उत्तराखंड में मई-जून की गर्मी SIR, बंगाल समेत 5 राज्यों में चुनाव नतीजों के बाद होगी घोषणा
Uttarakhand SIR: उत्तराखंड में मई-जून की गर्मी में एसआईआर शुरू होगा। सूत्रों के अनुसार, निर्वाचन आयोग बंगाल-तमिलनाडु समेत पांच राज्यों में चुनाव के बाद तारीखों की घोषणा करेगा।

Uttarakhand SIR: उत्तराखंड में आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम मई-जून की भीषण गर्मी के बीच शुरू होगा। निर्वाचन विभाग के सूत्रों की माने तो पांच राज्यों तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, केरल और पुडुचेरी में विस चुनाव के परिणाम चार मई को आएंगे, इसके बाद उत्तराखंड में एसआईआर की तिथि घोषित की जाएगी।
उत्तराखंड में प्री-एसआईआर का कार्य जारी है। पहले कहा जा रहा था कि अप्रैल में एसआईआर की घोषणा हो सकती है, लेकिन अब यह कार्य अगले अप्रैल या मई माह में होगा। इधर, अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि राज्य में प्री-एसआईआर का लगभग 88.86 प्रतिशत मैपिंग पूरी हो गई है। इसे जल्द पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बागेश्वर मैपिंग के साथ सूची में शीर्ष पर है।
जिला मैपिंग प्रतिशत
उत्तराखंड में मई-जून की भीषण गर्मी के बीच एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) अभियान तेजी से चल रहा है, जिसमें जिला स्तर पर मैपिंग का काम काफी हद तक पूरा हो चुका है। आंकड़ों के मुताबिक बागेश्वर ने 100 प्रतिशत के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया है, जबकि चम्पावत (95.09%), अल्मोड़ा (94.70%), रुद्रप्रयाग (93.71%) और टिहरी गढ़वाल (93.33%) जैसे पहाड़ी जिलों में भी प्रगति तेज रही है। उत्तरकाशी (92.23%), चमोली (92.75%) और नैनीताल (92.74%) भी 90 प्रतिशत से ऊपर हैं। वहीं, मैदानी जिलों में हरिद्वार (90.72%) ने अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन उधम सिंह नगर (82.02%) और देहरादून (81.16%) अपेक्षाकृत पीछे हैं। कुल मिलाकर राज्य का औसत 88.86 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो अभियान की तेज रफ्तार को दर्शाता है।
राज्य में भवन गणना शुरू, एक महीने चलेगा अभियान
देहरादून। प्रदेश में जनगणना के तहत भवन गणना का काम शुरू हो गया है। इसके तहत 30 हजार से अधिक सरकारी कर्मचारी एक महीने में लोगों के घरों की गणना कर कई तरह की जानकारी जुटाएंगे। जनगणना निदेशक ईवा आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश को भवन गणना के लिए 32 हजार हिस्सों में बांटा गया है। उन्होंने कहा कि एक माह तक चलने वाले इस अभियान के तहत प्रत्येक घर की गणना होगी और 33 तरह के सवालों के जरिए घर से जुड़ी अनेक जानकारियां जुटाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि भवन गणना से जुड़ी जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 1855 जारी किया गया है।
योजनाओं के निर्माण में काम आएगा डाटा
देहरादून। जनगणना निदेशक ने बताया कि इस चरण में प्रत्येक भवन का सूचीकरण करते हुए उनमें रहने वाले परिवारों से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी। यह डेटा राज्य के समग्र विकास के लिए योजनाओं के निर्माण और प्रभावी क्रियान्वयन के काम आएगा।
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