More Than 50 Percent Voters Missing in Dehradun Election Commission Pre SIR Verification Report Reveal देहरादून में 50 फीसदी से अधिक वोटर 'लापता', प्री-SIR रिपोर्ट से चुनाव आयोग पर संकट, Uttarakhand Hindi News - Hindustan
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देहरादून में 50 फीसदी से अधिक वोटर 'लापता', प्री-SIR रिपोर्ट से चुनाव आयोग पर संकट

चुनाव आयोग की प्री-एसआईआर रिपोर्ट में सामने आया है कि यहां करीब 50 फीसदी वोटर ‘गायब’ हैं। एसआईआर से पहले रिपोर्ट ने चुनाव आयोग को परेशान कर दिया है।

Sun, 22 March 2026 09:40 AMGaurav Kala विनोद मुसान, देहरादून, हिन्दुस्तान
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देहरादून में 50 फीसदी से अधिक वोटर 'लापता', प्री-SIR रिपोर्ट से चुनाव आयोग पर संकट

उत्तराखंड में अप्रैल में होने वाले फाइनल स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) से पहले प्री-एसआईआर रिपोर्ट ने निर्वाचन विभाग की पेशानी पर बल डाल दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, देहरादून, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जैसे मैदानी जिलों में भारी संख्या में मतदाता अपने दिए गए पतों पर ‘लापता’ पाए गए हैं।

सबसे गंभीर स्थिति राजधानी की धर्मपुर सीट पर है, जहां 50 प्रतिशत मतदाता बीएलओ (बीएलओ) को अपने ठिकानों पर नहीं मिले। इसी तरह रायपुर में 40 प्रतिशत और डोईवाला में 35 प्रतिशत वोटरों का सत्यापन नहीं हो पाया है। इस ‘नंबर गेम’ ने विभाग की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि इन इलाकों में 2003 के बाद बाहरी राज्यों से आकर बसी बड़ी आबादी का भौतिक सत्यापन विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। हालांकि, विभाग की ओर से प्रयास जारी हैं।

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नए आवासीय क्षेत्र

तेजी से विकसित हो रही नई कॉलोनियों और आवासीय सोसाइटी में मतदाताओं के डेटा को पोर्टल पर मैप करने की गति धीमी रही है।

पहचान की समस्या

बाहरी राज्यों से आने वाले कई मतदाताओं के विवरणों के मिलान और उनके स्थायी के साथ-साथ ही अस्थायी निवास के सत्यापन में बीएलओ (बीएनओ) को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

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क्यों पिछड़ रहे शहरी क्षेत्र?

रिपोर्ट में धर्मपुर (50 प्रतिश), रायपुर (58.57 प्रतिशत) और डोईवाला (65.88 प्रतिशत) महत्वपूर्ण सीटों पर कम प्रतिशत के पीछे कई सामाजिक और भौगोलिक कारण सामने आए हैं।

प्रवासी आबादी का दबाव

इन इलाकों में वर्ष 2003 के बाद तेजी से आबादी बढ़ी है। उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों से आकर बड़ी संख्या में लोग यहां बसे हैं, जिससे डोर-टू-डोर सत्यापन और मैपिंग चुनौतीपूर्ण हो गई है। इसके अलावा विहार, यूपी में मैपिंग का कार्य पूरा हो चुका है, इन क्षेत्रों के बहुत सारे लोगों की मैपिंग अपने राज्य में हो चुकी है।

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पहाड़ी जिले अव्वल, मैदानी पिछड़े

दूसरी ओर, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर जिलों ने 100% सत्यापन के साथ टॉप स्थान हासिल किया। चम्पावत और उत्तरकाशी 99%, अल्मोड़ा 97%, पिथौरागढ़, टिहरी, चमोली 95%, पौड़ी 93%, हरिद्वार 89%, नैनीताल 88%, ऊधम सिंह नगर 77% और देहरादून 71% पर हैं। निर्वाचन विभाग प्रयास तेज कर रहा है ताकि अप्रैल तक सभी मतदाता सूचियाँ अपडेट हो सकें।

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