उत्तराखंड में 3 ‘टेस्ट’ पास करने पर कांग्रेस का टिकट, जून में राहुल गांधी का दौरा
उत्तराखंड में तीन टेस्ट पास करने पर कांग्रेस चुनाव का टिकट देगी। कांग्रेस की योजना भाजपा को हैट्रिक करने से रोकना है। जून के पहले सप्ताह में राहुल गांधी का दौरा संभव है।

उत्तराखंड में अगले वर्ष होने जा रहे विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने टिकट वितरण की तैयारियां शुरू कर दी हैं। पार्टी ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि इस बार केवल दावेदारी या सिफारिश से ही टिकट नहीं मिलेगा। टिकट पाने के लिए नेताओं को तीन स्तर के ‘इम्तिहान’ से गुजरना होगा।
भाजपा की तर्ज पर कांग्रेस ने भी गोपनीय सर्वे शुरू कर दिया है। पहले चरण का सर्वे जनता के बीच पार्टी की स्थिति, सरकार के खिलाफ माहौल और प्रमुख मुद्दों को लेकर कराया जा रहा है। इसके बाद होने वाले दो सर्वे संभावित प्रत्याशियों की लोकप्रियता, पार्टी संगठन में पकड़ और जीत की संभावना पर केंद्रित होंगे।
पीसीसी चीफ की हिन्दुस्तान से खास बातचीत
प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सोमवार को ‘हिन्दुस्तान’ से बातचीत में पार्टी के त्रिस्तरीय सर्वे की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि हर राजनीतिक दल चुनाव से पहले अपनी रणनीति मजबूत करने के लिए सर्वे कराता है और प्रत्याशी चयन में इसकी अहम भूमिका रहती है। सूत्रों के अनुसार, दूसरे और तीसरे चरण के सर्वे में मौजूदा विधायक और टिकट के प्रमुख दावेदारों की जमीनी स्थिति का गोपनीय मूल्यांकन कराया जाएगा।
जून के पहले सप्ताह में राहुल गांधी का दौरा संभव
सूत्रों के अनुसार, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जून के पहले सप्ताह में उत्तराखंड आ सकते हैं। उनकी एक सभा और संवाद पौड़ी में होगा। दूसरा कार्यक्रम अल्मोड़ा में हो सकता है।
गढ़वाल की कमजोर सीटों पर खास नजर
कांग्रेस हाईकमान का सबसे ज्यादा फोकस गढ़वाल मंडल की कमजोर सीटों पर है। वर्ष 2022 के चुनाव में गढ़वाल के सात जिलों की 41 सीटों में कांग्रेस आठ जीती थी। पांच सीटें अकेले हरिद्वार से आई थीं। बाकी छह जिलों की 30 सीटों में कांग्रेस तीन ही जीती। इसके उलट कुमाऊं में प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहा, जहां 29 सीटों में कांग्रेस को 11 मिली थीं। गढ़वाल से सबक लेते हुए कांग्रेस ठोस रणनीति पर काम कर रही है। प्रदेश अध्यक्ष, चुनाव प्रबंधन समिति और चुनाव प्रचार समिति अध्यक्ष गढ़वाल क्षेत्र से बनाए जाने के पीछे यही रणनीति है।
गणेश गोदियाल का कहना है कि हर दल चुनाव से पहले अपनी तैयारी को मजबूत करने के लिए सर्वे कराता है। पार्टी के प्रत्याशी चयन में सर्वे रिपोर्ट की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। भाजपा के सर्वे की रिपोर्ट के इनपुट भी हमें मिले हैं और वे कांग्रेस के लिए काफी सकारात्मक हैं।
सत्ता में वापसी की है चुनौती
वर्ष 2027 में प्रस्तावित चुनाव में कांग्रेस के सामने सत्ता में वापसी की बड़ी चुनौती होगी। पार्टी बीते करीब 10 साल से उत्तराखंड की सत्ता से बाहर है। जबकि भाजपा तीसरी बार सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ तैयारी में जुटी है। प्रत्याशी चयन को लेकर भाजपा अब तक तीन सर्वे करवा चुकी है। लिहाजा, कांग्रेस संगठन भी पूरी तैयारी के साथ चुनाव के मैदान में उतरना चाहेगी।
रिपोर्ट- चंद्रशेखर बुड़ाकोटी
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