विक्रम हत्याकांड को अंजाम देकर आसानी से भागे बदमाश, सुपारी किलरों के लिए सॉफ्ट टारगेट बना देहरादून
शुक्रवार सुबह सवा दस बजे हुए विक्रम हत्याकांड में भी सुपारी किलर बाहर से आए और वारदात को अंजाम देकर ओझल हो गए। यह ट्रेंड बताता है कि दून की सीमाओं पर पुलिस की चौकसी महज दिखावा बनकर रह गई है।

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून बाहरी राज्यों के अपराधियों के लिए 'साफ्ट किलिंग फील्ड' बनता जा रहा है। शुक्रवार और इससे पहले बुधवार का हत्याकांड इसी ओर इशारा कर रहा है। पुलिस की शुरुआती जांच में विक्रम के कातिलों के झारखंड या किसी अन्य राज्य से होने की पूरी संभावना है। यह पैटर्न नया नहीं है। बीते बुधवार को तिब्बती मार्केट में शहीद कर्नल के बेटे अर्जुन की हत्या हुई थी। अर्जुन के हत्यारे अभी जेल भी नहीं पहुंचे थे कि शुक्रवार सुबह सवा दस बजे हुए विक्रम हत्याकांड में भी सुपारी किलर बाहर से आए और वारदात को अंजाम देकर ओझल हो गए। यह ट्रेंड बताता है कि दून की सीमाओं पर पुलिस की चौकसी महज दिखावा बनकर रह गई है।
हत्या कर पहले पैदल दौड़े, फिर बाइक से फरार
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या करने के बाद दोनों शूटर हड़बड़ाए नहीं। वे मॉल से निकलकर राजपुर की तरफ पैदल ही दौड़ गए। करीब 200 मीटर की दूरी पर एयरफोर्स कार्यालय के बाहर बने बस स्टॉप (शेल्टर) के पास उनका तीसरा साथी बाइक स्टार्ट कर खड़ा था। दोनों शूटर बाइक पर बैठे और वहां से रफूचक्कर हो गए। भागने के लिए बदमाशों ने मेन रोड की बजाय शातिर रास्ता चुना। वे राजपुर रोड से सर्वे ऑफ इंडिया के पिछले गेट की तरफ मुड़े। वहां से कैनाल रोड पकड़ी और फिर सहस्रधारा रोड इलाके की घनी आबादी और लिंक मार्गों का फायदा उठाकर गायब हो गए। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने पूरे जिले में वायरलेस सेट घनघना दिए और नाकेबंदी कर दी। हालांकि, शूटर पुलिस के जाल से निकल चुके थे।
मॉल की सीढ़ियों पर घेरकर बरसाईं गोलियां
विक्रम शर्मा की हत्या महज एक संयोग नहीं, बल्कि कई दिनों की 'मुकम्मल रेकी' और सटीक 'टाइमिंग' का नतीजा थी। हत्यारों के पास विक्रम के घर से निकलने से लेकर जिम में बिताए जाने वाले वक्त का पूरा इनपुट था। प्लान ए हत्या और प्लान बी भागने का रास्ता पहले से चुन लिया गया था। शुक्रवार सुबह जैसे ही विक्रम घर से निकला, शूटरों ने पीछा करना शुरू कर दिया।
सहस्रधारा रोड पर फेंकी बाइक, दूसरे वाहन से भागे
हत्याकांड के बाद बदमाशों ने सहस्रधारा रोड पर अपनी बाइक फेंक दी। वहां से दूसरे दोपहिया पर सवार होकर हरिद्वार तक पहुंचे। सीसीटीवी फुटेज से पुलिस को इसकी जानकारी मिली है। पुलिस अब कैमरे में दिखे आरोपियों के नए दोपहिया के जरिए यूपी में भी उनकी तलाश में जुट गई है। तीन हमलावरों की ओर से वारदात के लिए बाइक और स्कूटर हरिद्वार से किराए पर लेने की बात सामने आई है।
खून से सनी सिल्वर सिटी मॉल की सीढ़ियां
मॉल की सीढ़ियों पर जैसे ही गोली चली तो लोगों में सनसनी फैल गई। जिसमें पहुंचे लोग भी सहमकर बाहर निकल आए। विक्रम सीढ़ियों पर था तो चारों तरफ खून फैल गया था।
दून में वारदात को अंजाम देने के बाद आसानी से भाग जा रहे बदमाश
शांत वादियों के लिए मशहूर देहरादून की सड़कें अब सुबह के उजाले में खून से लाल हो रही हैं। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे अब अंधेरे का इंतजार नहीं करते। पिछले 48 घंटों में हुई दूसरी सुपारी किलिंग ने दून पुलिस की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। कानून का डर इस कदर खत्म हो चुका है कि पिछले 16 दिनों में जिले में पांचवीं हत्या हो चुकी है।
दून में हालिया हत्याओं का क्राइम ग्राफ एक डरावने पैटर्न की ओर इशारा कर रहा है। 16 दिन में हुई पांच वारदातों में से चार को सुबह 11 बजे से पहले अंजाम दिया गया है। चाहे तिब्बती मार्केट में शहीद कर्नल के बेटे अर्जुन की हत्या हो या अब राजपुर रोड पर गैंगस्टर विक्रम का कत्ल, दोनों ही वारदातों के लिए सुबह का वक्त चुना गया। यह वह समय होता है शहर अपनी गति पकड़ रहा होता है। लोग कामकाज के लिए घरों से निकलते हैं। इस दौरान हत्या जैसी सूचना सनसनी बना देती है। ताजा वारदातों ने मॉर्निंग वॉकर्स और जिम जाने वालों के जहन में खौफ भर दिया है।
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