देहरादून में फिर रैगिंग कांड, MBBS छात्र पर जबरन बाल-दाढ़ी कटवाने का दबाव बनाया
Doon Medical College Ragging: दून मेडिकल कॉलेज में फिर रैगिंग कांड सामने आया है। समुदाय विशेष के एक MBBS छात्र पर जबरन बाल और दाढ़ी कटवाने का दबाव बनाया गया।

Doon Medical College Ragging: दून मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर रैगिंग का सनसनीखेज मामला सामने आया है। समुदाय विशेष के एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र पर सीनियर छात्रों ने दाढ़ी और बाल कटवाने का दबाव बनाया। पीड़ित छात्र की ओर से एंटी रैगिंग सेल एवं प्रबंधन से शिकायत के बाद प्राचार्य ने मामले में जांच बैठा दी है। जनवरी में भी मेडिकल कॉलेज में रैगिंग के दो प्रकरण आए थे। जिनमें छात्रों को जूते-चप्पल और बेल्ट से पीटा गया था।
पीड़ित छात्र की ओर से शिकायत में बताया गया कि उसे सीनियर छात्रों की ओर से काफी दिनों से परेशान किया जा रहा था। पहले तो वह डर के कारण चुप रहा। जब दाढ़ी कटवाने को लेकर दबाव बनाया गया तब उसने एंटी रैगिंग सेल में शिकायत कर दी। इसके बाद एंटी रैगिंग कमेटी की ओर से प्रथम वर्ष के एनॉटमी, फीजियोलॉजी और बॉयोकेमेस्ट्री विभागों के एचओडी को पत्र जारी कर जानकारी मांगी गई है। प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने भी इस प्रकरण को लेकर छात्रों से पूछताछ की है।
जनवरी में रैगिंग की दो घटनाएं
मेडिकल कॉलेज में बीती जनवरी में भी रैगिंग की दो घटनाएं सामने आईं थी। एक में छात्र को बेल्टों और चप्पलों से पीटा गया और दूसरी घटना में पूरी क्लास एक छात्र का शोषण कर रही थी। बाद में कई छात्रों पर जुर्माने और निष्कासन की कार्रवाई की गई थी। अब इस छात्र के आरोपों ने कॉलेज प्रबंधन में हड़कंप मचा दिया है। आरोपों की जांच के लिए एंटी रैगिंग कमेटी बन गई है।
पढ़ाई पर कैसे फोकस करेंगे छात्र
मेडिकल की पढ़ाई अपने आप में बेहद चुनौतीपूर्ण और तनावपूर्ण होती है। दूर-दराज से अभिभावक अफने बच्चों को एक सुरक्षित और स्वस्थ माहौल की उम्मीद में यहां भेजते हैं। सवाल उठ रहा है कि सीनियर्स की हनक और रैगिंग से गुजरना पड़े, तो वे अपनी पढ़ाई पर कैसे फोकस करेंगे? प्राचार्य डॉ. गीता जैन का कहना है कि एक छात्र पर बाल कटवाने का दबाव बनाने की शिकायत मिली है। रैगिंग को लेकर कॉलेज में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। मामले में एंटी रैगिंग कमेटी को जांच सौंप दी है। जांच करके रिपोर्ट देने को कहा है। जांच रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
दावे जीरो टॉलरेंस के, रुक नहीं रही रैगिंग
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर रैगिंग का मामला सामने आने से यहां पर व्यवस्थाओं पर सवाल और जीरो टॉलरेंस एवं सख्ती के दावों की पोल खुल गई है। प्रबंधन हर बार रैगिंग के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति का दावा करता है, लेकिन इसी साल जनवरी के बाद अब सामने आई इस नई घटना ने साबित कर दिया है कि कॉलेज के ये दावे महज फाइलों की शोभा बढ़ा रहे हैं।
एंटी रैगिंग कमेटी फ्लाइंग स्क्वायड क्या कर रहे
सवाल उठ रहा है कि जब कॉलेज में एंटी-रैगिंग कमेटी से लेकर फ्लाइंग स्क्वायड तक कागजों पर मुस्तैद है तो रैगंग कैसे हो रही है। व्यवस्था में कहीं न कहीं चूक हो रही है, जिसका खामियाजा नए छात्रों को चुकाना पड़ रहा है। बताया गया है कि कॉलेज में मॉनियरिंग सिस्टम फेल है। कॉलेज कैंपस और हॉस्टल में प्रशासनिक अधिकारी, फैकल्टी सदस्यों और वार्डन के बीच समन्वय की कमी है।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन