83 Year Old Man Cheated in Rs 4 Crore Tender Fraud FIR Registered After a Decade 4 करोड़ के टेंडर का झांसा, 83 साल के बुजुर्ग से लाखों की ठगी; 10 साल बाद दर्ज हुआ केस, Uttarakhand Hindi News - Hindustan
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4 करोड़ के टेंडर का झांसा, 83 साल के बुजुर्ग से लाखों की ठगी; 10 साल बाद दर्ज हुआ केस

देहरादून में 83 साल के बुजुर्ग को 4 करोड़ के सरकारी टेंडर का लालच देकर लाखों की ठगी की गई। सालभर चले इस ठगी के इस खेल को दस साल हो चुके हैं। अब जाकर जनता दरबार में शिकायत के बाद केस दर्ज हो पाया।

Thu, 30 Oct 2025 01:38 PMGaurav Kala देहरादून
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4 करोड़ के टेंडर का झांसा, 83 साल के बुजुर्ग से लाखों की ठगी; 10 साल बाद दर्ज हुआ केस

देहरादून में 83 साल के बुजुर्ग और रिटायर्ड अफसर से 4 करोड़ के सरकारी टेंडर के नाम पर लाखों की ठगी हो गई। तकरीबन एक साल तक बुजुर्ग से ठगी की गई। महिला ने कंपनी का प्रतिनिधि बनकर बुजुर्ग को झांसा दिया। दस साल तक बुजुर्ग इंसाफ के लिए भटकते रहे। पीड़ित ने बीते दिनों डीएम के जनता दरबार में अपनी फरियाद रखी, तब जाकर मुकदमा दर्ज हो पाया।

ओएनजीसी के रिटायर अफसर को शिक्षा विभाग का टेंडर दिलाने का झांसा देकर 16.96 लाख रुपये ठग लिए गए। वर्ष 2014-15 में हुई ठगी में दस साल बाद मुकदमा दर्ज हुआ है। मुकदमा दर्ज कराने के लिए 83 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक लगातार चक्कर काट रहे थे। कुछ दिन पहले डीएम से मिले तो उनकी मदद से ई-एफआईआर रिपोर्ट हुई। उस पर कैंट कोतवाली पुलिस ने बुधवार को मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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वरिष्ठ नागरिक राजेंद्र प्रसाद भट्ट ने बताया कि वह ओएनजीसी में वरिष्ठ अधिकारी पद से रिटायर हैं। बताया कि वर्ष 2014-15 में राहुल निवासी किदवई गली, छज्जपुर, शाहदरा दिल्ली ने संपर्क किया। बताया कि उनके नाम पर शिक्षा के लिए जागरूकता फैलाने से जुड़ा टेंडर निकला है। राहुल और उसकी टीम में खुद को अदिति राय बताने वाली महिला ने पीड़ित को झांसे में लिया।

दिल्ली के पते पर मंगाए चेक

चार करोड़ रुपये के टेंडर की फीस के नाम पर अलग-अलग चेक दिल्ली के पते पर मंगाए गए। आरोप है कि इस तरह उनसे 16.96 लाख रुपये चेक लेकर कैश करा लिए गए। इसके बाद उन्हें न टेंडर मिला न रकम वापस नहीं मिली। पीड़ित ने कहा कि एसएसपी कार्यालय स्थित शिकायत प्रकोष्ठ में उन्होंने पिछले साल 19 जुलाई को शिकायत की। यह शिकायत जांच के लिए कैंट कोतवाली भेजी गई। उस पर कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित राजेंद्र प्रसाद भट्ट ने कहा कि वह बीते दिनों डीएम के यहां जनता दरबार में गए और अपनी परेशानी रखी। तब उन्होंने ई-एफआईआर रिपोर्ट कराने में मदद की। इसके बाद केस दर्ज किया गया। इंस्पेक्टर कैंट केसी भट्ट ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।

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