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उत्तराखंड में हिमस्खलन का खतरा, किन जिलों में येलो और कहां ऑरेंज अलर्ट?

उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिमस्खलन की गंभीर चेतावनी जारी की गई है। प्रशासन ने चमोली के लिए ऑरेंज अलर्ट जबकि उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। 

Sat, 24 Jan 2026 10:02 PMKrishna Bihari Singh वार्ता, देहरादून
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उत्तराखंड में हिमस्खलन का खतरा, किन जिलों में येलो और कहां ऑरेंज अलर्ट?

उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिमस्खलन की चेतावनी जारी की गई है। यह अलर्ट रविवार शाम पांच बजे तक प्रभावी रहेगा। इसके तहत उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में येलो जबकि चमोली में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अधिकारियों को 24 घंटे सतर्क रहने और बर्फबारी से बंद रास्तों और बिजली-पानी की आपूर्ति को तुरंत बहाल करने के निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने पर्यटकों को ऊंचे क्षेत्रों में नहीं जाने की सलाह दी है।

सतर्कता बरतने के निर्देश

चंडीगढ़ स्थित रक्षा भू-सूचना विज्ञान अनुसंधान संस्थान (डीजीआरई) ने शनिवार को उत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है। यह अलर्ट शनिवार शाम पांच बजे से लेकर 25 जनवरी की शाम पांच बजे तक के लिए प्रभावी रहेगा। इस खतरे को देखते हुए आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने राज्य की स्थिति की समीक्षा की है। प्रशासन ने बर्फबारी, बारिश और कोहरे के कारण राज्य के विभिन्न जिलों में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

किन जिलों में येलो और कहां ऑरेंज अलर्ट?

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार स्थिति पर नजर रखते हुए अधिकारियों से नियमित अपडेट ले रहे हैं। उन्होंने जन सुविधाओं को देखते हुए व्यवस्थाओं को जल्द सुचारू करने और अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में 2800 मीटर से ऊंचे क्षेत्रों में हिमस्खलन का येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं चमोली जिले में 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हिमस्खलन का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

संवेदनशील क्षेत्रों में आवाजाही रोकने के निर्देश

डीजीआरई के अनुसार, चमोली समेत ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ की स्थिति अस्थिर होने से हिमस्खलन का खतरा बन गया है। सचिव आपदा ने संबंधित जिलों को अलर्ट पर रखते हुए प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही रोकने के निर्देश दिए हैं। स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों को जागरूक करने के साथ किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बचाव दलों को तैयार रखने को कहा गया है।

नियमों का पालन करने की अपील

सचिव (आपदा प्रबंधन) ने पहाड़ी क्षेत्रों के यात्रियों और स्थानीय लोगों से हिमस्खलन वाले इलाकों में नहीं जाने और सरकारी नियमों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने खराब मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन से संपर्क करने को कहा है। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि बर्फबारी से बंद हुई सड़कों को जल्द से जल्द साफ किया जाए और मशीनरी को तैयार रखा जाए ताकि यातायात सुचारु बना रहे।

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बिजली-पानी की सप्लाई के लिए टीमों की तैनाती के निर्देश

सचिव (आपदा प्रबंधन) ने निर्देश दिया है कि बिजली और पानी की सप्लाई सामान्य रखने के लिए टीमें तैनात रहें ताकि जनता को परेशानी ना हो। उन्होंने कहा कि कहीं भी व्यक्ति या वाहन फंसने की खबर मिलते ही प्रशासन तुरंत बचाव कार्य शुरू करे। दूर के इलाकों में विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सचिव ने कड़ाके की ठंड और बर्फबारी के दौरान बच्चों और बुजुर्गों की सेहत और सुरक्षा का खास ध्यान रखने पर जोर दिया है।

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