देहरादून में यूरोप जैसी शुद्ध हवा, AQI पहुंचा 8; जानें- कैसे हुआ मुमकिन
Dehradun AQI: देहरादून की आबोहवा यूरोप जैसी शुद्ध हो गई है। 6 मई को शहर का एक्यूआई 8 दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह बारिश के कारण मुमकिन हुआ है।

Dehradun AQI: बारिश की वजह से देहरादून की आबोहवा यूरोप जैसी शुद्ध हो गई है। बीते बुधवार को शहर का औसत एक्यूआई आठ दर्ज किया गया, जो मई के पहले सप्ताह में पिछले पांच साल में सबसे कम है। इसकी सबसे बड़ी वजह लगातार हो रही बारिश को माना जा रहा है। मौसम विभाग ने देहरादून समेत पूरे उत्तराखंड में 13 मई तक ऐसे ही मौसम की भविष्यवाणी की है। बारिश-ओलावृष्टि और तेज हवाओं का दौर जारी रहेगा।
अमूमन मई के पहले सप्ताह में देहरादून में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के आसपास होता है। तेज हवाएं चलने के कारण धूल-मिट्टी भी उड़ती है। इस वजह से हवा में बड़े धूलकण काफी मात्रा में होते हैं। जो एयर क्वालिटी इंडेक्श को 50 से सौ के बीच रखते हैं। कई बार तो एक्यूआई दो सौ तक पहुंच जाता है।
इस साल रुक-रुककर हो रही बारिश
इस साल करीब दस दिन से रुक-रुक कर बारिश की वजह से तापमान 30 से 34 के आसपास रहा है। जिससे धूल मिट्टी के जो भी कण हैं वो कंडेंस होकर बड़े हो रहे हैं और नमी से भारी होकर जमीन पर आ रहे हैं। इसके अलावा बारिश की वजह से निर्माण कार्यों से धूल-मिट्टी भी नहीं उड़ रही। इस कारण हवा में धूल कण नहीं जाने से एक्यूआई आठ तक आ गया है। बुधवार को पूरा दिन एक्यूआई आठ से नीचे ही रहा।
यूरोप में 15 से ऊपर खराब होता है एक्यूआई
यूरोप के ज्यादातर देशों में मौसम सुहाना रहता है। वहां लगभग हर दिन बारिश होती है या अक्सर बर्फबारी होती है। जिस कारण वहां हवा में रहने वाले धूल मिट्टी के कण धुल जाते हैं। जबकि वहां साफ सफाई का लेबल काफी उच्च है। जिस कारण वहां धूल मिट्टी नहीं उड़ती। इसी वजह से वहां डब्ल्यूएचओ वहां 15 के बाद ही वायु गुणवत्ता खराब मानी जाती है। भारत सहित अन्य एशियाई देशों में 50 से ऊपर हवा खराब मानी जाती है।
दून विवि में पर्यावरण विभाग के एचओडी डॉ. विजय श्रीधर का कहना है कि मई में बारिश हो जाने के कारण एक्यूआई कम ही रहता है। लेकिन इस बार बारिश की अवधि ज्यादा लंबी होने से हवा बेहद साफ है। बुधवार को एक्यूआई आठ के आसपास था।
11 मई से मौसम फिर बदलेगा
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर के अनुसार 8 से 10 मई के बीच उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। हालांकि मैदानी क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने की संभावना है। वहीं 11 से 13 मई के दौरान पूरे प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश का दौर फिर शुरू हो सकता है। मौसम वैज्ञानिक रोहित थपलियाल ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ और वातावरण में मौजूद नमी के कारण लगातार बारिश हो रही है, जिससे तापमान में गिरावट बनी हुई है। उन्होंने कहा कि 11 मई से एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिसके चलते प्रदेश में मौसम फिर करवट ले सकता है।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन