3 दिन बाद चारधाम यात्रा, आपदा से बचाएंगे ये 48 पड़ाव; फोटो-वीडियो पर पाबंदी
Chardham Yatra 2026: 19 अप्रैल से चारधाम यात्रा शुरू होने वाली है। इससे पहले पुलिस-प्रशासन की तैयारी मुस्तैद है। अधिकारियों ने बताया कि इस साल यात्रा में आपदा से बचाने के लिए 48 पड़ाव बनाए गए हैं। धामों पर फोटो और वीडियो ग्राफी बैन होगी।

Chardham Yatra 2026: चारधाम यात्रा के दौरान आपदा, भूस्खलन या मौसम खराब होने की स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा को यात्रा रूट पर 48 पड़ाव (हाॅल्टिंग प्वाइंट) बनाए गए हैं। पुलिस-प्रशासन द्वारा की गई इस व्यवस्था के तहत इन पड़ावों पर एक साथ 1.18 लाख लोग रुक सकेंगे।
डीजीपी दीपम सेठ ने बताया कि चारधाम यात्रा को लेकर बीते वर्षों की सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक प्लान का अध्ययन करते हुए इस बार बेहतर प्लान बनाया गया है। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को कई अहम कदम उठाए गए हैं। इस क्रम में यात्रा मार्ग के भूस्खलन व आपदा संभावित 80 स्थानों पर बचाव टीमें पहले से तैनात रहेंगी। आपदा बचाव टीमों में प्रशिक्षित कर्मचारी के साथ जेसीबी, जेनरेटर आदि शामिल होगा।
डीजीपी सेठ ने बताया कि बॉटल नेक और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में यातायात पुलिस की अतिरिक्त ड्यूटी लगाई गई है। एसडीआरएफ की 37 पोस्ट अलग होंगी। यात्रा की पल-पल की मॉनिटरिंग को रूट से लेकर धामों के परिसर तक 1200 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के जरिए दून में स्थापित हाईटेक कंट्रोल रूम से 24 घंटे निगरानी की जाएगी।
फोटो-वीडियो पर पाबंदी
धामों में कुछ श्रद्धालुओं द्वारा फोटो खींचने-रील बनाने से अव्यवस्था पैदा हो जाती है। इस पर रोक लगाने के लिए पुलिस-प्रशासन ने कड़ा फैसला लिया है। इसके तहत धामों के परिसर में श्रद्धालुओं के फोटो खींचने और वीडियो बनाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा।
यात्रा के 48 पड़ाव
चारधाम यात्रा के लिए विभिन्न जिलों में 48 यात्री पड़ावों की क्षमता तय कर दी गई है। उत्तरकाशी में 18 पड़ाव बनाए गए हैं, जहां कुल 23,450 यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था है। रुद्रप्रयाग में 15 पड़ावों के साथ सबसे अधिक 70,770 यात्रियों की क्षमता रखी गई है। चमोली में 4 पड़ावों पर 12,000, जबकि पौड़ी में 3 पड़ावों पर भी 12,000 यात्रियों के ठहरने की सुविधा होगी। हरिद्वार में 2 पड़ावों पर 5,000 यात्रियों की व्यवस्था की गई है। देहरादून में 5 पड़ावों के जरिए 1,700 यात्रियों को ठहराया जा सकेगा, वहीं टिहरी में 1 पड़ाव पर 200 यात्रियों की क्षमता तय की गई है।
तीर्थयात्रियों को चाय-नाश्ता और भोजन मुफ्त मिलेगा
चारधाम यात्रा के दौरान रजिस्ट्रेशन के लिए ऋषिकेश ट्रांजिट केंद्र पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों को मुफ्त में चाय-नाश्ता और भोजना मिलेगा। यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रांजिट केंद्र में स्थापित इंटीग्रेटेड कंट्रोल 24 घंटे संचालित होगा। दिन-रात यात्रियों को मेडिकल सेवा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
बुधवार को ऋषिकेश ट्रांजिट केंद्र में चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की डीएम सविन बंसल ने समीक्षा की। उन्होंने व्यवस्थाओं का फीडबैक भी लिया। डीएम ने जरूरत पड़ने पर ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन काउंटर बढ़ाने के भी निर्देश दिए। रजिस्ट्रेशन से जुड़ी निजी एजेंसी को आश्रम-धर्मशाला और सरायों में ठहरे यात्रियों के पास जाकर 25 टीमों को दिन, तो पांच टीमों को रात से लेकर तड़के तक यात्रियों का रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करने को कहा।
चार दिन में सड़क की मरम्मत का अल्टीमेटम
चारधाम यात्रा रूट हरिद्वार बाईपास मार्ग की बदहाली पर डीएम बिफर गए। उन्होंने मार्ग स्थित गौरा देवी चौक के आसपास सीवर लाइन की खुदाई के बाद जर्जर सड़क की मरम्मत नहीं हापर नाराजगी जाहिर की। पेयजल निगम निगम को 19 अप्रैल तक मार्ग की मरम्मत भी सुनिश्चित करने को निर्देशित किया।
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