खाड़ी युद्ध और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का असर; चारधाम यात्रा में कारोबार पर डबल मार कैसे
देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे का असर हरिद्वार शहर के ट्रैवल और होटल कारोबारियों पर पड़ रहा है। साथ ही, खाड़ी युद्ध की भ्रामक खबरों और पेट्रोल, डीजल की कीमतें बढ़ने की अफवाहों के बीच ट्रैवल कारोबार 60 फीसदी घट गया है।

चारधाम यात्रा के शुरुआती दिनों में ही हरिद्वार का पर्यटन और ट्रैवल कारोबार दोहरी मार झेल रहा है। एक ओर ईरान-अमेरिका युद्ध से जुड़े तनाव और ईंधन कीमतों को लेकर फैली अफवाहों ने यात्रियों को असमंजस में डाल दिया है, तो दूसरी ओर दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे ने यात्रा के पारंपरिक रूट को बदल दिया है। नतीजा यह है कि श्रद्धालु अब हरिद्वार में ठहरने के बजाय सीधे देहरादून का रुख कर रहे हैं, जिससे शहर के होटल खाली पड़ रहे हैं और ट्रैवल कारोबार में तेज गिरावट दर्ज की जा रही है।
चारधाम यात्रा के शुरुआती 10 दिनों में शहर के 40 फीसदी होटल खाली पड़े है। पिछले साल की तुलना में इस साल कारोबार कम हो गया है। कारोबारियों के अनुसार इस साल चारधाम यात्रा शुरू करने के लिए बड़ी कम संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंच रहे है। चारधाम के यात्रियों की संख्या हरिद्वार में तीन गुना घट गई है। ऋषिकुल मैदान में ऑफलाइन पंजीकरण काउंटर पर भी यात्रियों की कम भीड़ नजर आ रही है। देहरादून दिल्ली एक्सप्रेसवे का असर चारधाम यात्रा पर पड़ रहा है।
एक्सप्रेसवे से क्या असर
एक्सप्रेसवे की वजह से यात्री हरिद्वार में नहीं रुक रहे है। यात्री सीधे देहरादून रवाना हो रहे है। इस वजह से शहर की करीब 1200 होटलों में करीब 480 होटल खाली पड़े है। अधिकांश होटलों के पास एडवांस बुकिंग नहीं है। होटलों में इन्क्वारी भी घट गई है। यात्रियों की कमी के चलते ट्रैवल कारोबार भी घट गया है। ट्रैवल कारोबारियों से यात्री 15 मई के बाद बुकिंग के लिए इंक्वायरी कर है। अप्रैल माह में ट्रैवल कारोबारियों को एडवांस बुकिंग नहीं मिली है।
खाड़ी युद्ध से गैस के दाम बढ़े
हरिद्वार ट्रैवल एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री सुमित श्रीकुंज का कहना है कि खाड़ी युद्ध की वजह से गैस के दाम बढ़े है। यात्री असमंजस में है। पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने की अफवाहों से भी यात्री रुक गया है। ट्रैवल कारोबार 60 फीसदी कम है। एडवांस बुकिंग और इंक्वायरी भी नहीं है।
होटल एसोसिएशन बजट अध्यक्ष कुलदीप शर्मा के अनुसार, होटलों में बुकिंग कम है। शहर के 40 फीसदी होटल खाली पड़े है। एक्सप्रेसवे की वजह से यात्री हरिद्वार में नहीं रुक रहा है। यात्री सीधे देहरादून रवाना हो रहा है। होटल के खर्च भी पूरे नहीं हो रहे है। इस साल कारोबार घट गया है।
बुकिंग नहीं होने से अधिकांश वाहन पार्किंग में खड़े
हरिद्वार ट्रैवल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष उमेश पालीवाल, ट्रैवल कारोबारी उमेश गौड़ ने बताया कि पिछले साल शुरुआती दिनों में रोजाना 600 से 700 वाहन चारधाम यात्रा के लिए हरिद्वार से रवाना हो रहे थे। लेकिन इस साल रोजाना 250 से 300 वाहन हरिद्वार से चारधाम यात्रा के लिए संचालित हो रहे है। स्टाफ का खर्च भी नहीं निकल रहा है। करीब 2500 टैक्सी कार और टेंपो ट्रेवल का संचालन होता है। अधिकांश वाहन पार्किंगों में खड़े रहे। हरिद्वार के करीब 225 पंजीकृत ट्रेवल कारोबारियों का कारोबार घटा है।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन