उत्तराखंड में क्यों हो रही नीले ड्रम की चर्चा? मेरठ और लखनऊ वाले कांड से अलग है वजह
Blue Drum Trends in Haldwani: मेरठ और लखनऊ में सनसनीखेज मर्डर के बाद नीला ड्रम बेहद चर्चा में रहा। अब हल्द्वानी में भी नीला ड्रम अचानक चर्चा में आ गया है। हालांकि यहां वजह अलग है।

कुछ समय पहले यूपी के मेरठ और लखनऊ में जघन्य हत्याकांड में नीले ड्रम की काफी चर्चा हुई। मेरठ में 28 साल की मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ पति सौरभ राजपूत की हत्या कर दी थी और फिर शरीर के टुकड़े नीले ड्रम में सीमेंट और कंक्रीट भरकर छिपा दिए थे। इसी तरह लखनऊ में भी एक कारोबारी का धड़ उनके घर से ही एक नीले ड्रम से बरामद किया गया था। पुलिस ने उनकी हत्या के मामले में उनके बेटे 21 साल के अक्षत प्रताप सिंह को गिरफ़्तार किया था। वहीं उत्तराखंड के हल्द्वानी में इन दिनों नीले रंग के ड्रम कुछ अलग ही कारणों से चर्चाओं में हैं। घरों के बाहर कतारों में सजे ये ड्रम शहर में पानी के संकट की गवाही दे रहे हैं।
शहर के ऊंचे इलाकों से लेकर मुख्य मोहल्लों तक, सुबह होते ही सड़कें पानी के बर्तनों और खाली नीले ड्रमों से पट जा रही हैं। पानी को तरसती जनता अब इन्हीं ड्रमों को लेकर टकटकी लगाए सरकारी और निजी टैंकरों का इंतजार करने को मजबूर है।
हल्द्वानी में भयंकर जल संकट
पानी की अनियमित आपूर्ति के कारण लोगों को बूंद-बूंद पानी को तरसना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा खराब स्थिति हल्द्वानी के ऊंचाई वाले क्षेत्रों की है, जो पानी न आने से पूरी तरह ‘ड्राई जोन’ में तब्दील हो चुके हैं। कई मोहल्लों में दो से तीन दिन बाद पानी की सप्लाई पहुंच रही है। टैंकर पहुंचते ही पानी भरने को भीड़ उमड़ पड़ती है। पेयजल संकट से बड़े ड्रम, टंकियां और पानी जमा करने वाले बर्तनों की मांग भी बढ़ गई है। जरूरतें पूरी करने के लिए लोग पानी इकट्ठा करने को मजबूर हैं।
बिजली आपूर्ति की सप्लाई भी ठप
बिजली आपूर्ति का लोड बढ़ने पर सप्लाई ठप हो रही है। रविवार देर रात सप्लाई लाइन का जंपर जलने से कठघरिया बिजलीघर ठप हो गया है। लाइन ठीक किए जाने तक दो घंटे उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। गर्मी के असर से बिजली की मांग बढ़ गई है। घर और प्रतिष्ठानों में लगातार बिजली के उपकरण चलने से फीडर और लाइनों में लोड बढ़ रहा है। जिससे लाइन में आग लगने के साथ ही फीडर से सप्लाई बंद हो रही है। वहीं सोमवार को दिन में बिजली की दिक्कत बनी रही। शहरी कॉलोनियों और ग्रामीण क्षेत्र में दस मिनट से आधे घंटे तक बिजली गुल होती रही। ऊर्जा निगम के ईई ग्रामीण एसके गुप्ता ने बताया कि लोड ज्यादा होने पर तकनीकी दिक्कत आ रही है। इसका समाधान कर तत्काल आपूर्ति बहाल की जा रही है।
चौफुला में नहीं शुरू हो सकी पानी की सप्लाई
चौफुला में ट्यूबवेल की मोटर ठीक होने के बाद भी पेयजल की सप्लाई नहीं शुरू हो सकी है। लगातार भूजल का दोहन होने से भूजल का स्तर कम हो गया है। जिससे ट्यूबवेल से पानी निकलना बंद हो गया है। जल संस्थान के कनिष्ठ अभियंता एमसी सती ने बताया कि आपूर्ति बहाल करने के लिए जांच की जा रही है।
मोटर खराब होने से बिगड़ी टैंकर संचालन व्यवस्था
जल संस्थान वर्तमान में 10 विभागीय और 6 अनुबंधित टैंकरों से पानी की सप्लाई का दावा कर रहा है, जो बढ़ती आबादी के आगे नाकाफी साबित हो रहे हैं। मजबूरन लोग निजी टैंकरों से पानी मंगा रहे हैं, लेकिन सोमवार को शीशमहल फिल्टर प्लांट की मोटर खराब होने से टैंकरों की फिलिंग व्यवस्था भी ठप हो गई। तिकोनिया कार्यालय में दिनभर निजी टैंकरों की लाइन लगी रही, जिसके बाद टैंकर संचालकों को ग्रामीण क्षेत्रों के ट्यूबवेलों से पानी भरना पड़ा। दमुवाढूंगा निवासी ओम प्रकाश ने बताया कि हर दिन पानी की एक-एक बूंद के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
रिपोर्ट- देवेंद्र रौतेला
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