उत्तराखंड मंत्रिमंडल का विस्तार जल्द, भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट बोले- हाईकमान से किया है आग्रह
Uttarakhand Cabinet Expansion: उत्तराखंड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि हमने दिल्ली हाईकमान से आग्रह किया है कि सीएम पुष्कर धामी को मंत्रिमंडल विस्तार की स्वीकृति दी जाए। जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार होगा।

Uttarakhand Cabinet Expansion: चैत्र नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही उत्तराखंड की सियासत में हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चाएं अब खुलकर सामने आने लगी हैं। गुरुवार को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने भी साफ संकेत दे दिए हैं कि राज्य में जल्द ही कैबिनेट विस्तार हो सकता है।
नई दिल्ली में एएनआई से बातचीत में महेंद्र भट्ट ने कहा कि मंत्रिमंडल में फिलहाल 5 मंत्री पद रिक्त हैं और इस संबंध में केंद्रीय नेतृत्व से आग्रह किया गया है। उन्होंने भरोसा जताया कि मुख्यमंत्री को जल्द ही इन पदों को भरने की स्वीकृति मिल जाएगी और “बहुत जल्द मंत्रिमंडल का विस्तार होगा।”
5 मंत्री पद खाली, संतुलन साधने की चुनौती
उत्तराखंड सरकार के मौजूदा मंत्रिमंडल में कुल 12 पदों में से केवल 7 मंत्री ही कार्यरत हैं, जबकि 5 पद खाली हैं। ऐसे में क्षेत्रीय, जातीय और संगठनात्मक संतुलन साधना भाजपा नेतृत्व के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। सूत्रों की मानें तो इस बार विस्तार में कुमाऊं-गढ़वाल के संतुलन के साथ-साथ युवा और अनुभवी चेहरों को जगह देने पर फोकस किया जा सकता है।
2 दर्जन नेताओं को मिल सकता है दायित्व
कैबिनेट विस्तार के साथ-साथ भाजपा संगठन में भी बड़े पैमाने पर नियुक्तियों की चर्चा है। करीब दो दर्जन से अधिक पार्टी नेताओं को दायित्वधारी (राज्यमंत्री स्तर के समकक्ष) बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है। इस कदम को संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल के रूप में देखा जा रहा है, जिससे चुनावी तैयारियों को भी मजबूती मिल सके।
हाईकमान की मंजूरी का इंतजार
हाल ही में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट कई मंचों से कैबिनेट विस्तार के संकेत दे चुके हैं। माना जा रहा है कि जैसे ही केंद्रीय नेतृत्व की हरी झंडी मिलती है, उसके बाद 15 दिनों के भीतर विस्तार और दायित्व वितरण की प्रक्रिया पूरी हो सकती है।
अगले साल विधानसभा चुनाव
राज्य में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में कैबिनेट विस्तार को भाजपा की चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस विस्तार के जरिए पार्टी संगठन में असंतोष को कम करने, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व बढ़ाने और चुनाव से पहले मजबूत संदेश देने की कोशिश करेगी।
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