शारदा और गंगा कॉरिडोर की रफ्तार पर CM पुष्कर धामी की दो टूक, अफसरों को 6 महीने की मोहलत
शारदा और गंगा कॉरिडोर की रफ्तार को लेकर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने नाखुशी जताई। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिए कि धरातल पर काम 6 महीने के भीतर दिखने चाहिए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार गंगा, शारदा रिवरफ्रंट और ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। बुधवार को उत्तराखंड निवेश और आधारभूत संरचना विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) की बोर्ड बैठक में सीएम धामी ने कहा कि छह महीने में धरातल पर काम दिखने चाहिए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हरिद्वार गंगा, शारदा, ऋषिकेश कॉरिडोर प्रोजेक्ट से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इन परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए। सभी परियोजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। ताकि राज्य के समग्र विकास को गति मिल सके। उत्तराखंड को निवेश के लिए एक आकर्षक डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित किया जा सके। शारदा और गंगा कोरिडोर का मुख्य उद्देश्य राज्य में धार्मिक पर्यटन को और बढ़ावा देने के साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। श्रद्धालुओं की सुविधा को बढ़ाना है।
धामी बोले- धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा
कहा कि दोनों परियोजनाओं में अलग-अलग डिजाइन पर काम किए जायेंगे। शारदा कोरिडोर के बुनियादी ढ़ांचे, पर्यटन और लोगों की आर्थिकी को बढ़ावा देने से संबंधित कई काम किए जाएंगे। कहा कि शारदा नदी के किनारे रिवर फ्रंट के विकास, घाटों के सौंदर्यीकरण से इस क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि छह महीने के भीतर इन परियोजनाओं के कार्यों की वास्तविक प्रगति दिखनी चाहिए। इसके लिए हर प्रोजेक्ट की स्पष्ट टाइमलाइन तय हो। तय समय सीमा में कार्यों को पूरा करना सुनिश्चित किया जाए। नियमित मॉनिटरिंग और समीक्षा की जाए। ताकि किसी भी स्तर पर देरी न हो।
बैठक में कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद् विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगौली, नितेश झा, दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, विनय शंकर पाण्डेय, डॉ. आर राजेश कुमार, बृजेश संत, धीराज गर्ब्याल, रणवीर सिंह चौहान, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते आदि मौजूद रहे।
भूस्खलन के लिहाज से संवेदनशीलता का हो अध्ययन
सीएम धामी ने परियोजना के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कहा कि इस क्षेत्र की भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशीलता का भी अध्ययन कर सुरक्षात्मक उपायों की प्राथमिकता पर ध्यान दिया जाए।
कुंभ को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकता पर हों काम
सीएम धामी ने हरिद्वार कुंभ को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकता पर काम पूरे करने के निर्देश दिए। कहा कि गंगोत्री से हरिद्वार तक गंगा स्वच्छता के साथ हरिद्वार, ऋषिकेश के घाटों की स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और आधारभूत सुविधाओं से जुड़े काम तेजी से किए जाएं।
योजनाओं में आ रही दिक्कतों को दूर करें
सीएम धामी ने परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही प्रक्रियात्मक जटिलताओं को दूर करने के लिए कार्यों के सरलीकरण पर विशेष जोर दिया। ताकि परियोजनाएं समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतर सकें। कहा कि यूआईआईडीबी के गठन का मुख्य उद्देश्य निवेश को बढ़ावा देने के साथ ही आधारभूत संरचना को मजबूत करना है। इसके लिए सभी संबंधित विभाग गंभीरता, समन्वय और उत्तरदायित्व के साथ काम करें।
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