Alam Family of Eight Everyone's Names Struck Off the Voter List bengal sir assembly election आलम के परिवार में 8 लोग, वोटर लिस्ट से कट गए सबके नाम; दो दिन बाद ही चुनाव, West-bengal Hindi News - Hindustan
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आलम के परिवार में 8 लोग, वोटर लिस्ट से कट गए सबके नाम; दो दिन बाद ही चुनाव

मुर्शिदाबाद की समसेगंज सीट पर सबसे ज्यादा लोगों के नाम वोटर लिस्ट से कटे हैं। यहां एक ऐसा भी परिवार है जिसके सभी आठ सदस्यों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। बंगाल में इस मामले में सबसे ज्यादा प्रभावित जिला मुर्शिदाबाद है।

Mon, 20 April 2026 12:44 PMAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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आलम के परिवार में 8 लोग, वोटर लिस्ट से कट गए सबके नाम; दो दिन बाद ही चुनाव

पश्चिम बंगाल में एसआईआर के बाद सामने आए आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा नाम मुर्शिदाबाद में कटे हैं। मुर्शिदाबाद में 23 अप्रैल को वोटिंग होने वाली है। अब भी बहुत सारे लोगों को उम्मीद है कि ट्राइब्यूनल से अनुमति मिलने के बाद उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल कर लिया जाएगा। मुर्शिदाबाद की समसेरगंज में ही 74,775 नाम वोटर लिस्ट से हट गए हैं। मुर्शिदाबाद की 22 विधानसभा सीटों में इस सीट पर सबसे ज्यादा नाम कटे हैं।

मुर्शिदाबाद में कुल 4,55,137 नाम काटे गए हैं। मिन्ट की रिपोर्ट के मुताबिक यहां एक ऐसा परिवार है जिस परिवार के सभी सदस्यों के नाम वोटर लिस्ट से कट गए हैं। तिनकापुरिया पंचायत में रहने वाले आलम के परिवार में कुल आठ लोग हैं। आलम के पांच भाई, दो भाभियां और वालिद साथ ही रहते हैं। रिपोर्ट की मानें तो आलम का परिवार लंबे समय से इसी गांव में रहता है। उनके वालिद सोहिदुल इस्लाम की उम्र 65 साल है। 2002 की लिस्ट में उनका नाम शामिल था। इसके बाद भी इस बार पूरे परिवार का नाम वोटर लिस्ट से कट गया है।

कट गए हैं 12 फीसदी मतदाताओं के नाम

एसआईआर के बाद बंगाल में लाखों लोगों के नाम कट गए हैं। अब उनके लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय है कि आगे क्या होगा। वोट देना लोकतांत्रिक देश में सबसे बड़ा अधिकार होता है। लोगों के मन में डर है कि वोटिंग के अधिकार के बाद उनके बाकी के अधिकार भी जा सकते हैं। बता दें कि बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग होनी है और 4 मई को परिणाम घोषित होंगे। बंगाल में कुल 91 लाख लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं। बंगाल में पहले 7.66 करोड़ मतदाता थे जो कि घटकर 6.75 करोड़ हो गए हैं।

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ममता बनर्जी ने केंद्र को निशाने पर लिया

पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख बनर्जी ने हुगली जिले के तारकेश्वर में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने महिला आरक्षण संशोधन विधेयक के संबंध में राष्ट्र को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए अवैध तरीके से प्रचार किया।

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मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री पर आदर्श चुनाव आचार संहिता (एमसीसी) का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए कहा, ''उन्होंने (भाजपा ने) कल सरकारी तंत्र का दुरुपयोग राजनीतिक प्रचार के लिए किया। हम इसकी निंदा करते हैं और निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज कराएंगे।'

वर्ष 2029 से लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने संबंधी विधेयक के संसद के निचले सदन में पारित नहीं होने के बाद प्रधानमंत्री ने शनिवार को राष्ट्र को संबोधित किया। उन्होंने इस दौरान कांग्रेस और उसके सहयोगियों को चेतावनी दी कि भारत की महिलाएं उन्हें ''भ्रूण हत्या के पाप'' के लिए कड़ी सजा देंगी।बनर्जी ने कहा, ''आपको (प्रधानमंत्री) भारत की जनता को जवाब देना होगा कि आप अपनी पार्टी के लिए अवैध प्रचार कर रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक सितंबर 2023 में पारित हुआ था, और सवाल किया कि केंद्र सरकार ने इसे अब तक लागू क्यों नहीं किया है।

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तृणमूल प्रमुख ने सवाल किया कि ''एक ही विधेयक को कितनी बार पारित करने की आवश्यकता है।'' उन्होंने दावा किया कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने परिसीमन विधेयक को लोकसभा में पेश किए गए महिला आरक्षण कानून से जोड़ दिया है। (भाषा से इनपुट्स के साथ)