संत रामपाल की भक्ति और सोना से 'महामारी', उत्तराखंड में चंद रुपयों के लिए कैसे हैवान बना भतीजा
खटीमा में बुजुर्ग महिला की निर्मम हत्या में सगा भतीजा गिरफ्तार हुआ है। पुलिस का कहना है कि चंद रुपयों के लिए यह मर्डर हुआ। मामले में संत रामपाल मिशन और सोने को महामारी बताकर बेचने वाला एंगल भी सामने आया है।

उत्तराखंड के खटीमा में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक खौफनाक मामला सामने आया है। देवभूमि कॉलोनी में हुई 65 वर्षीय वृद्धा जानकी चंद की हत्या की गुत्थी को पुलिस ने महज 72 घंटों के भीतर सुलझा लिया है। एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि चंद रुपयों के लालच में जानकी चंद की हत्या उनके अपने सगे भतीजे रवि चंद ने ही की थी। जिस ताई की गोद में रवि बचपन में खेला, उसी का उसने मफलर से गला घोंटा और फिर बेरहमी से सिर जमीन पर पटककर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। हत्याकांड से पहले रवि ने ताई के घर खाना खाया था। हत्याकांड में दो एंगल बेहद महत्वपूर्ण हैं- एक संत रामपाल मिशन का झांसा और सोने को महामारी बताकर बेचना।
खटीमा के सितारगंज रोड स्थित देवभूमि कॉलोनी निवासी जानकी चंद (पत्नी स्व. हरीश चंद) की हत्या 18 फरवरी की रात को की गई थी। इस हत्याकांड में किसी करीबी के शामिल होने की आशंका आपके अपने अखबार ‘हिन्दुस्तान’ ने एक दिन पहले ही जता दी थी। पुलिस जांच में जब कड़ियां जुड़ीं, तो हत्यारा परिवार का अपना ही निकला। मृतका के बेटे प्रेम चंद और बेटी पूनम को शुरू से ही शक था कि घर से एटीएम कार्ड और चेकबुक गायब होना किसी जानकार का ही काम है।
भक्ति का ढोंग और मिशन से जुड़ने का झांसा
जांच में यह बेहद चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि आरोपी रवि चंद पिछले कुछ दिनों से जानकी चंद के घर बार-बार आ रहा था। उसने ताई का भरोसा जीतने के लिए ‘भक्ति’ का सहारा लिया। जानकी चंद की एक सत्संगी महिला मित्र ने बताया कि रवि अक्सर कहता था कि उसका दिमाग काफी अशांत रहता है और वह भी ताई की तरह संत रामपाल मिशन से जुड़कर काम करना चाहता है। किसी को कानों-कान खबर नहीं थी कि शांत दिखने वाले रवि के मन में अपनी ही ताई के कत्ल की साजिश पक रही है।
सोना बना 'महामारी', पर एटीएम ने ली जान
इस हत्याकांड का सबसे दुखद और वैचारिक पहलू ‘सोने’ से जुड़ा है। संत रामपाल मिशन से जुड़े राहुल मिश्रा ने बताया कि मिशन से जुड़े लोग सोना नहीं रखते हैं। बाबा रामपाल ने सोने को ही आने वाले समय की सबसे बड़ी 'महामारी' बताया है, जिसके कारण भविष्य में हत्याएं और लूट की घटनाएं बढ़ेंगी। जानकी चंद ने बाबा के इन वचनों को गंभीरता से लिया था और अपने पास मौजूद सारा सोना बेचकर जमीन खरीद ली थी। हत्यारोपी भतीजे को लगा था कि घर में जेवर या नकदी मिलेगी, लेकिन जब उसे सोना नहीं मिला तो उसने एटीएम कार्ड और चेक बुक के चक्कर में ताई की जान ले ली।
60-70 सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर मिला सुराग
एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि हत्या के खुलासे के लिए पुलिस की टीमों ने लगभग 60 से 70 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फिंगर प्रिंट और आसपास के लोगों से पूछताछ के बाद पुलिस झनकट क्षेत्र तक पहुंची और रवि को दबोच लिया। रवि मूल रूप से खटीमा के आदर्श कॉलोनी (डिग्री कॉलेज रोड) का रहने वाला है और फिलहाल हरियाणा के नांगल कस्बे की एक फैक्ट्री में मजदूरी करता है। पूछताछ में उसने कुबूल किया कि 17 फरवरी की शाम वह ताई के घर पहुंचा, उनके साथ बैठकर भोजन किया और मौका पाकर मफलर से उनका गला घोंट दिया।
चोरी की आदत ने बना दिया हत्यारा
परिजनों ने बताया कि रवि का पहले कोई बड़ा आपराधिक रिकॉर्ड तो नहीं था, लेकिन वह अपने ही रिश्तेदारों के घरों में छोटी-मोटी चोरियां करने का आदी था। उसकी इसी आदतों की वजह से कई रिश्तेदार उससे दूरी बनाकर रखते थे। लेकिन चंद रुपयों की यह भूख उसे अपनी ताई के कत्ल तक ले जाएगी, यह किसी ने नहीं सोचा था। 19 फरवरी को जब बेटा प्रेम चंद घर पहुंचा और मां का अंतिम संस्कार किया, तब तक उसे रवि पर शक हो चुका था क्योंकि रवि को 17 फरवरी की शाम गली में आते-जाते देखा गया था। फिलहाल, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
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