणनीति बनाने और उन्हें जमीनी स्तर पर लागू करने समेत कई चीजें शामिल रहीं। खास बात है कि इस काम में उनका साथ भाजपा दिग्गजों की एक टीम ने भी दिया, जिसमें 5 सदस्य थे।
200 पार कर भाजपा बनाएगी सरकार
सोमवार को घोषित नतीजों में भाजपा ने 206 सीटों पर जीत हासिल की है। इनमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भवानीपुर सीट भी शामिल है। खास बात है कि इस बार भी बनर्जी को भाजपा प्रत्याशी शुभेंदु अधिकारी के हाथों हार का सामना करना पड़ा है। वहीं, मलय घटक, शशि पांजा और उदय गुहा जैसे टीएमसी के कई मंत्रियों को भी हार का सामना करना पड़ा है।
अमित शाह की टीम
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शाह की टीम में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव, भाजपा महासचिव सुनील बंसल, त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब देब और आईटी टीम के प्रमुख अमित मालवीय शामिल थे।
एक ओर जहां प्रधान को मुख्य रणनीतिकार माना जा रहा है, जिन्होंने अलग-अलग जातीय और सामाजिक समूहों के बीच संतुलन बनाने का काम किया। वहीं, बूथ स्तर तक पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और संगठन के माइक्रो मैनेजमेंट का श्रेय भूपेंद्र यादव को जाता है। संगठन दिग्गज बंसल ने पार्टी कार्यकर्ताओं का एक नेटवर्क तैयार किया, जिसने टीएमसी के कैडर आधारित ढांचे को सीधी चुनौती दी। इसके बाद मालवीय ने डिजिटल मोर्चा संभाला।
दो तिहाई से ज्यादा बहुमत मिला
पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 148 है। हालांकि, फाल्टा में मतदान रद्द होने के कारण 293 निर्वाचन क्षेत्रों के मतों की गिनती हुई और इस वजह से फिलहाल बहुमत का आंकड़ा 147 है। पश्चिम बंगाल में भाजपा ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के पारंपरिक गढ़ों में सेंध लगाई और शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में अपना जनाधार बढ़ाया। इस जीत के साथ, भाजपा राज्य में पहली बार सरकार बनाएगी। भाजपा को 2016 से चुनावी सफलता मिलनी शुरू हुई। उस बार पार्टी को विधान सभा में तीन सीटें मिली थीं, 2021 में यह संख्या 77 हो गई।
वर्ष 2011 में लगभग चार प्रतिशत के मामूली वोट शेयर से, भाजपा 2019 में लगभग 40 प्रतिशत तक पहुंच गई और फिर 2021 के विधानसभा चुनावों में 77 सीटें हासिल करके वामपंथी और कांग्रेस को पछाड़ते हुए टीएमसी के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी के रूप में उभरी।
जीत के बाद क्या बोले पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि 'आज से बंगाल भयमुक्त हुआ है' और यह बदलाव का समय है, बदले का नहीं। उन्होंने सभी दलों से राजनीतिक हिंसा की संस्कृति को त्यागने और राज्य के भविष्य पर ध्यान केंद्रित करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन (संशोधन) विधेयक का विरोध की कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और अन्य दलों को कड़ी सजा मिली है।




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