चारधाम पर भ्रामक मैसेज-वीडियो शेयर करने पर कानूनी एक्शन, फेक न्यूज पर सख्त पहरा
चारधाम यात्रा से जुड़े फर्जी संदेश, वीडियो या पोस्ट शेयर करने वाले पर सख्त कानूनी ऐक्शन होगा। साथ ही सरकार ने साइबर अपराधों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं।

चारधाम यात्रा को लेकर भ्रामक जानकारी फैलाना अब भारी पड़ सकता है। यात्रा से जुड़े फर्जी संदेश, वीडियो पोस्ट करने या उन्हें सोशल मीडिया पर साझा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पर्यटन विभाग ने सोमवार को जारी अपनी विस्तृत आधिकारिक गाइडलाइन में इस संबंध में स्पष्ट चेतावनी दी है।
गाइडलाइन में कहा गया है कि यात्रा से जुड़ी गलत सूचनाएं न केवल श्रद्धालुओं को भ्रमित करती हैं, बल्कि सार्वजनिक व्यवस्था व जनभावनाओं को भी प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर हर संदेश-वीडियो पर विभाग की पैनी नजर रहेगी। साथ ही भ्रामक सामग्री पोस्ट या शेयर करने वालों पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
साइबर अपराध पर तत्काल कार्रवाई
यात्रा के दौरान साइबर अपराधों के मद्देनजर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। विशेष रूप से फर्जी वेबसाइटों के जरिए हेली टिकट बुकिंग में होने वाली गड़बड़ियों पर तत्काल कार्रवाई होगी। ऐसे मामलों की सूचना राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दी जा सकती है। साथ ही देहरादून साइबर अपराध पुलिस स्टेशन में 01352655900 या ccps.deh@uttarakhand police.uk.gov.in पर ईमेल से शिकायत कर सकेंगे।
स्वास्थ्य जांच के विशेष निर्देश
पर्यटन विभाग ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा से पहले समुचित तैयारी करें। कम से कम सात दिन का यात्रा प्लान बनाएं। ऊंचे क्षेत्रों में अत्यधिक ठंड, कम ऑक्सीजन और कम वायुदाब से परेशानी हो सकती है, इसलिए स्वास्थ्य परीक्षण कराएं। रोज पांच से दस मिनट श्वसन व्यायाम और 20-30 मिनट पैदल चलने का अभ्यास करें। 55 वर्ष से ज्यादा उम्र वाले यात्री विशेष सावधानी बरतें।
सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ब्याल ने कहा कि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को गाइडलाइन जारी की गई है। यात्रियों को भ्रामक सूचना, संदेशों, वीडियो से बचने की अपील की गई है। साथ ही व्यवस्था की गई कि जो भी गलत संदेशों को सोशल मीडिया पर पोस्ट और शेयर करेगा, उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। सभी के सहयोग से ही चारधाम यात्रा का बेहतर संचालन संभव होगा।
‘सचेत’ पर मिलेंगे अलर्ट
प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का मोबाइल एप ‘सचेत’ उपयोगी साबित होगा। यह एप भौगोलिक स्थिति के आधार पर रियल टाइम अलर्ट उपलब्ध कराएगा, जिससे यात्रियों को समय रहते आवश्यक जानकारी मिल सकेगी।
टोकन सिस्टम से दर्शन
धामों में दर्शन को टोकन व्यवस्था की गई है। पंजीकरण दस्तावेज के सत्यापन के बाद कुछ ही सेकेंड में श्रद्धालुओं को टोकन मिल जाएगा। टोकन जानकीचट्टी, यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ, बदरीनाथ, आईएसबीटी, बीआरओ सर्कल व माणा पार्किंग से ले सकेंगे। यमुनोत्री के लिए बड़कोट, गंगोत्री को हिना, केदारनाथ के लिए सोनप्रयाग,बदरीनाथ को पांडुकेश्वर व हेमकुंड साहिब के लिए गोविंदघाट में भौतिक सत्यापन किया जाएगा।
क्यूआर कोड आईडी
ऑफलाइन पंजीकरण कराने वाले श्रद्धालुओं को यूनिक क्यूआर कोड युक्त आईडी टिकट जारी किए जा रहे हैं। इन टिकटों को आधार प्रमाणीकरण, बायोमेट्रिक व फेस आईडी से भी जोड़ा गया है, जिससे यात्रा व्यवस्था अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बन सके।
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