गंगा में इफ्तार पार्टी करने वाले युवकों को मिली जमानत, हलफनामा दाखिल कर मांगी माफी, पूरा मामला जानें
बनारस में गंगा की बीच धारा में इफ्तार पार्टी करने और मांसाहारी भोजन कर अवशेष गंगा में फेंकने के मामले में आठ आरोपियों की जमानत मंजूर कर की है। आरोपियों की ओर से हलफनामा दाखिल कर माफी मांगी गई। हलफनामे में कहा गया कि वे अपने कृत्य के लिए शर्मिंदा है तथा भविष्य में ऐसी गलती नहीं करेंगे।

UP News: इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने रमजान के दौरान वाराणसी में गंगा नदी में एक नाव पर इफ्तार पार्टी और मांसाहार करने तथा नदी में हड्डियां फेंकने के आरोपी युवकों में से 8 को शुक्रवार को जमानत दे दी। न्यायमूर्ति राजीव लोचन शुक्ला ने आरोपियों को जमानत दी। आरोपियों की ओर से हलफनामा दाखिल कर माफी मांगी गई। हलफनामे में कहा गया कि वे अपने कृत्य के लिए शर्मिंदा है तथा भविष्य में ऐसी गलती नहीं करेंगे। इससे पूर्व, अदालत ने राज्य सरकार के वकील को जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया था।
अदालत ने अन्य आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए 18 मई की तिथि निर्धारित की है। जमानत याचिका में याचिकाकर्ताओं के वकील ने दलील दी कि उनके मुवक्किल को इस मामले में झूठा फंसाया गया है क्योंकि प्राथमिकी में वे नामजद नहीं हैं। भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष रजत जायसवाल ने 16 मार्च को वाराणसी के कोतवाली थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी जिसमें उन्होंने दावा किया था कि इस घटना से एक खास समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं।
गंगा पूरे देश में आस्था का प्रतीक
इस मामले में हाई कोर्ट का कहना था कि गंगा सिर्फ हिंदुओं ही नहीं पूरे देश की आस्था की प्रतीक हैं। हर धर्म के लोग इसका सम्मान करते हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी को भी गंगा को अपवित्र करने का अधिकार नहीं है, लेकिन आरोपियों के माफीनामे और अंडरटेकिंग को देखते हुए उन्हें जमानत दी जा रही है। अदालत ने माफीनामे को देखते हुए और भविष्य में गलती न दोहराने के आश्वासन को पर जमानत याचिका मंजूर कर की है। जमानत याचिका पर न्यायमूर्ति राजीव लोचन शुक्ल और न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की पीठों ने अलग-अलग सुनवाई की।
नाव मेंं की थी इफ्तार पार्टी, नदीं में फेंका था अपशिष्ट
दरअसल, दर्ज प्राथिमिकी के अनुसार 15 मार्च को गंगा नदी में एक नाव पर इन व्यक्तियों ने मांस खाया और अपशिष्ट गंगा नदी में फेंका। पुलिस ने पूजा स्थल को अपवित्र करने, धार्मिक भावनाएं भड़काने सहित भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करते हुए इन आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
भाजयुमो ने दी तहरीर, वीडियो से हुआ खुलासा
इस पूरी घटना का खुलासा तब हुआ जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल होने लगा। वीडियो में कुछ लोग गंगा के बीच नाव पर बैठकर इफ्तार करते और मांसाहार का सेवन करते दिखाई दे रहे थे। वीडियो का संज्ञान लेते हुए भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के महानगर अध्यक्ष रजत जायसवाल नेकोतवाली थाने में लिखित तहरीर दी थी।




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