22 अप्रैल को खुलेंगे केदारनाथ के कपाट; रजिस्ट्रेशन, हेली बुकिंग, रूट और नए नियम जानिए
Kedarnath Yatra Registration: 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुल रहे हैं। अगर आप भी यात्रा पर जाने की सोच रहे हैं तो यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन करना जरूरी है। धाम की यात्रा से पहले नियम भी जान लीजिए।

Kedarnath Yatra Registration: देवभूमि उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 2026 पूरे जोर-शोर से शुरू हो चुकी है। बर्फ से ढकी चोटियों के बीच गूंजते वैदिक मंत्रों के साथ श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ने लगा है। 19 अप्रैल को यमुनोत्री धाम और गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के बाद अब सबकी नजर केदारनाथ धाम पर है। बाबा केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल सुबह आठ बजे श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। इसके ठीक एक दिन बाद 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट भी शुभ मुहूर्त पर खुलेंगे।
22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुल रहे हैं। मंगलवार को बाबा केदार की डोली भोलेनाथ के जयकारों के साथ गौरीकुंड से निकलकर केदारनाथ के लिए निकली। केदारनाथ धाम जाने के लिए रजिस्ट्रेशन कैसे करें? हेली सेवा की बुकिंग कैसे करेंगे? हेली किराया कितना होगा? इस लेख में हम यह भी जानेंगे कि केदारनाथ जाने का रूट क्या है और धाम जाने के लिए बदरी-केदार मंदिर समिति ने नए नियम भी तय किए हैं।
केदारनाथ: सबसे कठिन, लेकिन सबसे लोकप्रिय धाम
चारों धामों में केदारनाथ यात्रा को सबसे कठिन माना जाता है। यहां पहुंचने के लिए गौरीकुंड से करीब 16–18 किलोमीटर की पैदल चढ़ाई करनी पड़ती है। जो श्रद्धालु पैदल नहीं जा सकते, उनके लिए हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध है, जिसकी बुकिंग सिर्फ आईआरसीटीसी पोर्टल के जरिए की जा सकती है। ऊंचाई और मौसम को देखते हुए सरकार ने 177 एंबुलेंस तैनात की हैं, साथ ही एम्स ऋषिकेश की ओर से हेलीकॉप्टर एंबुलेंस भी सेवा में लगाई गई है।
हेली सेवा के लिए किराया और बुकिंग कैसे करें?
उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) ने हेली सेवा के लिए नई दरों को लागू किया है। इस वर्ष गुप्तकाशी से केदारनाथ के लिए आने-जाने के लिए प्रति यात्री को कुल 12,154 रुपये चुकाने होंगे। वहीं, फाटा से केदारनाथ धाम के लिए 9,680 रुपये व सिरसी से 6,086 रुपये किराया तय किया गया है। इस पर जीएसटी और आईआरसीटीसी पोर्टल का ऑनलाइन बुकिंग सुविधा शुल्क भी देना होगा।
सीईओ यूकाडा डॉ.आशीष चौहान ने बताया कि गुप्तकाशी में दो, फाटा में चार और सिरसी में दो ऑपरेटर सेवाएं देंगे। सभी ऑपरेटरों को सुरक्षा मानक कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए हैं। बुकिंग आईआरसीटीसी के पोर्टल heliyatra.irctc.co.in पर यात्री स्लॉट बुक कर सकेंगे।
नए नियम: मोबाइल बैन, सख्त एंट्री
इस बार यात्रा में कई बड़े बदलाव किए गए हैं। केदारनाथ, बदरीनाथ और गंगोत्री मंदिर परिसरों में मोबाइल फोन और कैमरे पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिए गए हैं, ताकि धार्मिक वातावरण बना रहे। साथ ही, कुछ धामों में गैर-हिंदू श्रद्धालुओं के प्रवेश को लेकर भी विशेष शर्तें लागू की गई हैं, जबकि यमुनोत्री सभी के लिए खुला रहेगा। मंदिरों के बाहर इलेक्ट्रॉनिक सामान रखने के लिए क्लॉक रूम की व्यवस्था की गई है।
यमुनोत्री से होती है चारधाम यात्रा की शुरुआत
चारधाम यात्रा की शुरुआत पारंपरिक रूप से यमुनोत्री से होती है, जहां जानकीचट्टी से 5–6 किमी पैदल यात्रा करनी होती है। वहीं गंगोत्री तक सड़क मार्ग से सीधे पहुंचा जा सकता है। बदरीनाथ धाम भी सड़क से जुड़ा होने के कारण बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए ज्यादा सुविधाजनक माना जाता है।
स्वास्थ्य और रजिस्ट्रेशन अनिवार्य
इस बार स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी गई है। खासकर 55 वर्ष से अधिक उम्र या अस्थमा, डायबिटीज जैसी बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए यात्रा से पहले मेडिकल जांच अनिवार्य की गई है। हर यात्री और वाहन के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी है, जो चारधाम यात्रा के आधिकारिक पोर्टल के जरिए किया जा सकता है। रजिस्ट्रेशन के बाद श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए टोकन (स्लॉट) दिए जाएंगे, जिन्हें यात्रा मार्ग में विभिन्न चेक प्वाइंट पर सत्यापित किया जाएगा।
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