गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने की मांग
हल्द्वानी में गोमाता की दुर्दशा रोकने और उन्हें राष्ट्रमाता का संवैधानिक दर्जा दिलाने के लिए गोसेवकों ने रैली निकाली। उन्होंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राज्यपाल को ज्ञापन भेजा, जिसमें गो-हत्या पर प्रतिबंध और गौमाता को सम्मान दिलाने की मांग की गई। यह आंदोलन पूरे देश में फैल रहा है और गोसेवक इसे जारी रखने का संकल्प ले रहे हैं।

हल्द्वानी, संवाददाता। देश में गोमाता की दुर्दशा रोकने और उन्हें राष्ट्रमाता का संवैधानिक दर्जा दिलाने के लिए संतों के मार्गदर्शन में शुरू हुआ गो सम्मान आह्वान अभियान अब जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। इसी क्रम में सोमवार को हल्द्वानी के गोसेवकों ने बुद्ध पार्क से एसडीएम कोर्ट तक रैली निकाली। शहर के सैकड़ों गोसेवकों ने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उत्तराखंड के राज्यपाल और मुख्यमंत्री को चार अलग-अलग ज्ञापन प्रेषित किए। इस दौरान हजारों नागरिकों के हस्ताक्षर युक्त पत्र भी संलग्न किए गए, जिसमें गो-हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध और गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की पुरजोर मांग की गई।
गोसेवकों का कहना है कि आज पूरे देश की पांच हजार से अधिक तहसीलों में एक साथ ज्ञापन देकर सरकार को सोई हुई चेतना जगाने का संदेश दिया गया है। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक गौमाता को संवैधानिक सम्मान नहीं मिलता, यह आंदोलन थमेगा नहीं। रैली में गौसेवक जोगेन्द्र राणा जोगी, महंत हिरागिरी महाराज, रूपेंद्र नागर, विनोद लखेरा, पंकज खत्री, चन्दन मलारा, देव बिष्ट, नीलाम्बर कांडपाल, प्रदीप उप्रेती, गौरव सुयाल, राज राजवार, विसम्बर पाण्डेय, योगिता बनोला, सुरेश सिंह, मीना गोस्वामी, चन्दन बिष्ट, गोविन्द आर्य, रविन्द्र सिंह, निकिता सुयाल, लालसिंह बाफिला, दीपक पथनी और गोविन्द अधिकारी समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
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