जो व्यक्ति आरोपी, वही सुरक्षा की गुहार लगा रहा; मोहम्मद दीपक पर भड़का HC, लगाई कड़ी फटकार
अदालत ने कहा, 'आपकी स्थिति एक संदिग्ध आरोपी की है। एक ऐसा व्यक्ति जो संदिग्ध आरोपी है, वह विभागीय जांच की मांग कर रहा है, एक संदिग्ध आरोपी सुरक्षा की मांग कर रहा है।'

उत्तराखंड हाई कोर्ट ने कुछ समय पहले मुस्लिम दुकानदार का बचाव करने की वजह से चर्चा में आये मोहम्मद दीपक कुमार को गुरुवार को कड़ी फटकार लगाई और उनकी याचिका को कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया। अदालत ने कहा कि 'जो व्यक्ति आरोपी है, वह सुरक्षा की गुहार लगा रहा है और पुलिस के खिलाफ जांच की मांग कर रहा है? आप एक संदिग्ध आरोपी हैं। आप इस मुद्दे को सनसनीखेज बनाने की कोशिश कर रहे हैं।' अदालत ने यह बात दीपक द्वारा अपने खिलाफ दर्ज मामले को निरस्त करने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग को लेकर दायर मामले की सुनवाई करते हुए कही।
'बार एंड बेंच' की रिपोर्ट के अनुसार सुनवाई के दौरान उत्तराखंड हाई कोर्ट के जस्टिस राकेश थपलियाल की पीठ ने इस मामले में कथित रूप से पक्षपातपूर्ण आचरण के लिए गलती करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच की याचिकाकर्ता की मांग पर भी सवाल उठाया और जिम मालिक मोहम्मद दीपक कुमार से कहा, 'यह प्रक्रिया का पूरी तरह से दुरुपयोग है। जो व्यक्ति खुद आरोपी है, वह सुरक्षा की गुहार लगा रहा है? पुलिस अधिकारी सक्षम हैं, उन पर भरोसा करें। आप एक संदिग्ध आरोपी हैं।'
सुरक्षा मांगने पर भी उठाया सवाल
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याचिकाकर्ता द्वारा सुरक्षा मांगने पर भी सवाल उठाया। अदालत ने कहा, कुमार उस याचिका में धमकियों के खिलाफ सुरक्षा की मांग कैसे कर सकते हैं, जो मूल रूप से FIR रद्द करवाने के लिए दायर की गई थी। बेंच ने कहा, ‘यह किस तरह की मांग है? क्या आप ऐसी मांग कर सकते हैं? यह दबाव बनाने की एक चाल है। मैं याचिकाकर्ता पर भारी जुर्माना लगाकर इसे खारिज कर दूंगा।’
'आप कौन हैं आपकी क्या स्थिति है'
अदालत ने कहा, 'जब आप कोई याचिका दायर करते हैं, तो आपको अपने दिमाग में यह रखना चाहिए कि आप कौन हैं और याचिका में आपकी क्या स्थिति है। आपकी स्थिति एक संदिग्ध आरोपी की है। एक ऐसा व्यक्ति जो संदिग्ध आरोपी है, वह विभागीय जांच की मांग कर रहा है, एक संदिग्ध आरोपी सुरक्षा की मांग कर रहा है।'
कोर्ट ने यह भी कहा कि कुमार याचिका दायर करके पुलिस पर बोझ डाल रहे हैं। कोर्ट ने राज्य सरकार की इस दलील पर भी गौर किया कि कुमार को किसी तरह का कोई खतरा नहीं है।
दीपक ने की है FIR दर्ज करने की मांग
हाई कोर्ट में इस याचिका को दायर करते हुए याचिकाकर्ता मोहम्मद दीपक की ओर से कहा गया कि उनके खिलाफ जो FIR दर्ज की गई है वह गलत है। यह भी कहा गया कि पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है और न ही उसकी ओर से दी गई शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
मुस्लिम दुकानदार का बचाव कर चर्चा में आए थे दीपक
बता दें कि कोटद्वार के रहने वाले दीपक कुमार उर्फ मोहम्मद दीपक इस साल जनवरी में उस समय चर्चा में आए थे, जब हिंदू संगठनों से जुड़े कुछ युवकों ने कथित रूप से दुकान का नाम 'बाबा' रखने को लेकर मुस्लिम समुदाय के दुकानदार से एतराज जताया था और दुकान का नाम बदलने की मांग की थी।
इसी बीच पड़ोस में जिम ट्रेनर का काम करने वाले दीपक ने वहां पहुंचकर युवकों की इस हरकत का विरोध किया था और इसी दौरान अपना नाम मोहम्मद दीपक बताया था। इसके बाद याचिकाकर्ता सोशल मीडिया पर सुर्खियों में आ गया था और राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं ने उसकी तारीफ भी की थी।
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