Vikram was a notorious gangster from Jharkhand killed in Dehradun देहरादून में मारा गया विक्रम था झारखंड का था कुख्यात गैंगस्टर, जमशेदपुर में दर्ज हैं 8 मुकदमे, Jharkhand Hindi News - Hindustan
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देहरादून में मारा गया विक्रम था झारखंड का था कुख्यात गैंगस्टर, जमशेदपुर में दर्ज हैं 8 मुकदमे

देहरादून के पॉश इलाके राजपुर रोड पर स्थित मॉल में घुसकर शूटरों ने शुक्रवार को जमशेदपुर के गैंगस्टर विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी। सुबह करीब सवा दस बजे सिल्वर सिटी मॉल में जिम से बाहर निकलते वक्त बाइक सवार तीन शूटरों ने विक्रम शर्मा को तीन गोलियां मारीं और फरार हो गए। 

Sat, 14 Feb 2026 08:44 AMSubodh Kumar Mishra लाइव हिन्दुस्तान, हिन्दुस्तान/जमशेदपुर
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देहरादून में मारा गया विक्रम था झारखंड का था कुख्यात गैंगस्टर, जमशेदपुर में दर्ज हैं 8 मुकदमे

देहरादून के पॉश इलाके राजपुर रोड पर स्थित मॉल में घुसकर शूटरों ने शुक्रवार को जमशेदपुर के गैंगस्टर विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी। सुबह करीब सवा दस बजे सिल्वर सिटी मॉल में जिम से बाहर निकलते वक्त बाइक सवार तीन शूटरों ने विक्रम शर्मा को तीन गोलियां मारीं और फरार हो गए। पुलिस वारदात की मुख्य वजह रंजिश मान रही है। जमशेदपुर में विक्रम के खिलाफ सात मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें वह या तो बरी हो चुका था या जमानत पर था। वह कुख्यात अपराधी अखिलेश सिंह का गुरु था।

मोस्ट वांटेड रहा विक्रम दो दशक से देहरादून में रह रहा था। सहस्रधारा रोड स्थित ग्रीन व्यू में उसका शानदार फ्लैट है। काशीपुर में स्टोन क्रशर उसका मुख्य कारोबार था, जबकि रियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन में भी उसकी मोटी पूंजी लगी थी।

पुरानी रंजिश में हत्या की आशंका

विक्रम मौके पर ही गिर गया। हमला इतनी तेजी से हुआ कि उसे कमर पर लगी अपनी पिस्टल पर हाथ लगाने तक का मौका नहीं मिला। घटना की सूचना मिलते ही आईजी रेंज राजीव स्वरूप, एसएसपी अजय सिंह, एसएसपी एसटीएफ नवनीत भुल्लर समेत भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।

आईजी गढ़वाल रेंज राजीव स्वरूप ने कहा कि विक्रम शर्मा झारखंड के जमशेदपुर का कुख्यात अपराधी था। पुरानी रंजिश में हत्या की आशंका है। जमशेदपुर पुलिस से संपर्क साधा गया है। साथ ही एक टीम भी जमशेदपुर भेजी गई है। जल्द ही हत्यारोपी और हत्या की वजह का खुलासा किया जाएगा।

कई मामले दर्ज

कुख्यात विक्रम शर्मा का नाम जमशेदपुर की अदालत में दर्ज 8 आपराधिक मामलों में सामने आया था। इनमें चर्चित हत्याकांड, फायरिंग, कोर्ट परिसर में नारेबाजी और फरारी से जुड़े मामले शामिल हैं। कई मामलों में उस पर आरोप तय हुए, मुकदमा चला और बाद में वह साक्ष्य के अभाव में बरी हो गया।

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श्रीलेदर्स के मालिक की हत्या में नाम आया

सबसे बड़ा और चर्चित मामला 2 नवंबर 2007 को साकची स्थित श्रीलेदर्स के मालिक आशीष डे की हत्या का था। आमबगान मैदान के पास दिनदहाड़े गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले में विक्रम शर्मा का नाम सामने आया। आरोप था कि उसने शूटरों को बैकअप उपलब्ध कराया और घटना के बाद भागने का रास्ता सुनिश्चित किया। हत्या के बाद वह फरार हो गया था, जिसके चलते अदालत ने उसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी किया था।

दूसरा बड़ा मामला टाटा स्टील के सुरक्षा प्रमुख जयराम सिंह की हत्या से जुड़ा था। चार अक्तूबर 2008 को बिष्टूपुर थाना क्षेत्र के बागे जमशेदपुर के पास उन्हें गोली मारी गई थी। उन्हें टीएमएच में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी मनोरंजन को नवंबर 2008 में जेल भेजा था। मामले में विक्रम शर्मा को भी आरोपी बनाया गया।

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कराटे के सेंसेई से अखिलेश सिंह का गुरु बना

1992 में सिदगोड़ा के सिनेमा दीवार मैदान में जूडो-कराटे प्रशिक्षण देने वाले विक्रम शर्मा की मुलाकात अखिलेश सिंह से हुई, जो तत्कालीन पुलिस हवलदार चन्द्रगुप्त सिंह के पुत्र थे। पुलिस परिवार से ताल्लुक होने के कारण अखिलेश को प्रशिक्षण में कोई बाधा नहीं आई। नियमित अभ्यास, प्रतियोगिताओं की तैयारी और युवाओं के समूह में सक्रिय भागीदारी ने दोनों के बीच घनिष्ठता बढ़ाई।

इसी दौरान उनकी दोस्ती गहरी हुई, जिसे उस समय कोई गंभीरता से नहीं देख सका। यह प्रारंभिक नजदीकी भविष्य में शहर के आपराधिक इतिहास से जुड़ी उनके रिश्ते की नींव साबित हुई। ट्रांसपोर्ट का नाम गुलशन रोडवेज रखा गया। इसमें और भी कई पार्टनर थे। प्रारंभ में यह साझेदारी सामान्य कारोबारी संबंधों की तरह थी, लेकिन धीरे-धीरे यह संबंध गहरे होते गए।