19 अप्रैल से चारधाम यात्रा, 15 से केदारनाथ हेली टिकट; आपदा में काम आएंगी ये सहायक सड़कें
19 अप्रैल से चार धाम यात्रा शुरू हो रही है। केदारनाथ हेली सेवा के लिए ऑनलाइन बुकिंग 15 अप्रैल से शुरू होगी। सरकार आपदा के लिए सहायक रूट भी तैयार कर रही है।

Chardham Yatra 2026: केदारनाथ के लिए हेली सेवा की ऑनलाइन बुकिंग 15 अप्रैल की शाम छह बजे से शुरू होगी। पहले इसके लिए 11 अप्रैल की तिथि तय थी पर तकनीकी कारणों से इसमें बदलाव करना पड़ा। इसके अलावा चारधाम यात्रा की अवधि को एक बड़ा हिस्सा मानसून से होकर गुजरता है। इस दौरान बारिश की वजह भूस्खलन से कई बार मुख्य मार्ग बंद हो जाते हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए सरकार अभी से इंतजाम कर रही है।
केदारनाथ धाम के लिए हेली सेवा के पहले चरण में 22 अप्रैल से 15 जून तक के लिए टिकट बुक होंगे। इस बार 90% टिकटों की बुकिंग ऑनलाइन व 10% की बुकिंग ऑफलाइन होगी। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा)के सीईओ आशीष चौहान ने श्रद्धालुओं से अपील की कि हेली सेवा की टिकट बुकिंग आईआरसीटीसी की वेबसाइट heliyatra.irctc.co.in से ही करें।
मानसून के समय सहायक सड़कें बनेंगी सहारा
आपके पास चारधाम मुख्य मार्ग के अलावा कई अन्य सहायक सड़कों के जरिए भी धामों तक पहुंचने का विकल्प है। मुख्य रूट से जुड़ी इन छोटी छोटी दूरी की वैकल्पिक सड़कों के जरिए भी आसानी से अपनी मंजिल तक पहुंच सकते हैं। अब जरूरत इन सभी वैकल्पिक मार्गों केा समय रहते दुरुस्त करने की है। इन सड़कों के जरिए आप न केवल पहाड़ों की खूबसूरती का भी दीदार कर सकते हैं बल्कि चारधाम यात्रा मार्ग पर आए दिन लगने वाले जाम से भी निजात पा सकते हैं।
19 अप्रैल से चारधाम यात्रा
राज्य में 19 अप्रैल से चारधाम यात्रा शुरू हो रही है। बारिश या भूस्खलन की स्थिति में कई बार चारधाम के मुख्य मार्ग घंटों तक बाधित रहते हैं। ऐसे में तीर्थ यात्रियों के पास चारधाम के मुख्य मार्गों के अलावा अन्य सड़कों को चुनने का भी विकल्प है। इन सड़कों के जरिए सफर लंबा हो सकता है लेकिन इनमें रुकावट की गुंजाइस कम है।
आपदा में सहायक रूट ने बचाई थी हजारों जिंदगियां
2013 की केदारनाथ आपदा के समय सहायक यात्रा रूटों का महत्व सामने आ चुका है। केदारनाथ आपदा के बाद रुद्रप्रयाग गौरीकुंड हाईवे क्षतिग्रस्त हो गया था तो केदारनाथ में फंसे लोगों को गुप्तकाशी से बासुकेदार, मयाली, चिरबिटिया, घनसाली, गडोलिया, टिपरी होते हुए टिहरी से निकाला गया था।
सड़कों को यात्रा मार्ग के रूप में विकसित करने का लक्ष्य
लोक निर्माण विभाग के मंत्री सतपाल महाराज ने विभाग के अफसरों को इन सभी सड़कों को यात्रा मार्ग के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन सड़कों को काफी हद तक तैयार किया जा चुका है। लेकिन अभी इन पर और काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इनमें से कई सड़कों का विकास ऑल वेदर रोड़ की तर्ज पर करने की भी जरूरत है।
ये हैं चारधाम यात्रा में अहम सहायक सड़कें
● ऋषिकेश से रुद्रप्रयाग के बीच ऋषिकेश-खाड़ी-गजा-देवप्रयाग मोटर मार्ग,
● ऋषिकेश-चंबा-गाडोलिया- मलेथा,
● गडोलिया- घनसाली- मयाली - तिलवाड़ा सड़क
● ऋषिकेश-चंबा- नई टिहरी- बी पुरम- कोटेश्वर- टिपरी - देवप्रयाग या लछमोली सड़क।
श्रीनगर से रुद्रप्रयाग के बीच
● श्रीनगर-खिरसू-खांखरा मार्ग,
● डूंगरीपंत-तीखाल-खांखरा मार्ग,
●उत्तरकाशी से बदरी - केदार के लिए
● उत्तरकाशी-लम्बगांव-सुनहरी गाड़ - घनसाली-तिलवाडा मोटर मार्ग,
● उत्तरकाशी- लंबगांव- कोटालगांव - चमियाला - घनसाली - तिलवाड़ा मार्ग,
मयाली-बासुकेदार-गुप्तकाशी सड़क
●रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड के लिए
● भैंसगांव-पोखरी मोटर मार्ग,
● विजयनगर-पठालीधार-बसुकेदार मोटर मार्ग,
● बांसवाड़ा-बस्ती-बसुकेदार मार्ग,
गंगोत्री और यमुनोत्री के लिए
● धरासू-फूलचट्टी के तहत नौगांव-पौंटी-राजगढ़ी -राजतर मार्ग,
● दून- मसूरी-सुवाखोली-चंबा मार्ग।
● हरबर्टपुर-बड़कोट बैंड, कुंवा-कफनौल से राड़ी मोटर मार्ग
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