अधिकारियों को 'जूते की नोंक' वाला पाठ पढ़ाने वाले भरत चौधरी, धामी सरकार में नए मंत्री
Bharat Singh Chaudhary: रुद्रप्रयाग से विधायक भरत सिंह चौधरी ने आज उत्तराखंड कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली है। वे रुद्रप्रयाग से दो बार लगातार विधायक हैं। भरत सिंह चौधरी को सीएम धामी का करीबी नेता माना जाता है।

Bharat Singh Chaudhary: उत्तराखंड में लंबे इंतजार और विधानसभा चुनाव से कुछ माह पहले बहुप्रतिक्षित कैबिनेट विस्तार हुआ। राजपुर विधायक खजान दास, हरिद्वार विधायक मदन कौशिक, रुड़की विधायक प्रदीप बत्रा और भीमताल विधायक राम सिंह कैड़ा ने कैबिनेट पद की शपथ ली। महज 15 मिनट में सभी पांच विधायकों ने लोकभवन में राज्यपाल की मौजूदगी में शपथग्रहण किया। इसमें चौधरी, बत्रा और कैड़ा को पहली बार मंत्री पद संभालने का अवसर मिला है, जबकि दास और कौशिक पहले भी यह जिम्मेदारी निभा चुके हैं।
रुद्रप्रयाग के दबंग और धाकड़ विधायक भरत सिंह चौधरी ने संस्कृत भाषा में शपथ ली। भरत सिंह चौधरी रुद्रप्रयाग से दो बार के विधायक हैं। 2017 से लगातार विधानसभा का प्रतिनिधित्व करते हैं। रुद्रप्रयाग उत्तराखंड की महत्वपूर्ण विधानसभा है। केदारनाथ धाम इसी जनपद में आता है। रुद्रप्रयाग बदरीनाथ धाम और केदारनाथ धाम का सेंटर पॉइंट भी है। भरत सिंह चौधरी ने 2022 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को करीब 10 हजार वोटों के अंतर से हराया था। विधानसभा चुनाव के वक्त पीएम मोदी ने जनसभा के दौरान भरत सिंह चौधरी की तारीफ भी की थी।
विवादित बयान से सुर्खियां बटोर चुके चौधरी
भरत सिंह चौधरी इसी साल तब सुर्खियों में आए थे, जब एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अधिकारियों के अभद्र भाषा का प्रयोग किया। यह वायरल वीडियो जनवरी 2026 का था। घटना रुद्रप्रयाग जनपद के बड़मा पट्टी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हुई थी। कार्यक्रम में विधायक चौधरी ने कहा था कि बड़मा क्षेत्र में सैनिक स्कूल बनाने की घोषणा करने वाले नेता अब नजर नहीं आते। उन्होंने कहा कि भले ही सैनिक स्कूल न बन पाए, लेकिन बड़मा में वेटनरी मेडिकल कॉलेज अवश्य बनाया जाएगा। वो आगे कहते हैं- जो अधिकारी नहीं सुनेगा, वो भरत सिंह चौधरी के जूते की सुनेगा...।
विधायक चौधरी ने कांग्रेस नेता और रुद्रप्रयाग के पूर्व विधायक डॉ. हरक सिंह रावत पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा, “आ गया हरक, पड़ गया फरक” कहने वाले अब नजर नहीं आते।
ब्राह्मण, ठाकुर और पंजाबी समुदाय से मंत्री
धामी सरकार के इस कैबिनेट विस्तार में साफ तौर पर जातीय संतुलन साधने की कोशिश नजर आ रही है। अलग-अलग समुदायों को प्रतिनिधित्व देकर राजनीतिक समीकरण मजबूत करने पर फोकस किया गया है। इसमें अनुसूचित जाति से खजान दास, पंजाबी समाज से प्रदीप बत्रा, ब्राह्मण वर्ग से मदन कौशिक, जबकि ठाकुर समाज से राम सिंह कैड़ा और भरत चौधरी को मंत्री बनाया गया है।
नए मंत्रियों के शामिल होने के बाद राज्य मंत्रिमंडल के सदस्यों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है, जो संवैधानिक प्रावधान के अनुसार अधिकतम है। मंत्रिमंडल विस्तार में गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्रों के बीच संतुलन के साथ ही मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया गया है, जिसे अगले वर्ष की शुरुआत में प्रस्तावित राज्य विधानसभा चुनाव से पहले अहम माना जा रहा है।
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