800 करोड़ के LUCC घोटाले की पूरी कहानी; मोटे मुनाफे के लालच में 1 लाख लोगों को ठगा; CBI ने 5 धरे
सीबीआई ने देशभर के अलग-अलग हिस्सों से एलयूसीसी घोटाले में पांच लोगों की गिरफ्तारी की है। 800 करोड़ के इस 'महा' घोटाले में एक लाख लोगों को ठगा गया। उन्हें मोटे मुनाफे का लालच दिया गया।

सीबीआई ने उत्तराखंड के बहुचर्चित 400 करोड़ के एलयूसीसी (लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी) चिटफंड घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए देश के अलग-अलग हिस्सों से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह मामला करीब 800 करोड़ रुपये के निवेश से जुड़ा है, जिसमें निवेशकों को मोटे मुनाफे का लालच देकर लगभग एक लाख लोगों से ठगी किए जाने का आरोप है।
लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी (एलयूसीसी) पर निवेश पर मोटे मुनाफे का लालच देकर एक लाख लोगों से ठगी का आरोप है। सीबीआई के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में सुशील गोखरू, राजेंद्र सिंह बिष्ट, तरुण कुमार मौर्य, गौरव रोहिल्ला और ममता भंडारी शामिल हैं। एजेंसी आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेगी।
हाई कोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने शुरू की जांच
अधिकारियों ने बताया कि उत्तराखंड हाईकोर्ट ने वर्ष 2025 में घोटाले से जुड़ी सभी एफआईआर की जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया था। 26 नवंबर 2025 को सीबीआई ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। इस घोटाले को लेकर प्रदेशभर में उग्र आंदोलन भी पीड़ितों ने किया था।
800 करोड़ का 'महा' घोटाला
जांच में निवेशकों द्वारा जमा की गई कुल राशि लगभग 800 करोड़ आंकी गई। हालांकि कुछ लोगों को आंशिक भुगतान किया गया, लेकिन अब तक करीब 400 करोड़ की धोखाधड़ी सामने आई है। सीबीआई जल्द मामले में चार्जशीट भी दाखिल करने वाली है।
1 लाख लोगों को ठगा
जानकारी के अनुसार, एलयूसीसी ने उत्तराखंड में तेजी से अपना नेटवर्क फैलाते हुए 35 शाखाएं खोल दी थीं। लोगों को कम समय में मोटा मुनाफा और बेहतर रिटर्न का लालच देकर करीब एक लाख निवेशकों से लगभग 800 करोड़ रुपये जमा कराए गए। लेकिन जून 2024 में अचानक प्रदेशभर की सभी शाखाओं पर ताले लटक गए और कंपनी के अधिकारी गायब हो गए। इसके बाद कोटद्वार में पहली एफआईआर दर्ज हुई। मामला बढ़ने पर छह जिलों में कुल 18 मुकदमे दर्ज किए गए और हजारों निवेशकों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन भी किया।
संपत्ति की नीलामी कर पीड़ितों को मिलेगा पैसा
आरोपियों ने ठगी की रकम से कई संपत्तियां खरीदी हैं। एजेंसी ने संपत्तियों का ब्योरा उत्तराखंड के वित्त सचिव को सौंपा है। सरकार से मांग की गई है कि इन संपत्तियों को कुर्क कर पीड़ितों को पैसा लौटाने की कार्रवाई की जाए।
मुख्य आरोपी दंपति के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर
सीबीआई ने बताया कि मामले की जांच दिन-प्रतिदिन के आधार पर की जा रही है और आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीम बनाई गई है। मामले का मुख्य आरोपी समीर अग्रवाल और उसकी पत्नी सानिया अग्रवाल विदेश फरार बताए जा रहे हैं। दोनों के खिलाफ नोटिस और लुकआउट सर्कुलर जारी किए गए हैं।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन