गौ सम्मान के लिए मैदान में उतरा संत समाज
गौ सम्मान अभियान के तहत साधु संतों ने सोमवार को पदयात्रा निकाली। उन्होंने गौ सेवा और संरक्षण की मांग की और गौ को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मांग की। ज्ञापन राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राज्यपाल को भेजा गया। साधु संतों ने कहा कि गौ का अपमान हो रहा है और उन्हें सुरक्षा, भोजन और इलाज की जरूरत है।

गौ सम्मान अभियान के तहत साधु संत समाज मैदान में उतर आया है। सोमवार को संतों, उनके अनुयायियों और ऋषिकुमारों ने गौ सेवा और संरक्षण की मांग को लेकर पदयात्रा निकाली। उन्होंने तहसील में ज्ञापन देकर गौ को राष्ट्रमाता का दर्जा देने सहित अन्य मांगें उठाई। दून मार्ग स्थित व्यापार सभा में नगर के साधु संत, अनुयायी व विभिन्न संस्कृत स्कूलों के ऋषिकुमार एकत्रित हुए। उसके बाद व्यापार सभा भवन से दून मार्ग, नटराज चौक, गौरा देवी चौक होते हुए तहसील तक पदयात्रा निकाली गई। तहसील में एसडीएम कार्यालय के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया।
मूलक पीठाधीश्वर राजेंद्र दास महाराज ने कहा कि सनातन धर्म में गौ को माता का दर्जा दिया गया है। लेकिन सनातनियों के इस देश में गौ का जगह-जगह अपमान हो रहा है, जगह-जगह सड़कों पर गौ लावारिस पशु की तरह भटकने को मजबूर है। सड़कों पर घूमने वाली गायें दुर्घटनाओं का शिकार हो रही हैं। उन्हें न भोजन मिलता है, न इलाज। उन्होंने कहा कि गौमाता को राष्ट्रमाता, राष्ट्रदेव, राष्ट्रआराध्या और राष्ट्र के आधार के रूप में मान्यता देने, गौ संरक्षण को बढ़ावा और गौ सेवा को शिक्षा से जोड़ने, निराश्रित गायों के लिए भोजन, उपचार और सुरक्षा की व्यवस्था करने आदि की मांगों को लेकर सभी साधु संत एक हुए हैं और अब मांग पूरी नहीं होने तक इस प्रकार के कार्यक्रम होते रहेंगे।
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