Uttarakhand Education Director Assault Suspicion of Conspiracy History Sheeter involved with Attackers उत्तराखंड शिक्षा निदेशक पिटाई कांड में साजिश का अंदेशा, हमलावरों के साथ हिस्ट्रीशीटर भी पहुंचा, Dehradun Hindi News - Hindustan
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उत्तराखंड शिक्षा निदेशक पिटाई कांड में साजिश का अंदेशा, हमलावरों के साथ हिस्ट्रीशीटर भी पहुंचा

Uttarakhand Education Director Assault: उत्तराखंड में शिक्षा निदेशक से मारपीट मामले में साजिश का अंदेशा जताया जा रहा है। हमलावरों के साथ हिस्ट्रीशीटर भी पहुंचा था। महिला कर्मियों में दहशत का माहौल है।

Sun, 22 Feb 2026 07:54 AMGaurav Kala देहरादून
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उत्तराखंड शिक्षा निदेशक पिटाई कांड में साजिश का अंदेशा, हमलावरों के साथ हिस्ट्रीशीटर भी पहुंचा

प्रारंभिक शिक्षा निदेशक पर जानलेवा हमले में एक हिस्ट्रीशीटर रहे नेता के भी शामिल होने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि ननूरखेड़ा में जहां शिक्षा निदेशालय है, वह उस इलाके का दबंग भी है। उसके खिलाफ रायपुर थाने में ही पूर्व में कई मुकदमे दर्ज हैं। वह पुलिस की टीम पर हमले और पथराव में भी आरोपी रहा है। जब निदेशक और विधायक इस पूरे मामले में एक-दूसरे पर भीड़ लाकर हमला करने का आरोप लगा रहे हैं, तब ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि यह हिस्ट्रीशीटर किसके साथ मौके पर पहुंचा था।

शिक्षा विभाग में इस तरह के हमले और हंगामे का यह पहला मामला नहीं है। यहां पूर्व में कई बार इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं, मगर शिक्षा विभाग की ओर से सुरक्षा को लेकर कोई कदम नहीं उठाए गए।

अब काफी डरी हुई हैं महिला कर्मचारी

शनिवार दोपहर को घटना के बाद से यहां तैनात महिला कर्मचारी डरी हुई हैं। उनका कहना है कि हम अपने ही दफ्तर में सुरक्षित नहीं हैं। महिला कर्मचारियों के साथ भी मारपीट और अभद्रता की गई। इतना ही नहीं, उनके साथ अपशब्दों का इस्तेमाल तक किया गया। कर्मचारी संगठनों ने भी कहा कि वह अपने दफ्तरों में इस असुरक्षा के बीच काम नहीं कर सकते।

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अनदेखी: पर्याप्त संख्या में नहीं हैं सीसीटीवी कैमरे

ननूरखेड़ा स्थित शिक्षा निदेशालय में गेट पर तो सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, लेकिन भवन के अंदर न तो उचित संख्या में सीसीटीवी लगे हैं और न ही इनकी हर वक्त निगरानी की कोई व्यवस्था है। ऐसे में इस तरह की घटनाओं के पुख्ता सबूतों के लिए यहां मौजूद लोगों के बनाए वीडियो पर ही निर्भर रहना पड़ता है। पूर्व में हुई घटनाओं के बावजूद विभाग ने इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए।

स्कूल का नाम बदलना नहीं है इतना आसान

स्कूल ही नहीं किसी भी सड़क या संस्थान के नामकरण या नाम बदलने की एक निश्चित प्रक्रिया है। इसके लिए ग्राम पंचायत और स्कूल प्रबंधन समिति के सर्वसम्मति से दिए गए प्रस्ताव पर ही शासन स्तर से नामकरण का काम किया जाता था। आरोप है कि रायपुर विधायक इस प्रक्रिया को पूरा होने से पहले ही स्कूल के बोर्ड पर परिवर्तित नाम लिखवाना चाहते थे।

रायपुर थाने में विधायक के साथ अभद्रता का मुकदमा

दून के ननूरखेड़ा स्थित शिक्षा निदेशालय में शनिवार को हंगामे के बाद विधायक उमेश शर्मा काऊ के सुरक्षा कर्मी की तरफ से भी देर रात रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज करवा दिया गया। रायपुर विधायक से अभद्रता और मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि निदेशालय में मौजूद कुछ लोगों ने विधायक पर फोन और कुर्सियां फेंकीं, उनको कमरे में बंद किया। सरकार विरोधी नारे भी लगाए। विधायक के सुरक्षाकर्मी कांस्टेबल सुशील रमोला और सुधीर बहुगुणा की तहरीर के मुताबिक, शनिवार की दोपहर करीब 12:30 बजे विधायक शिक्षा निदेशालय पहुंचे थे। वे रायपुर क्षेत्र में बने स्काल का नाम निशुल्क भूमि दान करने वालों के नाम पर रखे जाने को लेकर शासन भेजे गए पत्र की प्रगति जानने और प्रति मांगने गए थे। आरोप है कि वहां पहले से मौजूद कुछ लोगों ने हंगामा किया। इन लोगों ने एक दिन पहले भी भूमिदाताओं से दुर्व्यवहार किया था। इसी बीच एक व्यक्ति ने विधायक की तरफ फोन फेंका, जो उनके कंधे पर लगा। बचाव करने पर विवाद और बढ़ गया।

दंगा समेत पांच धाराओं में कानूनी कार्रवाई

ननूरखेड़ा स्थित प्रारम्भिक शिक्षा निदेशालय में निदेशक से मारपीट और तोड़फोड़ के मामले में रायपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर किया है। निदेशक की तहरीर पर रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ और उनके समर्थकों पर दंगा समेत पांच धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

इस घटना के बाद से शिक्षा विभाग के अधिकारियों और शिक्षकों में भारी रोष है, जिसके चलते रायपुर थाने का घेराव किया गया। कांग्रेसियों और यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन और पुतला फूंका। एसएसआई नवीन जोशी के अनुसार, आरोपियों पर धारा 121(1) (सरकारी कर्मचारी पर हमला), धारा 191(2) (दंगा करना), धारा 324(3) (सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना), धारा 351(3) (मारने की धमकी) और धारा 352 (शांति भंग करने के इरादे से अपमान) में केस दर्ज किया गया है।

‘स्टाफ को गालियां देकर कमरे से बाहर निकाला’

निदेशक अजय नौडियाल ने तहरीर में बताया कि दोपहर 12:10 बजे विधायक उमेश शर्मा काऊ समर्थकों के साथ उनके कक्ष में घुसे। आरोप है कि स्टाफ को गालियां देकर बाहर निकाला और दरवाजा अंदर से बंद किया। विधायक ने एक स्कूल का काम तुरंत निस्तारित करने का दबाव बनाया। जब निदेशक ने कहा कि यह शासन स्तर का मामला है, तो धक्का-मुक्की और गाली-गलौज की गई। बाहर खड़े कर्मचारियों ने पुलिस को बुलाया और दरवाजा खोला। बचाव में आए कर्मचारियों से भी मारपीट की गई। हमले में निदेशक की आंख और चेहरे पर चोटें आई।

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