बंगाल-असम की जीत में छाया उत्तराखंड मॉडल, भाजपा ने किया है UCC का वादा
बंगाल की भूमि पर पहली बार भाजपा की जीत हुई है। इसके साथ ही असम में भी भाजपा ने हैट्रिक मारी। पहली अपने दम पर इन दोनों राज्यों में प्रचंड सीटें जीतकर इतिहास रच दिया। भाजपा ने दोनों राज्यों में यूसीसी का वादा किया है।

UCC in West Bengal: पश्चिम बंगाल और असम में भाजपा को मिली प्रचंड जीत में पुष्कर सिंह धामी सरकार के ‘उत्तराखंड मॉडल’ की भी खुशबू भी महक रही है। भाजपा ने पश्चिम बंगाल और असम विधानसभा चुनाव के लिए जारी अपने घोषणा पत्र में, उत्तराखंड की तर्ज पर यूसीसी लागू करने का वादा किया था। यूसीसी भी मतदाताओं को लुभाने में एक बड़ा फैक्टर माना जा रहा है। उत्तराखंड की गंगोत्री से निकली यूसीसी की गंगा अब पश्चिम बंगाल में गंगा सागर तक पहुंच गई है।
समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी अब देश की राजनीति का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। मालूम हो कि आजादी के बाद उत्तराखंड पहला राज्य है जिसने समान नागरिक संहिता यानि यूसीसी को लागू करने की पहल की।
जनवरी 2025 में लागू हुआ था यूसीसी
उत्तराखंड में वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के वक्त मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोबारा सत्ता में आने पर इसे लागू करने का वादा किया था। विधानसभा चुनाव में 47 सीट के साथ प्रचंड बहुमत हासिल करने के बाद धामी सरकार यूसीसी को लागू करने में जुट गई थी। जनवरी 2025 से उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू हो चुकी है। यूसीसी के तहत विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशन जैसे विषयों को एक समान कानूनी ढांचे में शामिल किया गया है। भाजपा अब इस मॉडल को अन्य राज्यों में भी चुनावी एजेंडे के रूप में आगे बढ़ा रही है।
बंगाल और असम में भी यूसीसी
इसके तहत बंगाल और असम के चुनावी घोषणा पत्र में यूसीसी को प्रमुखता से शामिल किया गया। राजनीतिक रूप से भाजपा इसे अपने बड़े वैचारिक एजेंडे के तौर पर देख रही है। पार्टी पहले ही अनुच्छेद 370 और राम मंदिर जैसे मुद्दों को पूरा कर चुकी है। अब यूसीसी को अगले बड़े राष्ट्रीय एजेंडे के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। इस तरह असम और पश्चिम बंगाल में भाजपा को मिली जीत ने यूसीसी के उत्तराखंड मॉडल की कामयाबी पर मुहर लगा दी है।
उत्तराखंड बना भाजपा का मॉडल स्टेट
उत्तराखंड आजाद भारत का का पहला राज्य है जहां यूसीसी लागू हुआ है। इसमें विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशन जैसे विषयों को एक समान कानूनी ढांचे में लाया गया। भाजपा लगातार इसे महिला अधिकार और समानता से जोड़कर प्रचारित कर रही है। उत्तराखंड के बाद गुजरात की भाजपा सरकार भी यूसीसी लागू करने की दिशा में काम शुरु कर चुकी है। गुजरात में यूसीसी पर गठित समिति अपनी रिपोर्ट वहां के को सौंप चुकी है। गुजरात का मसौदा काफी हद तक उत्तराखंड मॉडल पर ही आधारित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत सभी भाजपा शीर्ष धामी सरकार के यूसीसी की खुलकर तारीफ करते आ रहे हैं।
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