प्रवासी बच्चों का वोट नहीं कटेगा, विदेश में रहने वालों के लिए यह होगी SIR प्रक्रिया
चुनाव आयोग ने उत्तराखंड के परिवारों को राहत दी है, जिनके बच्चे विदेश में पढ़ रहे हैं। आयोग ने बताया कि एसआईआर के दौरान अनुपस्थित रहने पर वोटर लिस्ट से नाम नहीं कटेगा। विदेश में रहने वालों के लिए अलग प्रक्रिया होगी।

चुनाव आयोग ने उत्तराखंड के उन परिवारों को बड़ी राहत दी है, जिनके बच्चे शिक्षा या रोजगार के लिए दूसरे राज्य या विदेशों में रह रहे हैं। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में ऐसे बच्चों की अनुपस्थिति अब उनके नाम कटने का कारण नहीं बनेगी।
आयोग ने नई व्यवस्था दी है कि अब ऐसे बच्चों की जगह अभिभावक गणना प्रपत्र पर हस्ताक्षर करके जमा कर सकेंगे। पहाड़ के अभिभावकों को यह चिंता सता रही थी कि घर में बच्चों की गैरमौजूदगी में एसआईआर फॉर्म पर हस्ताक्षर कौन करेगा और क्या इस वजह से वोट कट जाएगा।
अब मुख्य निर्वाचन कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि ताजा नियमों के तहत अभिभावकों के हस्ताक्षर भी मान्य होंगे। फॉर्म भरकर बच्चे के साथ रिश्ता दर्ज करना होगा और दस्तावेज संलग्न करने होंगे।
विदेश में रहने वालों के लिए यह होगी प्रक्रिया
जो लोग स्थायी रूप से विदेशों में रह रहे हैं, उन्होंने वहां की नागरिकता नहीं ली है। ऐसे लोग प्रवासी मतदाता के रूप में पंजीकरण करा सकते हैं। इसके लिए चुनाव आयोग की सर्विस वोटर साइट www.nvsp.in पर फॉर्म 6-ए को भरना होगा। आवेदक अपनी पासपोर्ट साइज फोटो और दस्तावेजों की स्व-प्रमाणित प्रतियों को डाक से अपने क्षेत्र के बीएलओ के पास भेज सकते हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक, चाहे वह दुनिया में कहीं भी हो, मतदान के हक से वंचित न रहे। अभिभावकों को इस नई व्यवस्था से राहत मिलेगी।
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