100 दिन के भीतर 392 जंगल धधके, उत्तराखंड में 329 हेक्टेयर वन संपदा जलकर खाक
भीषण गर्मी के बीच उत्तराखंड के पहाड़ धधक रहे हैं। 100 दिन के भीतर 392 जंगलों में आग लगी है। 329 हेक्टेयर वन संपदा जलकर खाक हो चुकी है।

उत्तराखंड के जंगलों में आग की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। पिछले 100 दिनों में राज्य के विभिन्न वनों में आग लगने की 392 घटनाएं दर्ज हुईं। इनमें अब तक कुल 329 हेक्टेयर वन क्षेत्र जलकर खाक हो चुका है, जिससे भारी वन संपदा को नुकसान पहुंचा है।
वन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, 15 फरवरी से शुरू हुए फायर सीजन के बाद से अब तक गढ़वाल मंडल के जंगलों में 284 आग की घटनाएं सामने आई हैं। वहीं, कुमाऊं मंडल में 74 मामले दर्ज हुए। इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों में आग की 34 घटनाएं हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार, जंगलों में घट रही नमी और बढ़ता तापमान आग का मुख्य कारण है। मुख्य वन संरक्षक (कुमाऊं) डॉ. तेजस्विनी पाटिल ने बताया कि पूर्व में बारिश से कुमाऊं में काफी राहत रही है। कई जगह पर जंगलों में हरी घास उग आयी है बावजूद इसके विभाग अलर्ट है। इधर मौसम विभाग ने दो दिन बाद बदलाव की संभावना जताई गई है। उम्मीद है कि पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से बारिश होगी, जिससे वनाग्नि से राहत मिलेगी।
चंपावत में वन संपदा को काफी नुकसान
चम्पावत। चम्पावत के बसान का जंगल आग की चपेट में आ गया। इससे वन संपदा को नुकसान पहुंचा। हालांकि कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। हालांकि तब तक बड़े पैमाने पर पेड़-पौधे, वनस्पति समेत अन्य संपदा जल कर राख हो चुकी थी। जंगल में लगी आग ने न सिर्फ वन संपदा को नष्ट किया, बल्कि वन्य जीवों के आशियानों को भी उजाड़ दिया। उधर, डीडीहाट में रविवार रात को छनपट्टा तोक के समीप जंगलों में आग लग गई। तेज हवाओं के कारण कुछ ही देर में विकराल हो गई।
रानीखेत: जंगलों में धधकी आग आबादी तक पहुंची
रानीखेत। क्षत्र में वनाग्नि की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। इस बार सड़ना, मजखाली, पन्याली सहित अन्य जंगलों में आग धधक उठी। बड़े हादसों को अंजाम देने से पहले ही गनीमत रही कि दमकलकर्मियों ने समय रहते आग पर काबू पा लिया।
पुलिस को सूचना मिली कि भिकियासैंण-जैनल मार्ग के सड़ना के पास घरेलू समान ले जा रहा एक लोडर रपट गया। लोडर में बैठे दो लोग सुरक्षित थे, पर जिस स्थान पर लोडर पलटा उसके नजदीक जंगल में आग धधकी हुई है। सूचना पर अग्निशमन की टीम मौके के लिए रवाना हो गई।
सीएमओ ऑफिस के पास फिर लगी आग
अल्मोड़ा में पाण्डेखोला स्थित सीएमओ दफ्तर के पास सोमवार को भी जंगल में आग धधक उठी। आसपास के लोगों ने इसकी सूचना अग्निशमन विभाग को दी।
बल्दियाखान के जंगल में उठती रहीं लपटें
नैनीताल। मनोरा रेंज के बल्दियाखान के जंगलों में लगी आग ने रविवार देर रात विकराल रूप ले लिया। सुबह शुरू हुई आग तेज हवाओं के चलते तेजी से फैलती गई और देर रात तक जंगल के कई हिस्सों में धधकती रही। पूरे क्षेत्र में धुएं का गुबार फैल गया, जबकि वन संपदा को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार बल्दियाखान क्षेत्र के समीप किसी अराजक तत्व की ओर से जंगल में आग लगाए जाने की आशंका व्यक्त की जा रही है।एसडीओ ममता चंद ने बताया कि विभागीय टीम लगातार मौके पर मौजूद रही और आग पर काबू पा लिया गया है।
सोनगांव के जंगल में लगी आग
भीमताल। भीमताल ब्लॉक के सोनगांव के जंगल में सोमवार को आग लग गई। सूचना पर पहुंचे ग्रामीण आग बुझाने में जुट गए। इसके बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों के साथ अभियान चलाया। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। ग्राम प्रधान मुकेश पलड़िया ने अराजक तत्वों ने रविवार रात जंगल में आग लगाने की आशंका जताई है।
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