Chardham Yatra Gangotri Yamunotri dham kapat open today akshay tritya photos Chardham Yatra 2026: पहाड़ों के बीच जयकारों की गूंज और भक्तों का सैलाब, तस्वीरों में देखिए चारधाम यात्रा का आगाज
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Hindi NewsफोटोChardham Yatra 2026: पहाड़ों के बीच जयकारों की गूंज और भक्तों का सैलाब, तस्वीरों में देखिए चारधाम यात्रा का आगाज

Chardham Yatra 2026: पहाड़ों के बीच जयकारों की गूंज और भक्तों का सैलाब, तस्वीरों में देखिए चारधाम यात्रा का आगाज

उत्तराखंड में इस साल की पवित्र चारधाम यात्रा आगाज हो गया है। रविवार को अक्षय तृतीया के मौके पर वैदिक मंत्रोचार और विशेष धार्मिक अनुष्ठानों के बीच गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। 

Aditi SharmaSun, 19 April 2026 10:36 PM
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अक्षय तृतीया पर चारधाम यात्रा का आगाज

उत्तराखंड में इस साल की पवित्र चारधाम यात्रा आगाज हो गया है। रविवार को अक्षय तृतीया के मौके पर वैदिक मंत्रोचार और विशेष धार्मिक अनुष्ठानों के बीच गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इस दौरान हजारों की संख्या में तीर्थयात्री मंदिर परिसर में मौजूद रहे। मंदिरों को फूलों से सजाया गया और हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई।

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'हर-हर गंगे' और 'जय मां यमुना' के जयकारे

उत्तरकाशी जिले में स्थित दोनों धामों में पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से की गई। गंगोत्री मंदिर के कपाट दोपहर करीब 12:15 बजे और यमुनोत्री मंदिर के कपाट 12:35 बजे खोले गए। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर 'हर-हर गंगे' और 'जय मां यमुना' के जयकारे से गूंज उठा।

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गंगोत्री और यमुनोत्री धाम का महत्व

गंगोत्री और यमुनोत्री धाम का हिंदू धर्म में विशेष आध्यात्मिक महत्व है। गंगोत्री धाम वह स्थान माना जाता है जहां राजा भगीरथ की घोर तपस्या से प्रसन्न होकर मां गंगा पृथ्वी पर उतरी थीं। वहीं, यमुनोत्री धाम मां यमुना का उद्गम स्थल है। यहां की एक अनोखी परंपरा भी है। यहां सूर्य कुंड है, जहां के उबलते गर्म पानी में श्रद्धालु प्रसाद (चावल या आलू) पकाकर देवी मां को चढ़ाते हैं।

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी की पूजा

कपाट खुलने के मौके पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी पहुंचे और चारधाम यात्रा के सफल आयोजन की कामना की। इस साल पहली बार गंगोत्री सहित तीन धामों में गैर सनातनियों की एंट्री पर प्रतिबंध और खास शर्तें लागू की गई हैं। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने दोनों मंदिर परिसरों में प्रवेश के लिए सनातन धर्म के प्रति आस्था का हलफनामा अनिवार्य किया है। वहीं गंगोत्री मंदिर समिति ने पंचगव्य (गोबर, गोमूत्र, दूध, दही और घी) ग्रहण करने के बाद ही प्रवेश की अनुमति देने की घोषणा की है। यमुनोत्री मंदिर समिति ने अलग रुख अपनाते हुए बिना जाति-धर्म पूछे श्रद्धाभाव से आने वाले सभी श्रद्धालुओं के स्वागत का फैसला लिया है।

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कब खुलेंगे केदारनाथ-बदरीनाथ मंदिर के कपाट

उत्तराखंड के चारधामों में शामिल बाकी दो धाम-रुद्रप्रयाग जिले में स्थित केदारनाथ मंदिर के कपाट 22 अप्रैल को और चमोली जिले के बदरीनाथ मंदिर के कपाट 23 अप्रैल को खोले जाएंगे। इस बार चारों धामों के मंदिर परिसरों में मोबाइल फोन और कैमरों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।

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सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

उत्तराखंड में गंगोत्री, यमुनोत्री, बदरीनाथ और केदारनाथ चारों धाम यात्रा की 24 घंटे सातों दिन निगरानी के लिए सरदार पटेल भवन में एक अत्याधुनिक 'चारधाम कंट्रोल रूम' स्थापित किया गया है और सुरक्षा की नजरिए से पूरी यात्रा मार्ग को 16 सुपर जोन, 43 जोन और 149 सेक्टरों में बांटा गया है।

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अब तक इतने लोग करा चुके रजिस्ट्रेशन

पिछले साल चारधाम यात्रा में 51 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे थे, जबकि इस साल अब तक करीब 19 लाख श्रद्धालु ऑनलाइन और ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। ये चारों धाम ऊपरी गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र में स्थित है। ये सर्दियों में भारी बर्फबारी और भीषण ठंड के चलते हर साल अक्टूबर-नवंबर में बंद कर दिए जाते हैं और अप्रैल-मई में फिर श्रद्धालुओं के लिए खोले जाते हैं।

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सोशल मीडिया सेल देगी यात्रियों को अपडेट

यात्रियों की सुविधा के लिए कुल पांच ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन सेंटर हरिद्वार, देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी में चलाए जा रहे हैं। यात्रियों से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट से ही हेली सेवा की बुकिंग और रिजस्ट्रेशन कराएं। सोशल मीडिया सेल के जरिए यात्रियों को मौसम, आपदा और मार्ग की स्थिति के बारे में रियल-टाइम अपडेट दिए जाएंगे।