बदरी-केदारनाथ से देहरादून तक बारिश और बर्फबारी; उत्तराखंड में आज दिनभर अलर्ट
Uttarakhand 8 April Weather: उत्तराखंड में पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों में भारी बारिश और बर्फबारी जारी है। इससे मौसम कूल-कूल हो गया है। मौसम विभाग ने सभी जिलों के लिए आज दिनभर बारिश का अलर्ट है।

Uttarakhand 8 April Weather: उत्तराखंड के पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों में भारी बारिश और बर्फबारी ने मौसम कूल-कूल कर दिया है। अप्रैल में भी लोगों को फरवरी जैसी ठंड का अहसास हो रहा है। राजधानी देहरादून समेत कई जिलों में रातभर से लगातार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने प्रदेश के सभी जिलों के लिए आज दिन भर बारिश का अलर्ट जारी किया है।
केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में लगातार बर्फबारी हो रही है। जिसे काटकर रास्ते तैयार किए जा रहे हैं। इसे देखते हुए वहां तैनात होने वाले पुलिसकर्मियों को विशेष स्नो-किट और ठंड से बचाव के उपकरण मुहैया कराए जा रहे हैं यात्रा मार्गों पर चिन्हित डेंजर और लैंडस्लाइड जोन के लिए भी प्लान तैयार किया गया है। बारिश या भूस्खलन के कारण रास्ता बंद होने की स्थिति से निपटने के लिए संवेदनशील स्थानों के पास ही जेसीबी और पोकलैंड मशीनें स्टैंडबाय पर रखी जा रही हैं।
उत्तराखंड में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से अप्रैल के महीने में भी ठंडक लौट आई है। पहाड़ों में हो रही बर्फबारी और मैदानी इलाकों में झमाझम बारिश के चचलते तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। नई टिहरी में पारा सामान्य से आठ डिग्री और राजधानी देहरादून में 6 डिग्री सेल्सियल तक लुढक गया है। जिससे लोग एक बार फिर गर्म कपड़े निकालने पर मजबूर हो गए हैं।

बारिश और बिजली चमकने का अलर्ट
मौसम निदेशक डॉ. सीएस तोमर के अनुसार आज प्रदेश के सभी जनपदों के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। देहरादून में मंगलवार को दिनभर बादल छाए रहे और कई इलाकों में बारिश हुई। ठंडी हवाों के कारण देहरादून का तापमान सामान्य से 6 डिग्री कम 25.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। मुक्तेश्वर और नई टिहरी में पारा गिरने से ठिठुरन काफी बढ़ गई है। कौसानी में 13, चौबटिया रानीखेत में 6, रुद्रप्रयाग में 4 और मसूरी में 1.1 एमएम बारिश हुई। मौसम विभाग ने तेज हवाओ के साथ बिजली चमकने के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
चारधाम यात्रा तैयारियों में मुसीबत
चार धाम यात्रा तैयारियों के लिए लगातार हो रही बर्फबारी और बारिश सबसे बड़ी मुसीबत बनी हुई है। यात्रा शुरू होने में अब सिर्फ 11 दिन शेष हैं। इस समय में यात्रा की सभी तैयारियां पूरी करने के साथ ही यात्रा मार्ग खोलना बड़ी चुनौती बना हुआ है। लगातार हो रही बर्फबारी से यमुनोत्री, केदारनाथ और हेमकुंड साहिब में कई फुट बर्फ जम चुकी है। गंगोत्री और बदरीनाथ में भी बर्फबारी एक बड़ी दिक्कत गई है। इस पर लगातार हो रही बारिश से बर्फ हटाने से लेकर अन्य निर्माण कार्य बाधित हो रहे हैं। जीएमवीएन समेत अन्य एजेंसियों के टैंट लगाने का काम बाधित होता है। टैंट ही बर्फ में दब जाते हैं।
बदरीनाथ धाम के पैदल मार्ग नहीं हुए सही
बदरीनाथ मंदिर तक जाने वाले पैदल मार्ग अभी सही नहीं हो पाए हैं। होटल संचालक मेंटनेंस का काम नहीं कर पा रहे हैं। साफ सफाई, रंग रोगन में दिक्कत हो रही है। अग्रिम दल भी काम शुरू नहीं कर पाया है। मास्टर प्लान निर्माण की कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर विनीत चौधरी ने बताया मंदिर तक जाने वाले मुख्य मार्गों को 15 अप्रैल तक सही कर लिया जाएगा। डीएम गौरव कुमार ने बिजली, पानी, संचार व्यवस्था के निर्देश दिए।
गंगोत्री, यमुनोत्री की तैयारियां भी बाधित
बारिश-बर्फबारी से गंगोत्री, यमुनोत्री धाम में भी यात्रा तैयारियां प्रभावित हो रही हैं। बारिश, बर्फवारी से यहां ठंड बढ़ गई है। इससे निर्माण कार्यों की गति धीमी पड़ गई है। बाढ़ सुरक्षा, घाट निर्माण कार्य सहित विद्युत लाईनों को सही करने में दिक्कतें आ रही हैं। यमुनोत्री धाम में क्षतिग्रस्त स्नान घाटों के पुनर्निर्माण, चेंजिंग रूम और धाम को जोड़ने वाले पुल निर्माण के काम प्रभावित हो रहे हैं। गंगोत्री में भी बिजली बाढ़ सुरक्षा के कामों पर असर पड़ रहा है। गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने बताया कि बाढ़ सुरक्षा कार्यों सहित घाटों की मरम्मत, बिजली लाइनों को ठीक करने का काम चल रहा है।

केदारनाथ धाम में बर्फ हटाने में छूट रहे पसीने
केदारनाथ में मंदिर परिसर, रास्तों में बर्फ हटाने में दिक्कत हो रही है। गुप्तकाशी में पैदल मार्ग से बर्फ हटाने का काम चल रहा है। बर्फवारी से लगातार दिक्कत बढ़ रही है। मजदूरों को काम करने में विशेष तौर पर दिक्कत हो रही है। यहां पाइप लाइन बर्फ में दब चुकी हैं। लाइनें ध्वस्त हैं। इससे पेयजल आपूर्ति ठप है। संचार सिस्टम ठप है। बिजली लाइनें भी बाधित है। इन लाइनों को ठीक करने में भी दिक्कत हो रही है। घोड़े खच्चरों के माध्यम से सामान ढुलाई में भी दिक्कत बनी हुई है।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन